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मेरठ कॉलेज मैनेजमेंट चुनाव की मतदाता सूची तय
Updated Thu, 13 Jul 2017 07:22 PM IST
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मेरठ। मेरठ कॉलेज मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव के लिए मतदाताओं की अंतिम सूची प्रकाशित हो गई है। सदस्यों की मृत्यु हो जाने और नाम पता नहीं मिलने की वजह से सूची से 185 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। कुछ को प्रमाण देने के लिए कहा गया है। कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर सूची चस्पा कर दी गई है।
मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव छह अगस्त को होने हैं। इस बार चुनाव अधिकारी डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म सोसायटीज एंड चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार को बनाया गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार की ओर से 1549 मतदाताओं की सूची प्रकाशित कर दी गई है। पुरानी सूची में 107 मतदाता ऐसे मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है। 129 मतदाताओं के नाम पते गलत मिले। डाक के माध्यम से उनके पास सूचना भेजी गई तो वह गलत पते का कारण वापस आ गई। 142 मतदाताओं ने माता-पिता के नाम और पते में संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इन मतदाताओं के नाम के आगे स्टार लगाया गया है। चुनाव में निर्वाचन आयोग द्वारा तय पहचान पत्र और मतदाता सूची में मिलान के बाद ही वोट डालने दिया जाएगा। फ्रेंड्स ऑफ मेरठ कॉलेज की ओर से विवेक गर्ग ने इसे निष्पक्ष चुनाव की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। उनकी शिकायत पर ही इस बार चुनाव अधिकारी बदले हैं।
इस बार चुनाव होगा दमदार
मैनेजमेंट चुनाव इस बार दमदार होने की उम्मीद है। मतदाता सूची से वह नाम हटने जो कि हैं ही नहीं, इससे चुनाव का काफी हद तक समीकरण बदल सकता है। चुनाव में फर्जी मतदान का आरोप लगता रहा है। पिछले चुनाव में चुनाव अधिकारी कॉलेज के प्रिंसिपल थे। अब चुनाव अधिकारी संस्था से बाहर के होंगे। निर्वाचन चुनाव आयोग के पहचान पत्र से वोटिंग होगी।
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मैनेजमेंट कमेटी के चुनाव छह अगस्त को होने हैं। इस बार चुनाव अधिकारी डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म सोसायटीज एंड चिट्स के डिप्टी रजिस्ट्रार को बनाया गया है। डिप्टी रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार की ओर से 1549 मतदाताओं की सूची प्रकाशित कर दी गई है। पुरानी सूची में 107 मतदाता ऐसे मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है। 129 मतदाताओं के नाम पते गलत मिले। डाक के माध्यम से उनके पास सूचना भेजी गई तो वह गलत पते का कारण वापस आ गई। 142 मतदाताओं ने माता-पिता के नाम और पते में संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इन मतदाताओं के नाम के आगे स्टार लगाया गया है। चुनाव में निर्वाचन आयोग द्वारा तय पहचान पत्र और मतदाता सूची में मिलान के बाद ही वोट डालने दिया जाएगा। फ्रेंड्स ऑफ मेरठ कॉलेज की ओर से विवेक गर्ग ने इसे निष्पक्ष चुनाव की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। उनकी शिकायत पर ही इस बार चुनाव अधिकारी बदले हैं।
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इस बार चुनाव होगा दमदार
मैनेजमेंट चुनाव इस बार दमदार होने की उम्मीद है। मतदाता सूची से वह नाम हटने जो कि हैं ही नहीं, इससे चुनाव का काफी हद तक समीकरण बदल सकता है। चुनाव में फर्जी मतदान का आरोप लगता रहा है। पिछले चुनाव में चुनाव अधिकारी कॉलेज के प्रिंसिपल थे। अब चुनाव अधिकारी संस्था से बाहर के होंगे। निर्वाचन चुनाव आयोग के पहचान पत्र से वोटिंग होगी।
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