{"_id":"64593f0ff9dc6a2a79020e15","slug":"43-stray-animals-tied-in-village-heads-cattle-shed-meerut-news-c-27-1-smrt1007-2813-2023-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: कोतवाली देहात\/बरुकी - ग्राम प्रधान की पशुशाला में बांधे 43 आवारा पशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: कोतवाली देहात/बरुकी - ग्राम प्रधान की पशुशाला में बांधे 43 आवारा पशु
Mon, 08 May 2023 11:57 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 08 May 2023 11:57 PM IST
विज्ञापन
- पशुओं को गांव के प्राथमिक स्कूल में बांधने जा रहे थे किया, ग्राम प्रधान ने किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसीकोतवाली देहात/बरुकी। निराश्रित पशुओं से आजिज आए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान की पशुशाला में 43 पशु बांध दिए। ग्रामीणों ने निराश्रित पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है। किसान इन पशुओं को प्राथमिक विद्यालय में बांधने जा रहे थे। रास्ते में प्रधान ने किसानों का विरोध किया तो उन्होंने पशुओं को उसकी पशुशाला में ही बांध दिया।
क्षेत्र के ग्राम बांकपुर के जंगलों में भारी संख्या में निराश्रित पशु घूम रहे हैं। इनसे परेशान ग्रामीणों ने बिजनौर में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी ने ग्रामीणों को निराश्रित पशु पकड़कर निकटतम गोशाला में भेजने के लिए कहा। तब ग्रामीणों ने 43 निराश्रित पशु पकड़ लिए। ग्रामीण उन पशुओं को गांव के विद्यालय में बांधने के लिए ले आए जिस पर ग्राम प्रधान खड़क सिंह ने विरोध करते हुए ग्रामीणों से विद्यालय में पशु न बांधने को कहा।
इस पर ग्रामीण ग्राम प्रधान खड़क सिंह के घेर में उन पशुओं को बांध आए। ग्राम प्रधान ने बताया कि उन्होंने कई वाहन चालकों से संपर्क किया है किंतु कोई भी वाहन चालक निराश्रित पशुओं को गोशाला छोड़कर आने को तैयार नहीं है। क्योंकि रास्ते में उनके साथ अभद्रता की जाती है। वह इन निराश्रित पशुओं को नजदीकी गोशाला में भिजवाने का प्रयास कर रहे हैं। लगभग 4 महीने पहले ग्रामीणों ने गांव के सरकारी विद्यालय में निराश्रित पशु बांध दिए थे जिसके बाद प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसीकोतवाली देहात/बरुकी। निराश्रित पशुओं से आजिज आए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान की पशुशाला में 43 पशु बांध दिए। ग्रामीणों ने निराश्रित पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है। किसान इन पशुओं को प्राथमिक विद्यालय में बांधने जा रहे थे। रास्ते में प्रधान ने किसानों का विरोध किया तो उन्होंने पशुओं को उसकी पशुशाला में ही बांध दिया।
क्षेत्र के ग्राम बांकपुर के जंगलों में भारी संख्या में निराश्रित पशु घूम रहे हैं। इनसे परेशान ग्रामीणों ने बिजनौर में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। जिला पशु चिकित्सा अधिकारी ने ग्रामीणों को निराश्रित पशु पकड़कर निकटतम गोशाला में भेजने के लिए कहा। तब ग्रामीणों ने 43 निराश्रित पशु पकड़ लिए। ग्रामीण उन पशुओं को गांव के विद्यालय में बांधने के लिए ले आए जिस पर ग्राम प्रधान खड़क सिंह ने विरोध करते हुए ग्रामीणों से विद्यालय में पशु न बांधने को कहा।
विज्ञापन
इस पर ग्रामीण ग्राम प्रधान खड़क सिंह के घेर में उन पशुओं को बांध आए। ग्राम प्रधान ने बताया कि उन्होंने कई वाहन चालकों से संपर्क किया है किंतु कोई भी वाहन चालक निराश्रित पशुओं को गोशाला छोड़कर आने को तैयार नहीं है। क्योंकि रास्ते में उनके साथ अभद्रता की जाती है। वह इन निराश्रित पशुओं को नजदीकी गोशाला में भिजवाने का प्रयास कर रहे हैं। लगभग 4 महीने पहले ग्रामीणों ने गांव के सरकारी विद्यालय में निराश्रित पशु बांध दिए थे जिसके बाद प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।
विज्ञापन