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पुलिस को सॉफ्ट स्किल की जरूरत
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:56 AM IST
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अच्छे व्यक्ति की पहचान है मुस्कराहट
गंगानगर। गंगानगर स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में शनिवार को पुलिस विभाग की सॉफ्ट स्किल्स पर वर्कशाप का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली से आए स्किल डेवलेपमेंट एक्सपर्ट ने जिले भर से आए पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल, आत्म जागरूकता, सामाजिक जागरूकता के बारे में बताया।
दिल्ली से आए स्किल डेवलेपमेंट एक्सपर्ट रमेश शर्मा का एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एसपी देहात राजेश कुमार ने स्वागत किया। एक्सपर्ट रमेश कुमार ने कहा कि एक स्माइल से आप सामने वाले को खुश और अपने दुश्मन को दुखी कर सकते हैं। एक अच्छे व्यक्ति की पहचान है कि उसके चहरे पर मुस्कराहट बनी रहे। आईक्यू और ईक्यू के बारे में अंतर बताते हुए कहा कि आईक्यू अपनी समझ को सही जगह पर लागू करने की कला है वहीं ईक्यू इंसानियत की तरफ लेकर जाता है। बिना तनाव के मनुष्य आलसी बन जाता है, परंतु तनाव को अपने कार्य के अनुसार संतुलन बनाना आपको आना चाहिए। इस मौके पर पुलिसकर्मियों को एक शॉर्ट फिल्म दिखाई गई। बताया कि पुलिस कर्मियों में उनकी जीवनशैली के चलते साइकोसोमेटिक डिसीज के लक्षण देखने को मिलते है। जो मात्र उनके सोच के कारण हैं। पुलिसकर्मियों को सलाह देते हुए कहा कि थाने में अपनी परेशानी लेकर आने वाले व्यक्ति से आप संवेगात्मक बुद्धिमत्ता से मिलेंगे तो उसकी आधी परेशानी हल हो जाएगी।
इस दौरान एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि अपने कामों से हम नकारात्मक मानसिकता पैदा कर लेते हैं। वहीं पल्लवपुरम थाने के सिपाही साजिद, विनोद कुमार और ट्रैफिक पुलिस में कांस्टेबल पूनम ने अपने विचार व्यक्त किए। कांस्टेबल पूनम ने पुलिसकर्मियों से अपनी जीवनशैली में गाली या अभद्र भाषा का प्रयोग न करने का आग्रह किया। इस दौरान एसपी क्राइम शिवराम यादव सहित 400 पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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कॉप्स ऑफ द मंथ चुना गया
कार्यक्रम के दौरान 47 पुलिसकर्मियों को कॉप्स ऑफ द मंथ चुना गया। एएसपी सतपाल सिंह को महिला खिलाड़ी पर तेजाब फेंकने के खुलासे के लिए सम्मानित किया गया। वहीं एसओ सरूरपुर धर्मेंद्र सिंह को पचास हजारी सुजीत जाट का एनकाउंटर करने और कॉस्टेबल बृजेश कुमार को आईजीआरएस में सौ प्रतिशत अच्छे कार्य के लिए एसएसपी ने सम्मानित किया।
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गंगानगर। गंगानगर स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में शनिवार को पुलिस विभाग की सॉफ्ट स्किल्स पर वर्कशाप का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली से आए स्किल डेवलेपमेंट एक्सपर्ट ने जिले भर से आए पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल, आत्म जागरूकता, सामाजिक जागरूकता के बारे में बताया।
दिल्ली से आए स्किल डेवलेपमेंट एक्सपर्ट रमेश शर्मा का एसएसपी मंजिल सैनी, एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एसपी देहात राजेश कुमार ने स्वागत किया। एक्सपर्ट रमेश कुमार ने कहा कि एक स्माइल से आप सामने वाले को खुश और अपने दुश्मन को दुखी कर सकते हैं। एक अच्छे व्यक्ति की पहचान है कि उसके चहरे पर मुस्कराहट बनी रहे। आईक्यू और ईक्यू के बारे में अंतर बताते हुए कहा कि आईक्यू अपनी समझ को सही जगह पर लागू करने की कला है वहीं ईक्यू इंसानियत की तरफ लेकर जाता है। बिना तनाव के मनुष्य आलसी बन जाता है, परंतु तनाव को अपने कार्य के अनुसार संतुलन बनाना आपको आना चाहिए। इस मौके पर पुलिसकर्मियों को एक शॉर्ट फिल्म दिखाई गई। बताया कि पुलिस कर्मियों में उनकी जीवनशैली के चलते साइकोसोमेटिक डिसीज के लक्षण देखने को मिलते है। जो मात्र उनके सोच के कारण हैं। पुलिसकर्मियों को सलाह देते हुए कहा कि थाने में अपनी परेशानी लेकर आने वाले व्यक्ति से आप संवेगात्मक बुद्धिमत्ता से मिलेंगे तो उसकी आधी परेशानी हल हो जाएगी।
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इस दौरान एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा कि अपने कामों से हम नकारात्मक मानसिकता पैदा कर लेते हैं। वहीं पल्लवपुरम थाने के सिपाही साजिद, विनोद कुमार और ट्रैफिक पुलिस में कांस्टेबल पूनम ने अपने विचार व्यक्त किए। कांस्टेबल पूनम ने पुलिसकर्मियों से अपनी जीवनशैली में गाली या अभद्र भाषा का प्रयोग न करने का आग्रह किया। इस दौरान एसपी क्राइम शिवराम यादव सहित 400 पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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कॉप्स ऑफ द मंथ चुना गया
कार्यक्रम के दौरान 47 पुलिसकर्मियों को कॉप्स ऑफ द मंथ चुना गया। एएसपी सतपाल सिंह को महिला खिलाड़ी पर तेजाब फेंकने के खुलासे के लिए सम्मानित किया गया। वहीं एसओ सरूरपुर धर्मेंद्र सिंह को पचास हजारी सुजीत जाट का एनकाउंटर करने और कॉस्टेबल बृजेश कुमार को आईजीआरएस में सौ प्रतिशत अच्छे कार्य के लिए एसएसपी ने सम्मानित किया।