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बेरोजगारी की चुनौती विषय पर गोष्ठी
Updated Sun, 20 May 2018 01:52 AM IST
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शिक्षित बेरोजगारों की बड़ी फौज खड़ी हो गई
मेरठ। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में राजा महेंद्र सिंह लाइब्रेरी परिसर में परिसर संवाद द्वारा भारत की बेरोजगारी की प्रकृति एवं चुनौतियां विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. अतवीर सिंह ने कहा कि भारत सरकार के अनुमान के मुताबिक साल 2022 तक 24 सेक्टरों में 11 करोड़ अतिरिक्त श्रम बल की जरूरत होगी। मौजूदा कार्यबल में मात्र पांच प्रतिशत ही हैं जो निर्धारित कार्यकुशलता के मानकों पर खरे हैं, ऐसे में कुशल पेशेवरों को तैयार करने की चुनौती कहीं ज्यादा बड़ी होगी। शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी की भयावह स्थिति युवा बेरोजगारी पर आए एक हालिया सर्वे के मुताबिक 18-29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 10.2 प्रतिशत, जबकि अशिक्षितों में 2.2 प्रतिशत है। स्नातकों में बेरोजगारी दर 18.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है। बेरोजगारी का आंकड़ा साल 2018 में 1.80 करोड़ हो जाएगा।
एनएएस कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. आरपी जुएल ने कहा कि देश में शिक्षित बेरोजगारों की एक बड़ी फौज खड़ी हो गई है। हमारी शिक्षा प्रणाली दोषपूर्ण है। न तो वह अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करती है और न तो व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती है। परिणाम स्वरूप छात्रों का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाता है। उसका उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करके डिग्री प्राप्त करना रह जाता है। ऐसी शिक्षा के परिणाम स्वरूप असंतोष का बढ़ना स्वाभाविक है। कार्यक्रम की संयोजक कैंपस की संयुक्त सचिव आफरीन अनीस रहीं। संचालन अतुल पांडेय और मुख्य सहयोगी देवेंद्र हूण रहे। दीपक तालान, एजाज सैफी, वैभव पांडेय, ललित यादव, अतुल भड़ाना, विक्रांत कुमार आदि मौजूद रहे।
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खास बातें:
बेरोजगारी की प्रकृति एवं चुनौतियां विषय पर कैंपस में आयोजित हुई गोष्ठी
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में राजा महेंद्र सिंह लाइब्रेरी परिसर में परिसर संवाद द्वारा भारत की बेरोजगारी की प्रकृति एवं चुनौतियां विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य वक्ता अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. अतवीर सिंह ने कहा कि भारत सरकार के अनुमान के मुताबिक साल 2022 तक 24 सेक्टरों में 11 करोड़ अतिरिक्त श्रम बल की जरूरत होगी। मौजूदा कार्यबल में मात्र पांच प्रतिशत ही हैं जो निर्धारित कार्यकुशलता के मानकों पर खरे हैं, ऐसे में कुशल पेशेवरों को तैयार करने की चुनौती कहीं ज्यादा बड़ी होगी। शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी की भयावह स्थिति युवा बेरोजगारी पर आए एक हालिया सर्वे के मुताबिक 18-29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में बेरोजगारी दर 10.2 प्रतिशत, जबकि अशिक्षितों में 2.2 प्रतिशत है। स्नातकों में बेरोजगारी दर 18.4 प्रतिशत पर पहुंच गई है। बेरोजगारी का आंकड़ा साल 2018 में 1.80 करोड़ हो जाएगा।
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एनएएस कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. आरपी जुएल ने कहा कि देश में शिक्षित बेरोजगारों की एक बड़ी फौज खड़ी हो गई है। हमारी शिक्षा प्रणाली दोषपूर्ण है। न तो वह अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करती है और न तो व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती है। परिणाम स्वरूप छात्रों का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाता है। उसका उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करके डिग्री प्राप्त करना रह जाता है। ऐसी शिक्षा के परिणाम स्वरूप असंतोष का बढ़ना स्वाभाविक है। कार्यक्रम की संयोजक कैंपस की संयुक्त सचिव आफरीन अनीस रहीं। संचालन अतुल पांडेय और मुख्य सहयोगी देवेंद्र हूण रहे। दीपक तालान, एजाज सैफी, वैभव पांडेय, ललित यादव, अतुल भड़ाना, विक्रांत कुमार आदि मौजूद रहे।
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खास बातें:
बेरोजगारी की प्रकृति एवं चुनौतियां विषय पर कैंपस में आयोजित हुई गोष्ठी