Meerut: मेट्रो में पकड़ा गया 500 ग्राम सोना, मेरठ-दिल्ली के बीच तस्करी का शक
मेरठ में मेट्रो के जरिए सोने की तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस ने भैसाली मेट्रो स्टेशन से दो लोगों को पकड़कर करीब 500 ग्राम सोना बरामद किया, जिसके बाद जीएसटी विभाग ने जांच शुरू की।
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मेट्रो में सोने की तस्करी की जानकारी मिलने के बाद जीएसटी विभाग की टीम ने मंगलवार रात 10 बजे से दो बजे तक जांच की। अन्य सूचनाओं को जुटाया गया। जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर अमित पाठक ने उच्च अधिकारियों को सूचना के बाद बताया कि 18 कैरेट में 268 ग्राम सोना मिला है। इसकी पूर्ण जांच की गई। कई गड़बड़ी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है।
65 लाख का चालान कराया गया, लेकिन 34 लाख का माल बिना कर मिला है। जीएसटी विभाग के अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि खेल की शुरुआत कहां से हुई। मेरठ को सोना मंडी कहा जाता है। ज्वाइंट कमिश्नर अमित पाठक के मुताबिक पेनाल्टी लगाने की कार्रवाई कर दी गई है।
रैपिड में पकड़ी गई थी दो किलो चांदी
रैपिड में मेरठ से दिल्ली के बीच सोने- चांदी की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है। जीएसटी विभाग ने हाल ही में दो किलो चांदी भी रैपिड में पकड़ी थी। इसकी पुष्टि न होने पर पेनाल्टी लगाई गई थी।
ऑनलाइन गेम खेलकर बना कर्जदार तो गढ़ी बेटे के झूठे अपहरण की कहानी
कंकरखेड़ा के अशोक नगर निवासी दीपक ने ऑनलाइन गेम खेलकर कर्जदार बन गया। उसने कर्जा उतारने के लिए अपने नाबालिग बेटे के अपहरण झूठी कहानी गढ़ दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज आदि के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो 24 घंटे में पूरे मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने नाबालिग बेटे को सकुशल ढूंढकर आरोपी दीपक को गिरफ्तार किया है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि दीपक ने मंगलवार को पुलिस को तहरीर दी कि उसका 15 वर्षीय बेटा कोचिंग के लिए गया था और वापस नहीं लौटा। दीपक ने पुलिस को यह भी बताया कि अज्ञात लोगों ने उसके बेटे को छोड़ने के बदले छह लाख रुपये की मांग की है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और दीपक के बयानों का मिलान किया। पुलिस को दीपक की बातों पर संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी दीपक टूट गया और उसने सच उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि उसने ऑनलाइन दो लाख रुपये का लोन लेकर गेम खेला। वह यह रुपये भी हार गया। इससे वह लगभग सात लाख रुपये का कर्जदार बन गया था। वह फिरौती की रकम के नाम पर रिश्तेदारों से पैसा लेकर कर्ज उतारना चाहता था।
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी एक मोबाइल ऐप में पैसे खर्च करता था। इसमें आरोपी ऑनलाइन गेम खेलता था। इसके अंतर्गत ग्रुप वॉयस रूम में शामिल होकर गेम खेलता था। लाइव जाकर फॉलोअर्स को अपनी बातें शेयर कर सकता था। इसके अलावा उन्हें गिफ्ट भी भेज सकता था। गेम के हर टास्क में पैसे खर्च होते थे और गिफ्ट भी एप से ही ऑनलाइन खरीदने होते थे।