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कक्ष निरीक्षकों का रहेगा संक
Updated Tue, 06 Feb 2018 02:36 AM IST
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मेरठ। वित्तविहीन शिक्षकों के परीक्षा कार्य से बहिष्कार करने के कारण कक्ष निरीक्षकों का संकट पैदा हो गया है। जिले में 3792 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें से 812 वित्तविहीन हैं। इसे लेकर सोमवार को दिनभर संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय गहमागहमी रही। हालांकि संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि इनकी भरपाई के लिए प्राइमरी के करीब 1500 शिक्षकों की मदद ली जाएगी। इनकी ड्यूटी भी लगा दी गई है।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने परीक्षा और मूल्यांकन ड्यूटी नहीं करने का एलान किया हुआ है। वे मानदेय बंद किए जाने का विरोध जता रहे हैं। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों का अकारण मानदेय बंद करने के विरोध में छह फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान पठन पाठन किया जाएगा, लेकिन इसके अलावा सरकार के किसी भी कार्य में सहयोग नहीं किया जाएगा। न तो परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी करेंगे और न ही फर्नीचर देंगे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा का पारिश्रमिक प्रति पाली 36 रुपये है, जो बेहद कम है। वह भी कई वर्षों से भुगतान नहीं किया गया है। वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा सुरक्षायुक्त नियमावली पर बार-बार झूठा आश्वासन दिया जा रहा है।
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बेफिक्र होकर दें परीक्षा, टेंशन न लें विद्यार्थी
बोर्ड की परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में तनाव रहता है। परीक्षा की तैयारी होने के बाद भी मन में डर सा रहता है। लेकिन मनोचिकित्सकों का कहना है कि अगर बेफिक्र होकर परीक्षा दें तो अच्छे अंक पा सकते हैं। मनोचिकित्सक डॉ. रवि राणा का कहना है कि एग्जाम में बैठने से पहले घबरना नहीं चाहिए। शांत मन से और बेफिक्र होकर परीक्षा देनी चाहिए। सेहत और अच्छे अंक लाने के लिए तनाव से मुक्ति जरूरी है।
परीक्षा का समय
पहली पाली : सुबह 7:30 से 10:45 बजे
गृहविज्ञान (हाईस्कूल), हिंदी (12वीं)
दूसरी पाली: दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक
सामान्य हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र (12वीं)
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने परीक्षा और मूल्यांकन ड्यूटी नहीं करने का एलान किया हुआ है। वे मानदेय बंद किए जाने का विरोध जता रहे हैं। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षकों का अकारण मानदेय बंद करने के विरोध में छह फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान पठन पाठन किया जाएगा, लेकिन इसके अलावा सरकार के किसी भी कार्य में सहयोग नहीं किया जाएगा। न तो परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी करेंगे और न ही फर्नीचर देंगे।
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उन्होंने कहा कि परीक्षा का पारिश्रमिक प्रति पाली 36 रुपये है, जो बेहद कम है। वह भी कई वर्षों से भुगतान नहीं किया गया है। वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा सुरक्षायुक्त नियमावली पर बार-बार झूठा आश्वासन दिया जा रहा है।
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बेफिक्र होकर दें परीक्षा, टेंशन न लें विद्यार्थी
बोर्ड की परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में तनाव रहता है। परीक्षा की तैयारी होने के बाद भी मन में डर सा रहता है। लेकिन मनोचिकित्सकों का कहना है कि अगर बेफिक्र होकर परीक्षा दें तो अच्छे अंक पा सकते हैं। मनोचिकित्सक डॉ. रवि राणा का कहना है कि एग्जाम में बैठने से पहले घबरना नहीं चाहिए। शांत मन से और बेफिक्र होकर परीक्षा देनी चाहिए। सेहत और अच्छे अंक लाने के लिए तनाव से मुक्ति जरूरी है।
परीक्षा का समय
पहली पाली : सुबह 7:30 से 10:45 बजे
गृहविज्ञान (हाईस्कूल), हिंदी (12वीं)
दूसरी पाली: दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक
सामान्य हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र (12वीं)