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450 फर्जी एडमिशन कैंसिल
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 12 Aug 2016 02:37 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सीसीएसयू ने बीपीएड सत्र 2013-14 में फर्जी पाए गए 450 एडमिशन कैंसिल कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को जांच कमेटी ने परीक्षा समिति के सामने रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक, ये एडमिशन मेरठ और सहारनपुर मंडल के सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में मिले हैं। एडमिशन निरस्त होने के कारण यह छात्र अब परीक्षा में भी शामिल नहीं हो सकेंगे। उधर, मुख्य परीक्षा 2016 में नकल कराने वाले 10 कॉलेजों को भी डिबार कर दिया गया है।
परीक्षा समिति की बैठक में बीपीएड का मुद्दा छाया रहा। बीपीएड छात्रों और कॉलेजों की नजर समिति के फैसले पर टिकी थी। एजूकेशन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पीके मिश्रा के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई थी। आरोप था कि कॉलेजों ने बिना रजिस्ट्रेशन और फर्जी तरीके से एडमिशन किए हैं। परीक्षा घोषित होते ही ऐन वक्त पर छात्र बदल दिए गए। इस मामले को लेकर विवि में कई बार हंगामा हुआ।
जांच के बाद 450 छात्रों को चिह्नित किया गया। विवि ने इन सभी के प्रवेश निरस्त कर दिए हैं। हालांकि चार कॉलेजों पर विवि द्वारा मेहरबानी करने का आरोप भी लग रहा है। कई कॉलेज संचालकों का दावा है कि उन चार कॉलेजों में भी फर्जी एडमिशन हुए हैं। उनकी भी जांच होनी चाहिए। मामला कोर्ट तक पहुुंच चुका है। नकल करवाने के मामले में विवि ने 10 कॉलेजों को तीन साल के लिए डिबार कर दिया है। अब तीन साल तक इन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इन सभी केंद्रों पर सामूहिक रूप से नकल होते हुए पकड़ी गई थी।
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परीक्षा समिति की बैठक में बीपीएड का मुद्दा छाया रहा। बीपीएड छात्रों और कॉलेजों की नजर समिति के फैसले पर टिकी थी। एजूकेशन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पीके मिश्रा के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की गई थी। आरोप था कि कॉलेजों ने बिना रजिस्ट्रेशन और फर्जी तरीके से एडमिशन किए हैं। परीक्षा घोषित होते ही ऐन वक्त पर छात्र बदल दिए गए। इस मामले को लेकर विवि में कई बार हंगामा हुआ।
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जांच के बाद 450 छात्रों को चिह्नित किया गया। विवि ने इन सभी के प्रवेश निरस्त कर दिए हैं। हालांकि चार कॉलेजों पर विवि द्वारा मेहरबानी करने का आरोप भी लग रहा है। कई कॉलेज संचालकों का दावा है कि उन चार कॉलेजों में भी फर्जी एडमिशन हुए हैं। उनकी भी जांच होनी चाहिए। मामला कोर्ट तक पहुुंच चुका है। नकल करवाने के मामले में विवि ने 10 कॉलेजों को तीन साल के लिए डिबार कर दिया है। अब तीन साल तक इन्हें परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। इन सभी केंद्रों पर सामूहिक रूप से नकल होते हुए पकड़ी गई थी।
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