{"_id":"59bd99bc4f1c1b37688b4f4a","slug":"51505597884-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी विभाग की नजर अब छोटे सेवा प्रदाताओं पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी विभाग की नजर अब छोटे सेवा प्रदाताओं पर
Updated Sun, 17 Sep 2017 03:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसजीएसटी विभाग की नजर अब छोटे सेवा प्रदाताओं पर
मेरठ। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग अब ऐसे छोटे सेवा प्रदाताओं पर भी नजर रखेगा, जिनका टर्न ओवर 20 लाख से ज्यादा है, मगर काम का आकार कम दिखाई देने की वजह से अभी वह टैक्स डिपार्टमेंट से बचे हुए हैं। एसजीएसटी विभाग ऐसे सेवा प्रदाताओं का सर्वे करेगा और उनका डाटा संबंधित विभागों से लेगा, ताकि उन्हें जीएसटी में माइग्रेट कराया जा सके।
दरअसल, सरकार चाहती है कि जीएसटी के दायरे में अधिक से अधिक कारोबारियों को लाया जाए। लिहाजा जल्द ही इसकी शुरुआत कोचिंग सेंटरों, रेस्टोरेंट, फूड प्लाजा, जिम, ब्यूटी पार्लर, सिक्योरिटी एजेंसी और प्लसमेंट एजेंसियों आदि से होगी। इसके लिए इन सेवा प्रदाताओं केबारे में खाद्य सुरक्षा विभाग, बिजली, नगर निगम, नगर पालिका और श्रम विभाग का डाटा जुटाया जाएगा। साथ ही बाजारों में लगे साइन बोर्ड और विज्ञापनों आदि के जरिए भी डाटा इकट्ठा किया जाएगा और जीएसटी पोर्टल में हुए रजिस्ट्रेशन से मिलान करेंगे। इसके लिए खंड अधिकारियों को फील्ड पर उतारा जाएगा। मेरठ में जीएसटी के तहत राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग 26 हजार 100 नए करदाता तलाश करेगा। यूपी सरकार की तरफ से 31 मार्च 2018 तक यह लक्ष्य पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर के ज्वाइंट कमिश्नर एचपी राव दीक्षित ने बताया कि इसके तहत कैंप शहर और तहसील मुख्यालयों पर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी महीने के अंत में एक मेगा पंजीकरण कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा ब्लॉक मुख्यालयों पर भी प्रत्येक सप्ताह ई-चौपाल का आयोजन किया जाएगा। कैंपों में जीएसटी की खूबियां बताने के लिए पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
खास बात
20 लाख टर्न ओवर वाले जिम, कोचिंग सेंटर, ब्यूटी पार्लर और फूूड प्लाजा की तलाश
विज्ञापन
मेरठ। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) विभाग अब ऐसे छोटे सेवा प्रदाताओं पर भी नजर रखेगा, जिनका टर्न ओवर 20 लाख से ज्यादा है, मगर काम का आकार कम दिखाई देने की वजह से अभी वह टैक्स डिपार्टमेंट से बचे हुए हैं। एसजीएसटी विभाग ऐसे सेवा प्रदाताओं का सर्वे करेगा और उनका डाटा संबंधित विभागों से लेगा, ताकि उन्हें जीएसटी में माइग्रेट कराया जा सके।
दरअसल, सरकार चाहती है कि जीएसटी के दायरे में अधिक से अधिक कारोबारियों को लाया जाए। लिहाजा जल्द ही इसकी शुरुआत कोचिंग सेंटरों, रेस्टोरेंट, फूड प्लाजा, जिम, ब्यूटी पार्लर, सिक्योरिटी एजेंसी और प्लसमेंट एजेंसियों आदि से होगी। इसके लिए इन सेवा प्रदाताओं केबारे में खाद्य सुरक्षा विभाग, बिजली, नगर निगम, नगर पालिका और श्रम विभाग का डाटा जुटाया जाएगा। साथ ही बाजारों में लगे साइन बोर्ड और विज्ञापनों आदि के जरिए भी डाटा इकट्ठा किया जाएगा और जीएसटी पोर्टल में हुए रजिस्ट्रेशन से मिलान करेंगे। इसके लिए खंड अधिकारियों को फील्ड पर उतारा जाएगा। मेरठ में जीएसटी के तहत राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग 26 हजार 100 नए करदाता तलाश करेगा। यूपी सरकार की तरफ से 31 मार्च 2018 तक यह लक्ष्य पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
राज्य वस्तु एवं सेवा कर के ज्वाइंट कमिश्नर एचपी राव दीक्षित ने बताया कि इसके तहत कैंप शहर और तहसील मुख्यालयों पर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी महीने के अंत में एक मेगा पंजीकरण कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा ब्लॉक मुख्यालयों पर भी प्रत्येक सप्ताह ई-चौपाल का आयोजन किया जाएगा। कैंपों में जीएसटी की खूबियां बताने के लिए पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन भी किया जाएगा।
विज्ञापन
खास बात
20 लाख टर्न ओवर वाले जिम, कोचिंग सेंटर, ब्यूटी पार्लर और फूूड प्लाजा की तलाश