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टेंडर की फाइल से ड्राफ्ट गायब, लिपिक होगा सस्पेंड
Updated Sun, 10 Jun 2018 01:44 AM IST
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मेरठ। टेंडर दिलाने के लिए एक ठेकेदार से साज कर दूसरे ठेकेदार की फाइल से ड्राफ्ट गायब करने के प्रकरण में आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने ड्राफ्ट गायब करने के आरोपी लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
मामला नगर पालिका सरधना का है। मै. लुकमान कालंदस इंटरप्राइजेज ने इस बाबत आयुक्त से शिकायत की। आरोप लगाया कि नपा में टेंडर डाले गए थे। इसमें इस फर्म ने भी टेंडर डाले थे। लेकिन इस फर्म की तकनीकी बिड निरस्त कर दी गई। बहाना बनाया कि निविदा प्रपत्र शुल्क अंकन 4248 रुपये और जीएसटी अंकन रुपये 648 का ड्राफ्ट न देकर मात्र 36 सौ रुपये का ड्राफ्ट दिया गया। नियमानुसार इस आधार पर बिड निरस्त नहीं की जा सकती थी क्योंकि यह निविदा ई-टेंडरिंग से आमंत्रित की गई थी।
आरोप था कि निर्माण लिपिक विपिन कुमार ने टेंडर वापस लेने का दबाव बनाया और जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनकी फाइल से अंकन मूल्य का ड्राफ्ट गायब कर दिया गया। आयुक्त ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन से इसकी जांच कराई और जांच रिपोर्ट आने पर सख्त एक्शन लिया। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि ये टेंडर निरस्त कर दोबारा से ई-टेंडरिंग से ही निविदाएं आमंत्रित की जाएं। लिपिक विपिन कुमार को निलंबित कर एफआईआर कराई जाए। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो। अधिशासी अधिकारी का कार्यभार संभाल रहे एसडीएम सरधना से भी स्पष्टीकरण लेने को कहा है कि क्यों न इस अनियमितता पर उनके विरुद्घ भी कार्रवाई कर दी जाए।
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मामला नगर पालिका सरधना का है। मै. लुकमान कालंदस इंटरप्राइजेज ने इस बाबत आयुक्त से शिकायत की। आरोप लगाया कि नपा में टेंडर डाले गए थे। इसमें इस फर्म ने भी टेंडर डाले थे। लेकिन इस फर्म की तकनीकी बिड निरस्त कर दी गई। बहाना बनाया कि निविदा प्रपत्र शुल्क अंकन 4248 रुपये और जीएसटी अंकन रुपये 648 का ड्राफ्ट न देकर मात्र 36 सौ रुपये का ड्राफ्ट दिया गया। नियमानुसार इस आधार पर बिड निरस्त नहीं की जा सकती थी क्योंकि यह निविदा ई-टेंडरिंग से आमंत्रित की गई थी।
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आरोप था कि निर्माण लिपिक विपिन कुमार ने टेंडर वापस लेने का दबाव बनाया और जब उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनकी फाइल से अंकन मूल्य का ड्राफ्ट गायब कर दिया गया। आयुक्त ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन से इसकी जांच कराई और जांच रिपोर्ट आने पर सख्त एक्शन लिया। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि ये टेंडर निरस्त कर दोबारा से ई-टेंडरिंग से ही निविदाएं आमंत्रित की जाएं। लिपिक विपिन कुमार को निलंबित कर एफआईआर कराई जाए। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो। अधिशासी अधिकारी का कार्यभार संभाल रहे एसडीएम सरधना से भी स्पष्टीकरण लेने को कहा है कि क्यों न इस अनियमितता पर उनके विरुद्घ भी कार्रवाई कर दी जाए।
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