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मातादीन वाल्मीकि को किया याद
Updated Fri, 11 May 2018 01:48 AM IST
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मातादीन वाल्मीकि को किया याद
मेरठ। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले क्रांति दिवस पर चौधरी चरण सिंह पार्क में कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि 10 मई 1857 की क्रांति के सूत्रधार हवलदार मातादीन वाल्मीकि थे। लेकिन उन्हें आज तक यथोचित सम्मान नहीं दिया गया है।
कार्यक्रम में रमेश चंद गेहरा ने कहा कि मातादीन ने अपने चौरासी सिपाहियों के साथ अंग्रेजी हुकुमत के अधिकारियों का आदेश मानने से इंकार करते हुए बगावत का बिगुल बजा दिया था। यहीं से क्रांति की शुरूआत हुई। इतिहासकार मेरठ कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रो. केडी शर्मा के शोध ग्रंथ में भी स्पष्ट है कि 10 मई 1857 की क्रांति के जनक मंगल पांडे नहीं हवलदार मातादीन वाल्मिकी है। क्योंकि मंगल पांडे को तो अप्रैल में ही फ ांसी लगा दी गई थी। वह तो बंगाल राज्य की बैरकपुर छावनी में थे। कार्यक्रम में उप्र सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष विजेंद्र कुमार महरौल, उषा सिंह ने भी विचार रखे। अध्यक्षता अमित सरधना और संचालन सतीश छजलाना ने किया। कांसी राम, सुभाष जैजान, मन्नू सिंह, टीका राम, रविश, अनिल, यशपाल, राजेश कोरी, मनोज पार्चा, ज्ञानेंद्र कुमार गौतम, कांशीराम, मनमोहन सिंह, हरभजन सिंह, डॉ. जेपी सिंह, जयवीर सिंह, दीवान सिंह, सीडी राव, आनंद बिरला, विनेश, राजेंद्र बहोत्रा आदि मौजूद रहे।
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मेरठ। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले क्रांति दिवस पर चौधरी चरण सिंह पार्क में कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि 10 मई 1857 की क्रांति के सूत्रधार हवलदार मातादीन वाल्मीकि थे। लेकिन उन्हें आज तक यथोचित सम्मान नहीं दिया गया है।
कार्यक्रम में रमेश चंद गेहरा ने कहा कि मातादीन ने अपने चौरासी सिपाहियों के साथ अंग्रेजी हुकुमत के अधिकारियों का आदेश मानने से इंकार करते हुए बगावत का बिगुल बजा दिया था। यहीं से क्रांति की शुरूआत हुई। इतिहासकार मेरठ कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रो. केडी शर्मा के शोध ग्रंथ में भी स्पष्ट है कि 10 मई 1857 की क्रांति के जनक मंगल पांडे नहीं हवलदार मातादीन वाल्मिकी है। क्योंकि मंगल पांडे को तो अप्रैल में ही फ ांसी लगा दी गई थी। वह तो बंगाल राज्य की बैरकपुर छावनी में थे। कार्यक्रम में उप्र सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष विजेंद्र कुमार महरौल, उषा सिंह ने भी विचार रखे। अध्यक्षता अमित सरधना और संचालन सतीश छजलाना ने किया। कांसी राम, सुभाष जैजान, मन्नू सिंह, टीका राम, रविश, अनिल, यशपाल, राजेश कोरी, मनोज पार्चा, ज्ञानेंद्र कुमार गौतम, कांशीराम, मनमोहन सिंह, हरभजन सिंह, डॉ. जेपी सिंह, जयवीर सिंह, दीवान सिंह, सीडी राव, आनंद बिरला, विनेश, राजेंद्र बहोत्रा आदि मौजूद रहे।
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