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सपा प्रत्याशियों पर भारी पड़ सकती है अंतर्कलह
Updated Fri, 10 Nov 2017 02:42 AM IST
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सपा प्रत्याशियों पर भारी पड़ सकती है अंतर्कलह
मेरठ। सपा प्रत्याशियों पर पार्टी की अंतर्कलह भारी पड़ सकती है। दरअसल, टिकट वितरण को लेकर काफी घमासान हुआ है। महापौर पद के लिए नौ लोगों ने आवेदन किया था, जबकि 90 वार्डों के पार्षद पद पर 375 ने आवेदन किया था। महापौर के लिए तो खुलकर कोई विरोध सामने नहीं आया, मगर पार्षद के लिए जमकर खींचतान हुई। कई पुराने सपाइयों ने पार्टी से न सिर्फ किनारा किया, बल्कि टिकट वितरण में धांधली का भी आरोप लगाया।
पार्टी में कलह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्षद की सूची तक जारी करने में काफी कशमकश हुई। बाद में 75 प्रत्याशियों की सूची जारी गई। सूची जारी करने के पीछे भी यह वजह थी कि पार्टी नेता या कोई प्रत्याशी के लिए आवेदन करने वाला नाराज न हो जाए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जब से पार्षद पद के प्रत्याशियों के सिंबल फाइनल हुए हैं, तब से सपाइयों में अंतर्कलह काफी बढ़ गई है। जिन्हें टिकट नहीं मिला है, वे सपाई नाराज हैं। हालांकि पार्टी पदाधिकारी कह रहे हैं कि वे उन्हें मना लेंगे, नाराज नहीं होने देंगे। इसके अलावा उनका कहना है कि जिनको भी पार्टी सिंबल पर लड़ा रही है, उसका नाम हाईकमान के निर्देश पर ही फाइनल किया गया है।
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मेरठ। सपा प्रत्याशियों पर पार्टी की अंतर्कलह भारी पड़ सकती है। दरअसल, टिकट वितरण को लेकर काफी घमासान हुआ है। महापौर पद के लिए नौ लोगों ने आवेदन किया था, जबकि 90 वार्डों के पार्षद पद पर 375 ने आवेदन किया था। महापौर के लिए तो खुलकर कोई विरोध सामने नहीं आया, मगर पार्षद के लिए जमकर खींचतान हुई। कई पुराने सपाइयों ने पार्टी से न सिर्फ किनारा किया, बल्कि टिकट वितरण में धांधली का भी आरोप लगाया।
पार्टी में कलह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्षद की सूची तक जारी करने में काफी कशमकश हुई। बाद में 75 प्रत्याशियों की सूची जारी गई। सूची जारी करने के पीछे भी यह वजह थी कि पार्टी नेता या कोई प्रत्याशी के लिए आवेदन करने वाला नाराज न हो जाए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जब से पार्षद पद के प्रत्याशियों के सिंबल फाइनल हुए हैं, तब से सपाइयों में अंतर्कलह काफी बढ़ गई है। जिन्हें टिकट नहीं मिला है, वे सपाई नाराज हैं। हालांकि पार्टी पदाधिकारी कह रहे हैं कि वे उन्हें मना लेंगे, नाराज नहीं होने देंगे। इसके अलावा उनका कहना है कि जिनको भी पार्टी सिंबल पर लड़ा रही है, उसका नाम हाईकमान के निर्देश पर ही फाइनल किया गया है।
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