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बैठक स्थल का नाम रखा शहीद मातादीन वाल्मीकि स्थल
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:09 AM IST
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शहीद मातादीन वाल्मीकि के नाम पर होगा बैठक स्थल
मेरठ। क्रांतिधरा पर हो रही भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक को पूरी तरह क्रांति के रंग में ही रंगने का प्रयास हो रहा है। बैठक स्थल का नाम जहां 1857 की क्रांति के शहीद मातादीन वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है, तो वहीं बैठक स्थल पर क्रांतिवीरों के चित्र और उनका संक्षिप्त इतिहास भी दर्ज होगा।
भाजपा प्रदेश कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक शनिवार से हो रही है। क्रांतिधरा पर होने वाली इस बैठक को स्थानीय भाजपा पूरी तरह क्रांति के रंग में रंगते हुए अपने आजादी के इतिहास को प्रदर्शित करना चाहती है। इसके लिए बैठक स्थल को जाने वाले प्रत्येक चौराहे और महानगर के चौराहों पर जो रंगोली बनाने का कार्यक्रम तय हुआ है, उसे भी क्रांति की थीम पर रखा गया है। प्रत्येक रंगोली आजादी के संघर्ष की गाथा को प्रदर्शित करती नजर आएगी। व्यवस्था में लगे भाजपाइयों के अनुसार बैठक स्थल पर भी जगह-जगह 1857 की क्रांति के इतिहास को उजागर किया जायेगा। जिसमें शहीदों के चित्र और उनका संक्षिप्त विवरण फ्लैक्स पर होगा। इसके अलावा शहीद स्मारक से आजादी की संघर्ष गाथा के कुछ चित्र लिए गए हैं, इन चित्रों को भी बड़े फ्लैक्स पर प्रिंट कराकर बैठक स्थल पर लगाया जाएगा।
वाल्मीकि समाज को साधने का प्रयास
शहीद मातादीन के यथोचित सम्मान को लेकर वाल्मीकि समाज आज तक संघर्ष कर रहा है। ऐसे में भाजपा ने बैठक स्थल का नाम उनके नाम पर रखते हुए एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक तरफ जहां 1857 की क्रांति के शहीद से बैठक को जोड़ा है, वहीं मातादीन वाल्मीकि का नाम रखकर कहीं न कहीं वाल्मीकि सहित दलित समाज को संदेश देने का प्रयास किया है। भाजपा लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार दलित एजेंडे को शुरू से ही ऊपर लेकर चल रही है।
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मेरठ। क्रांतिधरा पर हो रही भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक को पूरी तरह क्रांति के रंग में ही रंगने का प्रयास हो रहा है। बैठक स्थल का नाम जहां 1857 की क्रांति के शहीद मातादीन वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है, तो वहीं बैठक स्थल पर क्रांतिवीरों के चित्र और उनका संक्षिप्त इतिहास भी दर्ज होगा।
भाजपा प्रदेश कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक शनिवार से हो रही है। क्रांतिधरा पर होने वाली इस बैठक को स्थानीय भाजपा पूरी तरह क्रांति के रंग में रंगते हुए अपने आजादी के इतिहास को प्रदर्शित करना चाहती है। इसके लिए बैठक स्थल को जाने वाले प्रत्येक चौराहे और महानगर के चौराहों पर जो रंगोली बनाने का कार्यक्रम तय हुआ है, उसे भी क्रांति की थीम पर रखा गया है। प्रत्येक रंगोली आजादी के संघर्ष की गाथा को प्रदर्शित करती नजर आएगी। व्यवस्था में लगे भाजपाइयों के अनुसार बैठक स्थल पर भी जगह-जगह 1857 की क्रांति के इतिहास को उजागर किया जायेगा। जिसमें शहीदों के चित्र और उनका संक्षिप्त विवरण फ्लैक्स पर होगा। इसके अलावा शहीद स्मारक से आजादी की संघर्ष गाथा के कुछ चित्र लिए गए हैं, इन चित्रों को भी बड़े फ्लैक्स पर प्रिंट कराकर बैठक स्थल पर लगाया जाएगा।
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वाल्मीकि समाज को साधने का प्रयास
शहीद मातादीन के यथोचित सम्मान को लेकर वाल्मीकि समाज आज तक संघर्ष कर रहा है। ऐसे में भाजपा ने बैठक स्थल का नाम उनके नाम पर रखते हुए एक तीर से दो निशाने साधे हैं। एक तरफ जहां 1857 की क्रांति के शहीद से बैठक को जोड़ा है, वहीं मातादीन वाल्मीकि का नाम रखकर कहीं न कहीं वाल्मीकि सहित दलित समाज को संदेश देने का प्रयास किया है। भाजपा लोकसभा चुनाव की तैयारी में इस बार दलित एजेंडे को शुरू से ही ऊपर लेकर चल रही है।
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