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35 बिल्डरों की रेरा संबंधी फाइलें शासन ने लौटाई
Updated Fri, 06 Jul 2018 02:28 AM IST
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मेरठ। रेरा संबंधी मामलों की सुनवाई में वीसी एमडीए द्वारा लिए गए 35 निर्णयों की फाइलों को शासन ने लौटा दिया है। शासन ने कहा है कि वीसी द्वारा लिए गए निर्णय तो सही हैं। लेकिन दंड ब्याज की दर ज्यादा है। इसे परिवर्तित किया जाए।
बृहस्पतिवार को वीसी साहब सिंह ने एमडीए सभागार में रेरा के मामलों की सुनवाई की। इस मौके पर उन प्रकरणों पर भी मंथन हुआ, जिन्हें शासन ने लौटाया है। दरअसल, समय से कब्जा न देने के मामले में आवंटियों ने रेरा में शिकायत की थी। इसकी वीसी ने सुनवाई की और संबंधित बिल्डर पर दंड लगा दिया। इस पेनाल्टी की दर वही रखी गई जो बिल्डर देर से पैसा जमा करने पर आवंटियों पर लगाते हैं।
इन निर्णयों को शासन को भेजा गया है। लेकिन 35 मामलाें की फाइल शासन ने वापस कर दी। शासन ने निर्देश दिया है कि या तो ऐसे मामलों में आवंटी और बिल्डरों के बीच समझौता हो जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो बिल्डर पर बैंक ब्याज दर से एक प्रतिशत ज्यादा की दर पर ही ब्याज लगाया जाए। ऐसे में इन दरों को संशोधित किया जाए।
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खास बातें:
- वीसी ने किया था दंड का निर्णय
- शासन ने कहा दंड तो स्वीकृत, पर दंड की दरें परिवर्तित
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बृहस्पतिवार को वीसी साहब सिंह ने एमडीए सभागार में रेरा के मामलों की सुनवाई की। इस मौके पर उन प्रकरणों पर भी मंथन हुआ, जिन्हें शासन ने लौटाया है। दरअसल, समय से कब्जा न देने के मामले में आवंटियों ने रेरा में शिकायत की थी। इसकी वीसी ने सुनवाई की और संबंधित बिल्डर पर दंड लगा दिया। इस पेनाल्टी की दर वही रखी गई जो बिल्डर देर से पैसा जमा करने पर आवंटियों पर लगाते हैं।
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इन निर्णयों को शासन को भेजा गया है। लेकिन 35 मामलाें की फाइल शासन ने वापस कर दी। शासन ने निर्देश दिया है कि या तो ऐसे मामलों में आवंटी और बिल्डरों के बीच समझौता हो जाए। यदि ऐसा नहीं होता है तो बिल्डर पर बैंक ब्याज दर से एक प्रतिशत ज्यादा की दर पर ही ब्याज लगाया जाए। ऐसे में इन दरों को संशोधित किया जाए।
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खास बातें:
- वीसी ने किया था दंड का निर्णय
- शासन ने कहा दंड तो स्वीकृत, पर दंड की दरें परिवर्तित