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नहीं मिली सरकारी एंबूलेंस, तीन घंटे अस्पताल में रखा रहा शव

Tue, 19 Dec 2017 02:33 AM IST
Updated Tue, 19 Dec 2017 02:33 AM IST
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नहीं मिली सरकारी एंबूलेंस, तीन घंटे अस्पताल में रखा रहा शव
नहीं मिली सरकारी एंबुलेंस, तीन घंटे रखा रहा शव
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कंकरखेड़ा में पानी की टंकी से सेल्फी लेते समय दो छात्रों की रविवार शाम हो गई थी मौत
छात्र के पिता और परिजनों ने लगाई पुलिस और जिला अस्पताल में डॉक्टरों से गुहार

मेरठ। बेटे के शव को जिला अस्पताल से घर ले जाने के लिए बेबस पिता को तीन घंटे तक पुलिस अफसरों व जिला अस्पताल के डॉक्टरों से गुहार लगानी पड़ी। लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की। उसके बाद परिजन मजबूरी में प्राइवेट एंबुलेंस से शव को गांव में ले गए।
कंकरखेड़ा में सैनिक विहार डी पॉकेट में 150 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर सेल्फी लेते समय शोसित (22) पुत्र ईश्वर सिंह निवासी मामेपुर-किशोरपुर थाना हस्तिनापुर और ऋषभ शर्मा (23) पुत्र भारत भूषण निवासी भगवती कुंज (बिजली बंबा बाईपास) गिर गये थे। दोनों छात्रों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस दोनों को जिला अस्पताल ले गई। रात में दोनों के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गये। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार किया तो पुलिस ने दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए।
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ऋषभ के शव को परिजन ले गये। बाद में जिला अस्पताल में शोसित के शव को लेकर परिजनों ने कंकरखेड़ा पुलिस से गुहार लगाते हुए कहा कि इस समय पैसों की व्यवस्था नहीं है। उनके सामने मजबूरी भी है। यदि सरकारी एंबुलेंस मिल जाए तो समय से घर पहुंच जाएंगे। कंकरखेड़ा पुलिस ने मामला उच्च अधिकारियों को बताकर पल्ला झाड़ लिया। जिसके बाद दोनों दरोगा मौके से चलते बने और कहा कि शव को ले जाना। परिजनों ने जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों से कहा कि साहब हमारा बेटा चला गया, कम से कम शव को सरकारी एंबुलेंस से घर तक पहुंचवा दो। वहां मौजूद स्टाफ ने कहा कि सरकारी एंबुलेंस शव नहीं ले जाती।
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परिजन बिलखते रहे और उन्होंने पुलिस अफसरों से भी गुहार लगाई। परिजनों का आरोप है कि पहले एसपी सिटी का फोन नहीं मिला, बाद में सीयूजी नंबर पर यह कहा कि कंकरखेड़ा पुलिस से बात करते हैं। तीन घंटे तक परिजन शव लेकर भटकते रहे। बाद में परिजन 1300 रुपये देकर निजी एंबुलेंस से शव ले गए।

शव पहुंचते ही कोहराम
हस्तिनापुर। रात में जैसे ही शोसित का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजन शव से लिपटकर रोने लगे। भाई अमित व प्रशांत का भी रो-रोकर बुरा हाल था। सोमवार दोपहर 12 बजे अंतिम संस्कार कर दिया। काफी ग्रामीण मौके पर रहे सभी घटना से दुखी नजर आए।

शव वाहन की व्यवस्था है
हादसे के बाद शव 108 एंबुलेंस से नहीं भेजा जाता। जिला अस्पताल में शव वाहन की व्यवस्था है। यह पूरा मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक के आदेश पर शव वाहन से शव भेजने की व्यवस्था है। शव वाहन के मामले में प्रमुख अधीक्षक से संपर्क किया जा सकता है। डॉ. राजकुमार, सीएमओ


परिजनों ने नहीं किया संपर्क
मेरे सीयूजी नंबर पर परिजनों ने कोई संपर्क नहीं किया। यदि कंकरखेड़ा पुलिस से समस्या बताई है तो मैं पूरे मामले में जांच करा रहा हूं। पुलिस निजी तरीके से भी समस्या में मदद करती है। मानसिंह चौहान, एसपी सिटी
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