{"_id":"59a090684f1c1b7b608b47ed","slug":"51503694952-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीए एलएलबी की मार्कशीट न मिलने से रजिस्ट्रेशन लटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीए एलएलबी की मार्कशीट न मिलने से रजिस्ट्रेशन लटका
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। सीसीएसयू के बीए एलएलबी के छात्र-छात्राओं मार्कशीट के लिए चक्कर लगा रहे हैं। कंपनी विवि को रिकॉर्ड देकर नहीं गई। लिहाजा मार्कशीट फंस गई। दो साल से मार्कशीट को लेकर उठा पटक चल रही है। छात्रों की शिकायत और परेशानी बढ़ने के बाद विवि ने कुछ विषयों की मार्कशीट बनवानी शुरू की है। बीए एलएलबी के छात्रों के सामने परेशानी यह है कि वह बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे।
विश्वविद्यालय में 2015 में कुलपति बदले। इसके बाद विश्वविद्यालय में काम करने वाली कंपनी बदली। पुरानी कंपनी ने काम हटते ही अपना रंग दिखा दिया। 2015 के रिजल्ट में कई विषयों का रिकॉर्ड विवि को नहीं दिया। काफी दिन तक यह मामला चलता रहा। बीए एलएलबी के सत्र 2012-17 बैच के छात्र-छात्राओं की पांचवें और छठे सेमेस्टर की मार्कशीट फंस गई। आगे के सेमेस्टर की मार्कशीट में दिक्कत नहीं आई। पिछली अपडेट नहीं हुई। डिग्री पूरी हो गई लेकिन पांचवें और छठे सेमेस्टर की समस्या का हल नहीं निकला। कॉलेजों के पास विद्यार्थी पहुंचे तो उन्होंने तोड़ निकाला कि इंटरनेट पर आने वाले रिजल्ट के प्रिंटआउट को अटेस्ट करके देने लगे। बार काउंसिल में वकालत के लिए रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे छात्रों को निराशा मिली। बार काउंसिल ने बिना ओरिजनल मार्कशीट के रजिस्ट्रेशन करने से मना कर दिया है। छात्रों की माने तो अभी भी कई हजार छात्र-छात्राओं की ओरिजनल मार्कशीट लटकी है।
विज्ञापन
विश्वविद्यालय में 2015 में कुलपति बदले। इसके बाद विश्वविद्यालय में काम करने वाली कंपनी बदली। पुरानी कंपनी ने काम हटते ही अपना रंग दिखा दिया। 2015 के रिजल्ट में कई विषयों का रिकॉर्ड विवि को नहीं दिया। काफी दिन तक यह मामला चलता रहा। बीए एलएलबी के सत्र 2012-17 बैच के छात्र-छात्राओं की पांचवें और छठे सेमेस्टर की मार्कशीट फंस गई। आगे के सेमेस्टर की मार्कशीट में दिक्कत नहीं आई। पिछली अपडेट नहीं हुई। डिग्री पूरी हो गई लेकिन पांचवें और छठे सेमेस्टर की समस्या का हल नहीं निकला। कॉलेजों के पास विद्यार्थी पहुंचे तो उन्होंने तोड़ निकाला कि इंटरनेट पर आने वाले रिजल्ट के प्रिंटआउट को अटेस्ट करके देने लगे। बार काउंसिल में वकालत के लिए रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचे छात्रों को निराशा मिली। बार काउंसिल ने बिना ओरिजनल मार्कशीट के रजिस्ट्रेशन करने से मना कर दिया है। छात्रों की माने तो अभी भी कई हजार छात्र-छात्राओं की ओरिजनल मार्कशीट लटकी है।
विज्ञापन