{"_id":"5a0f4cf14f1c1bf2538bd9b0","slug":"51510952177-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनीति में बढ़नी चाहिए पारदर्शिता और जवाबदेही: वरुण गांधी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजनीति में बढ़नी चाहिए पारदर्शिता और जवाबदेही: वरुण गांधी
Updated Sat, 18 Nov 2017 02:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजनीति में बढ़नी चाहिए पारदर्शिता और जवाबदेही
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि राजनीति में बड़े परिवर्तन की जरूरत है। आज भी पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। योजनाएं बंद एसी कमरे में बनती हैं, जबकि वह जनता के बीच बैठकर बननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पैसा कमाने की चीज है, सुरक्षा कवच नहीं है। इसलिए दुआएं और प्यार कमाओ।
वरुण गांधी ने शुक्रवार को मवाना रोड स्थित जेपी इंस्टीट्यूट में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने देश और विदेश के ऐसे तमाम बालकों, किशोरों, युवाओं और युवतियों का उदाहरण दिया, जिन्होंने अकेले ही जिंदगी में बड़ा मुकाम हासिल किया। वरुण गांधी ने कहा कि आज आर्थिक असमानता का संकट है। एक आदमी भूख से मर जाता है और एक आदमी अपने बच्चे की शादी में 500 करोड़ रुपये खर्च करता है।
भ्रष्टाचार पर वरुण गांधी ने कहा कि आज सरकार का 70 प्रतिशत पैसा सरकारी योजनाओं, जिसमें विकास कार्य, मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा आदि के साथ अन्य योजनाओं पर खर्च हो रहा है। लेकिन जनता को इसकी जानकारी नहीं है। जबकि इटली जो कभी सबसे भ्रष्ट देश में शुमार थी, वहां अब भ्रष्टाचार से निजात पा ली गई है। इटली में कोई भी योजना हो वह ऑनलाइन कर दी जाती है। जिसमें यदि कोई सड़क बन रही है तो उसकी माप, बजट, प्रति दिन कितना काम हुआ, कितनी लेबर ने काम किया, सीमेंट कहां से आया और कौन सा सामान कहां से आया ऑनलाइन होता है। यदि कोई इस पर सवाल उठाता है तो उसे 12 घंटे में जवाब देना अनिवार्य है। ऐसी ही जवाबदेही और पारदर्शिता यहां भी होनी चाहिए।
विज्ञापन
जवाबदेही है जरूरी
वरुण गांधी ने अप्रत्यक्ष रूप से देश की सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कई देश ऐसे हैं जहां पर यदि 40 हजार लोग लिखित में जवाब मांगते हैं तो प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें 48 घंटे में जवाब दिया जाता है। यदि एक लाख लोग हस्ताक्षर कर किसी मुद्दे को उठाते हैं तो सरकार उस पर दो घंटे के लिए खुली बहस कराती है। लेकिन हमारे यहां जवाबदेही नहीं है। संसद में आपकी पीड़ा नहीं सुनी जाती है।
राजनीति में परिवारवाद हो खत्म
वरुण गांधी ने कहा कि अगर उनके नाम के पीछे गांधी नहीं होता तो वह आज राजनीति में नहीं होते। राजनीति में आज वही आ सकता है, जिसके परिवार के लोग राजनीति में हैं या कोई गॉड फादर है। यह प्रथा समाप्त होनी चाहिए। जॉर्डन ऐसा देश है जहां पर ब्लॉक स्तर तक सर्वे करके राजनीति के चेहरे ढूंढे जाते हैं और उन्हें आगे बढ़ाया जाता है। जबकि हमारे देश में राजनीति ही नहीं क्रिकेट, उद्योग और फिल्म क्षेत्र में बिना परिवार या गॉड फादर के आप आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
नौजवान समझें और ज्यादा जिम्मेदारी
वरुण गांधी ने विद्यार्थियों से कहा कि आज नौजवान अपनी जिम्मेदारी समझ रहा है। लेकिन अभी इसे और ज्यादा समझने की जरूरत है। हम एक अभियान यहां भी चलायें, जिसमें होटल, ढाबो और शादियों वाले मंडप में जाकर बचे हुए खाने को इकट्ठा कर उसे साफ कर पैकिंग कराकर भूखे लोगों को वितरित करें। उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से भी बात की है, क्योंकि संसद में खाना बहुत बेकार जाता है। वहां से भी यह मुहिम चलाई जानी चाहिए।
पराली से बनाएं ग्रीन वुड
प्रदूषण पर बोलते हुए वरुण ने कहा कि चंडीगढ़ की एक लड़की ने पराली का वैज्ञानिकों से परीक्षण कराया तो पता चला कि यह दीमग और जल रोधी है। इसके बाद लड़की ने जिज्ञासा रखी कि क्या इससे लकड़ी बन सकती है। जिस पर वैज्ञानिकों ने परीक्षण किया और उससे लकड़ी तैयार की। जिसका नाम ग्रीन वुड रखा गया है। अब अमेरिका की एक कंपनी इस पराली से लकड़ी बनाकर उससे चंडीगढ़ में ही घर बनाने के लिए आ रही है।
मेधावियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में इस्टीट्यूट की तरफ से मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान चेयरमैन जयप्रकाश अग्रवाल, डॉ. हरिओम अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, ऐनी अग्रवाल, विपुल सिंघल, वीपी त्यागी, हीरा त्यागी, ऋतु त्यागी, कुलदीप त्यागी आदि मौजूद रहे। संचालन मधु रस्तोगी ने किया।
विद्यार्थियों के बीच ले सेल्फी
संबोधन के बाद वरुण गांधी विद्यार्थियों के बीच चले गये और उनसे हाथ मिलाते हुए परिचय प्राप्त किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने उनके साथ जमकर सेल्फी ली।
भाजपाई नहीं आये नजर
वरुण गांधी मेरठ में आये और करीब दो घंटा रुके। लेकिन इस दौरान सिर्फ महापौर हरिकांत अहलूवालिया ही उनसे मिलने जेपी इंस्टीट्यूट पहुंचे। बाकी कोई भी भाजपाई कार्यक्रम में नजर नहीं आया।
खास बात
मेरठ पहुंचे भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक इंस्टीट्यूट में छात्रों को किया संबोधित
कहा, विद्यार्थी पैसा कमाने के साथ समाज और देश के प्रति समझे जिम्मेदारी
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि राजनीति में बड़े परिवर्तन की जरूरत है। आज भी पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है। योजनाएं बंद एसी कमरे में बनती हैं, जबकि वह जनता के बीच बैठकर बननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पैसा कमाने की चीज है, सुरक्षा कवच नहीं है। इसलिए दुआएं और प्यार कमाओ।
वरुण गांधी ने शुक्रवार को मवाना रोड स्थित जेपी इंस्टीट्यूट में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने देश और विदेश के ऐसे तमाम बालकों, किशोरों, युवाओं और युवतियों का उदाहरण दिया, जिन्होंने अकेले ही जिंदगी में बड़ा मुकाम हासिल किया। वरुण गांधी ने कहा कि आज आर्थिक असमानता का संकट है। एक आदमी भूख से मर जाता है और एक आदमी अपने बच्चे की शादी में 500 करोड़ रुपये खर्च करता है।
विज्ञापन
भ्रष्टाचार पर वरुण गांधी ने कहा कि आज सरकार का 70 प्रतिशत पैसा सरकारी योजनाओं, जिसमें विकास कार्य, मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा आदि के साथ अन्य योजनाओं पर खर्च हो रहा है। लेकिन जनता को इसकी जानकारी नहीं है। जबकि इटली जो कभी सबसे भ्रष्ट देश में शुमार थी, वहां अब भ्रष्टाचार से निजात पा ली गई है। इटली में कोई भी योजना हो वह ऑनलाइन कर दी जाती है। जिसमें यदि कोई सड़क बन रही है तो उसकी माप, बजट, प्रति दिन कितना काम हुआ, कितनी लेबर ने काम किया, सीमेंट कहां से आया और कौन सा सामान कहां से आया ऑनलाइन होता है। यदि कोई इस पर सवाल उठाता है तो उसे 12 घंटे में जवाब देना अनिवार्य है। ऐसी ही जवाबदेही और पारदर्शिता यहां भी होनी चाहिए।
विज्ञापन
जवाबदेही है जरूरी
वरुण गांधी ने अप्रत्यक्ष रूप से देश की सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कई देश ऐसे हैं जहां पर यदि 40 हजार लोग लिखित में जवाब मांगते हैं तो प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें 48 घंटे में जवाब दिया जाता है। यदि एक लाख लोग हस्ताक्षर कर किसी मुद्दे को उठाते हैं तो सरकार उस पर दो घंटे के लिए खुली बहस कराती है। लेकिन हमारे यहां जवाबदेही नहीं है। संसद में आपकी पीड़ा नहीं सुनी जाती है।
राजनीति में परिवारवाद हो खत्म
वरुण गांधी ने कहा कि अगर उनके नाम के पीछे गांधी नहीं होता तो वह आज राजनीति में नहीं होते। राजनीति में आज वही आ सकता है, जिसके परिवार के लोग राजनीति में हैं या कोई गॉड फादर है। यह प्रथा समाप्त होनी चाहिए। जॉर्डन ऐसा देश है जहां पर ब्लॉक स्तर तक सर्वे करके राजनीति के चेहरे ढूंढे जाते हैं और उन्हें आगे बढ़ाया जाता है। जबकि हमारे देश में राजनीति ही नहीं क्रिकेट, उद्योग और फिल्म क्षेत्र में बिना परिवार या गॉड फादर के आप आगे नहीं बढ़ सकते हैं।
नौजवान समझें और ज्यादा जिम्मेदारी
वरुण गांधी ने विद्यार्थियों से कहा कि आज नौजवान अपनी जिम्मेदारी समझ रहा है। लेकिन अभी इसे और ज्यादा समझने की जरूरत है। हम एक अभियान यहां भी चलायें, जिसमें होटल, ढाबो और शादियों वाले मंडप में जाकर बचे हुए खाने को इकट्ठा कर उसे साफ कर पैकिंग कराकर भूखे लोगों को वितरित करें। उन्होंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से भी बात की है, क्योंकि संसद में खाना बहुत बेकार जाता है। वहां से भी यह मुहिम चलाई जानी चाहिए।
पराली से बनाएं ग्रीन वुड
प्रदूषण पर बोलते हुए वरुण ने कहा कि चंडीगढ़ की एक लड़की ने पराली का वैज्ञानिकों से परीक्षण कराया तो पता चला कि यह दीमग और जल रोधी है। इसके बाद लड़की ने जिज्ञासा रखी कि क्या इससे लकड़ी बन सकती है। जिस पर वैज्ञानिकों ने परीक्षण किया और उससे लकड़ी तैयार की। जिसका नाम ग्रीन वुड रखा गया है। अब अमेरिका की एक कंपनी इस पराली से लकड़ी बनाकर उससे चंडीगढ़ में ही घर बनाने के लिए आ रही है।
मेधावियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में इस्टीट्यूट की तरफ से मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान चेयरमैन जयप्रकाश अग्रवाल, डॉ. हरिओम अग्रवाल, संगीता अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, ऐनी अग्रवाल, विपुल सिंघल, वीपी त्यागी, हीरा त्यागी, ऋतु त्यागी, कुलदीप त्यागी आदि मौजूद रहे। संचालन मधु रस्तोगी ने किया।
विद्यार्थियों के बीच ले सेल्फी
संबोधन के बाद वरुण गांधी विद्यार्थियों के बीच चले गये और उनसे हाथ मिलाते हुए परिचय प्राप्त किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने उनके साथ जमकर सेल्फी ली।
भाजपाई नहीं आये नजर
वरुण गांधी मेरठ में आये और करीब दो घंटा रुके। लेकिन इस दौरान सिर्फ महापौर हरिकांत अहलूवालिया ही उनसे मिलने जेपी इंस्टीट्यूट पहुंचे। बाकी कोई भी भाजपाई कार्यक्रम में नजर नहीं आया।
खास बात
मेरठ पहुंचे भाजपा सांसद वरुण गांधी ने एक इंस्टीट्यूट में छात्रों को किया संबोधित
कहा, विद्यार्थी पैसा कमाने के साथ समाज और देश के प्रति समझे जिम्मेदारी