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मिशन अंत्योदय में विद्युत विभाग पीछे
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:56 AM IST
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मिशन अन्त्योदय को पूरा करने में विद्युत निगम पीछे
मेरठ।
मिशन अंत्योदय योजना के तहत मेरठ जनपद के 12 ब्लॉकों से 88 ग्रामों का चयन किया गया था। इन गांवों में को सबसे पहले स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों से संतृप्त किया गया। लेकिन अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में दूसरे विभाग फिसड्डी नजर आ रहे हैं। ऐसे में इन गांवों में हो रहे कामों पर प्रत्येक गांव के हिसाब से विभागों को रेटिंग जारी की जा रही है। जिसमें फिलहाल विद्युत, स्वास्थ्य, अर्थ एवं सांख्यकी और मंडी परिषद फिसड्डी सिद्ध हो रहे हैं।
अंत्योदय योजना के तहत चयनित ग्रामों को मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त किया जाना है। जिसमें विद्युत निगम को न केवल सभी घरों में घरेलू विद्युत कनेक्शन देने हैं, बल्कि शासन की नीति के अनुसार विद्युत आपूर्ति भी करनी है। लेकिन विद्युत निगम 88 में से 31 गांवों को न तो अब तक घरेलू विद्युत कनेक्शन से संतृप्त कर पाया है और न ही इन गांवों में समय सारणी के अनुसार विद्युत आपूर्ति हो रही है।
इसी तरह इन गांवों में मंडी परिषद पर भी विभागीय कार्यक्रम के तहत बाजार की उपलब्धता का दायित्व था। लेकिन मंडी परिषद 37 गांवों में यह काम नहीं करा सका है और यहां पर इसकी रेटिंग शून्य रही। जबकि स्वास्थ्य विभाग को भी इन गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या उपकेंद्र और बाल स्वास्थ्य केंद्र की उपलब्धता करानी थी। लेकिन वह भी 33 गांवों में इनकी व्यवस्था पूरी तरह नहीं करा सका है। जबकि अर्थ एवं सांख्यकी विभाग को भी इन गांवों में सर्वे कराकर ऐसे परिवारों का पता करना था जो गैर कृषि कार्य से अपना भरण पोषण कर रहे हैं, लेकिन इस सर्वे में अभी तक विभाग मात्र 17 गांवों का ही सर्वे कर सका है। इन विभागों को जिला विकास अधिकारी द्वारा पत्र जारी कर काम शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
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अंत्योदय मिशन के तहत प्रथम चरण में जनपद के 88 गांव चयनित हुए हैं। इन गांवों को वैसे तो तीन साल के भीतर संतृप्त करना है। लेकिन फिलहाल जो विकास खंड स्तर से रिपोर्ट आई है, वह संतोषजनक नहीं है। काम तेजी से पूरा हो इसलिए सभी को पत्र जारी करते हुए इस रिपोर्ट से जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत कराया गया है। अतुल मिश्र, जिला विकास अधिकारी
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मेरठ।
मिशन अंत्योदय योजना के तहत मेरठ जनपद के 12 ब्लॉकों से 88 ग्रामों का चयन किया गया था। इन गांवों में को सबसे पहले स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों से संतृप्त किया गया। लेकिन अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में दूसरे विभाग फिसड्डी नजर आ रहे हैं। ऐसे में इन गांवों में हो रहे कामों पर प्रत्येक गांव के हिसाब से विभागों को रेटिंग जारी की जा रही है। जिसमें फिलहाल विद्युत, स्वास्थ्य, अर्थ एवं सांख्यकी और मंडी परिषद फिसड्डी सिद्ध हो रहे हैं।
अंत्योदय योजना के तहत चयनित ग्रामों को मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त किया जाना है। जिसमें विद्युत निगम को न केवल सभी घरों में घरेलू विद्युत कनेक्शन देने हैं, बल्कि शासन की नीति के अनुसार विद्युत आपूर्ति भी करनी है। लेकिन विद्युत निगम 88 में से 31 गांवों को न तो अब तक घरेलू विद्युत कनेक्शन से संतृप्त कर पाया है और न ही इन गांवों में समय सारणी के अनुसार विद्युत आपूर्ति हो रही है।
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इसी तरह इन गांवों में मंडी परिषद पर भी विभागीय कार्यक्रम के तहत बाजार की उपलब्धता का दायित्व था। लेकिन मंडी परिषद 37 गांवों में यह काम नहीं करा सका है और यहां पर इसकी रेटिंग शून्य रही। जबकि स्वास्थ्य विभाग को भी इन गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या उपकेंद्र और बाल स्वास्थ्य केंद्र की उपलब्धता करानी थी। लेकिन वह भी 33 गांवों में इनकी व्यवस्था पूरी तरह नहीं करा सका है। जबकि अर्थ एवं सांख्यकी विभाग को भी इन गांवों में सर्वे कराकर ऐसे परिवारों का पता करना था जो गैर कृषि कार्य से अपना भरण पोषण कर रहे हैं, लेकिन इस सर्वे में अभी तक विभाग मात्र 17 गांवों का ही सर्वे कर सका है। इन विभागों को जिला विकास अधिकारी द्वारा पत्र जारी कर काम शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
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अंत्योदय मिशन के तहत प्रथम चरण में जनपद के 88 गांव चयनित हुए हैं। इन गांवों को वैसे तो तीन साल के भीतर संतृप्त करना है। लेकिन फिलहाल जो विकास खंड स्तर से रिपोर्ट आई है, वह संतोषजनक नहीं है। काम तेजी से पूरा हो इसलिए सभी को पत्र जारी करते हुए इस रिपोर्ट से जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को भी अवगत कराया गया है। अतुल मिश्र, जिला विकास अधिकारी