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नर्सिंग होम और क्लीनिक पर कसेगा शिकंजा
Updated Mon, 04 Dec 2017 08:13 PM IST
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मेरठ।
नियम विपरीत चल रहे नर्सिंग होम और क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कसने का जा रहा है। दरअसल, मुख्य चिकित्साधिकारी के पास इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। जिस पर सीएमओ ने तीन टीमें गठित करके अभियान चलाने का निर्णय किया है। जल्द ही छापेमारी शुरू की जाएगी।
शहर में मानकों को ताक पर रखकर कई नर्सिंग होम और क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। इनमें न तो विशेषज्ञ डॉक्टर हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ। कहीं अस्पताल का पंजीकरण नहीं है तो कहीं होम्योपैथिक चिकित्सक एलोपैथिक दवा लिख रहे हैं। इसके अतिरिक्त बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था भी नहीं है। लिहाजा ऐसे नर्सिंग होम और क्लीनिकों के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि अभियान चलाने के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को अपंजीकृत चिकित्सकों को चिह्नित करने केलिए कहा है। उन्होंने अंपजीकृत चिकित्सकों की जानकारी होने पर शिकायत करने के लिए कहा है।
बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
मेरठ में करीब 400 छोटे-बड़े अस्पताल, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब आदि हैं। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने वाले शहर के अस्पताल, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब आदि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग, पशु चिकित्सा, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमें पड़ताल करने के बाद कार्रवाई की संस्तुति कर लखनऊ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेंगे। इस संबंध में शासन के आदेश आ गए हैं। हालांकि अभी शिकंजा नहीं कसा गया है।
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निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सक निशाने पर
सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने पर सरकार शिकंजा कसने जा रही है। हालांकि यह कवायद कई बार हो चुकी है, मगर अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है। इस बार शासन सख्त रवैया अपनाने की बात कह रहा है। इस संबंध में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया है। हालांकि निर्देशके बावजूद अभी तक कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। हिदायत दी कि सरकारी डॉक्टर की प्राइवेट प्रैक्टिस की पुष्टि होने पर उसे भुगतान किए गए प्रैक्टिस भत्ते की वसूली की जाए।
मुख्य बातें
नियमों के विपरीत चल रहे कुछ नर्सिंग होम और क्लीनिक
कई जगह होम्योपैथिक चिकित्सक लिख रहे एलोपैथी दवा
सीएमओ की टीम जल्द करेगी छापेमारी
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नियम विपरीत चल रहे नर्सिंग होम और क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग शिकंजा कसने का जा रहा है। दरअसल, मुख्य चिकित्साधिकारी के पास इस तरह की शिकायतें पहुंच रही हैं। जिस पर सीएमओ ने तीन टीमें गठित करके अभियान चलाने का निर्णय किया है। जल्द ही छापेमारी शुरू की जाएगी।
शहर में मानकों को ताक पर रखकर कई नर्सिंग होम और क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। इनमें न तो विशेषज्ञ डॉक्टर हैं और न ही पर्याप्त स्टाफ। कहीं अस्पताल का पंजीकरण नहीं है तो कहीं होम्योपैथिक चिकित्सक एलोपैथिक दवा लिख रहे हैं। इसके अतिरिक्त बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था भी नहीं है। लिहाजा ऐसे नर्सिंग होम और क्लीनिकों के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि अभियान चलाने के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को अपंजीकृत चिकित्सकों को चिह्नित करने केलिए कहा है। उन्होंने अंपजीकृत चिकित्सकों की जानकारी होने पर शिकायत करने के लिए कहा है।
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बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
मेरठ में करीब 400 छोटे-बड़े अस्पताल, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब आदि हैं। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं करने वाले शहर के अस्पताल, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब आदि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। स्वास्थ्य विभाग, पशु चिकित्सा, नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमें पड़ताल करने के बाद कार्रवाई की संस्तुति कर लखनऊ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजेंगे। इस संबंध में शासन के आदेश आ गए हैं। हालांकि अभी शिकंजा नहीं कसा गया है।
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निजी प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सक निशाने पर
सरकारी चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने पर सरकार शिकंजा कसने जा रही है। हालांकि यह कवायद कई बार हो चुकी है, मगर अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है। इस बार शासन सख्त रवैया अपनाने की बात कह रहा है। इस संबंध में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया है। हालांकि निर्देशके बावजूद अभी तक कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई है। हिदायत दी कि सरकारी डॉक्टर की प्राइवेट प्रैक्टिस की पुष्टि होने पर उसे भुगतान किए गए प्रैक्टिस भत्ते की वसूली की जाए।
मुख्य बातें
नियमों के विपरीत चल रहे कुछ नर्सिंग होम और क्लीनिक
कई जगह होम्योपैथिक चिकित्सक लिख रहे एलोपैथी दवा
सीएमओ की टीम जल्द करेगी छापेमारी