फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   503 Blood Donation Patients of HIV and Hepatitis

503 रक्तदाता निकले एचआईवी और हेपेटाइटिस के मरीज

Mon, 25 Feb 2019 03:05 AM IST
Gaurav sharma न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला
न्यूज ब्यूरो, अमर उजाला Published by: Gaurav sharma Updated Mon, 25 Feb 2019 03:05 AM IST
सार

- रक्तदान न करते तो नहीं चलता बीमारी का पता
- सालभर में रक्तदान करने वालों की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
- बीमारी की हुई जानकारी, इलाज भी मिला

विज्ञापन
503 Blood Donation Patients of HIV and Hepatitis
विश्व रक्तदाता दिवस - फोटो : File Photo

विस्तार

 मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के ब्लड बैंकों और उनके रक्तदान शिविरों में रक्तदान करने आए 503 लोग एचआईवी, हेपेटाइटिस-सी व बी के मरीज निकले हैं। दोनों ब्लड बैंकों की तैयार की गई सालाना रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इनमें 10 एचआईवी पॉजिटिव थे, जबकि बाकी हेपेटाइटिस बी और सी से पीड़ित हैं। इनमें अधिकांश 20 से 40 उम्र के हैं। इन रोगियों को खून की जांच होने से पहले बीमारियों से ग्रसित होने की जानकारी नहीं थी।
विज्ञापन

मेडिकल अस्पताल के ब्लड बैंक द्वारा लगाए गए रक्तदान कैंपों में एक जनवरी 2018 से 31 दिसंबर 2018 तक रक्तदान करने वाले 7718 लोगों में 248 लोग संक्रमित निकले। इनमें सात एचआईवी पॉजिटिव थे, 138 हेपेटाइटिस-सी और 103 हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित थे। इसी तरह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक द्वारा लगाए गए रक्तदान कैंपों में तीन लोग एचआईवी पॉजिटिव, 117 हेपेटाइटिस-सी और 145 हेपेटाइटिस-बी से पीड़ित निकले। मेडिकल अस्पताल की ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. मोनिका राठी ने बताया कि रक्तदान शिविरों में खून लेने के बाद उनकी जांच की जाती है, जो व्यक्ति रोगी पाए जाते हैं, उनके खून को नष्ट कर दिया जाता है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि इन रक्तदाताओं को अस्पताल बुलाया जाता है। उन्हें रिपोर्ट के बारे में बताया जाता है। इसके बाद इलाज शुरू किया जाता है। इन सभी लोगों का उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन

एचआईवी
एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनो डिफिशिएंसी वायरस) एक ऐसा वायरस है, जिसकी वजह से एड्स होता है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। जिस इंसान में इस वायरस की मौजूदगी होती है, उसे एचआईवी पॉजिटिव कहते हैं। आमतौर पर लोग एचआईवी पॉजिटिव होने का मतलब ही एड्स समझने लगते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। एचआईवी के शरीर में दाखिल होने के बाद शरीर की प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है और शरीर पर तरह तरह की बीमारियां और इंफेक्शन पैदा करने वाले वायरस अटैक करने लगते हैं। एचआईवी पॉजिटिव होने के करीब 8-10 साल बाद इन तमाम बीमारियों के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। इस स्थिति को ही एड्स कहा जाता है। वैसे, एचआईवी पॉजिटिव होने के बाद से एड्स होने तक के अंतराल को दवाओं की मदद से बढ़ाया जा सकता है और कुछ बीमारियों को ठीक भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हेपेटाइटिस-सी
हेपेटाइटिस-सी (यकृतशोथ ग) इसे काला पीलिया भी कहते हैं। यह एक संक्रामक रोग है, जो हेपेटाइटिस-सी वायरस एचसीवी की वजह से होता है और यकृत को प्रभावित करता है। यह वायरस रक्त से रक्त के संपर्क द्वारा फैलता है। इलाज और देखभाल से यह ठीक हो जाता है।
इलाज- इस बीमारी का पता शुरू में नहीं लग पाता। इस कारण यह जानलेवा हो जाती है। इसके इलाज में करीब 80 हजार रुपये का खर्च आता है। जिला अस्पताल में इसका इलाज निशुल्क किया जा रहा है।
हेपेटाइटिस-बी
हेपेटाइटिस-बी (यकृतशोथ बी) एक संक्रामक बीमारी है। इसके कारण लीवर की सूजन और जलन पैदा होती है। इसके वायरस का संचरण संक्रमित रक्त या शरीर के तरल पदार्थ के संपर्क में जाने से होता है।
इलाज- इसका इलाज वायरस रोधी दवाओं से किया जाता है। ये दवाएं खून में वायरस की मात्रा घटा सकती हैं या उन्हें हटा सकती हैं। जिससे लीवर सिरसिस या लीवर कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है।

---
ऐसे होती है बीमारी
हेपेटाइटिस बी संकरण के कारण लगभग वहीं हैं जो एचआईवी संक्रमण के होते हैं। इन बातों से बचाव करने से इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
- दूषित सिरिंज का उपयोग करना।
- दूषित रेजर या टूथब्रश का इस्तेमाल।
- दूषित रक्तदान, अंगदान या लंबे समय तक डायलिसिस द्वारा मिलना।
- दूषित सुई से टैटू बनवाना या एक्यूपंचर करवाना।
- असुरक्षित यौन संबंध।
- इंजेक्शन से नशीली दवाओं का प्रयोग करना एचसीवी संक्रमण का सबसे आम रास्ता है। कोई भी ऐसा कार्य या गतिविधि जिसमें खून से खून का संपर्क होने की संभावना है, संक्रमण का संभावित स्रोत हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed