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बीस दुकानों की चाभियां जब्त, जांच भी शुरू
Updated Fri, 18 May 2018 02:04 AM IST
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मेरठ। पल्हैड़ा चौराहे पर बनी मार्केट की बीस दुकानों की चाभियां एमडीए ने जब्त कर ली हैं। सचिव राजकुमार ने सभी चाभियां अपने पास मंगा लीं। उधर, यहां के दुकानदार सचिव से मिले। कहा कि दुकानों में सामान तो खुद एमडीए वालों ने ही रखवाया है। पूरे प्रकरण की जांच शुरू हो गई है।
यह है प्रकरण
हाइवे स्थित पल्हैड़ा चौराहे पर एमडीए ने 400 मीटर भूमि पर 30 दुकानें बनाई थी। यह जगह उन लोगों को दी गई थी जिनसे एमडीए ने एक खसरा नंबर की जमीन खाली कराई। हैरत की बात यह है कि इनमे से 24 दुकानों का पैसा तक जमा नहीं है और यहां दुकानें गुलजार हो गईं। दरअसल प्राधिकरण के मेट, अवर अभियंता से लेकर ऊपर तक के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे रहे, जबकि इन सभी पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बकाया एमडीए का निकल रहा है।
नियमों का नहीं किया पालन
इन दुकानों के आवंटन में शर्त यह थी कि आवंटियों को पत्र प्राप्ति के एक माह के भीतर कुल धनराशि की 25 प्रतिशत रकम जमा करानी होगी। साथ ही 3 वर्ष की 6 छमाही किश्तों में बकाया रकम भी जमा करानी थी। तीन साल से ज्यादा हो गए। लेकिन अधिकतर ने नियमों का पालन ही नहीं किया।
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एमडीए आया एक्शन में
अमर उजाला में पूरा प्रकरण प्रकाशित होने के बाद एमडीए एक्शन में आ गया। एमडीए सचिव राजकुमार ने इन दुकानों की चाभियां जब्त कर लीं। बीस चाभियां एमडीए में मंगा ली गई थीं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच शुरू हो गई है।
दुकानदार बोले हमारा क्या दोष
इस प्रकरण को लेकर सभी दुकानदार आवंटी बृहस्पतिवार को सचिव राजकुमार से मिले। कहा कि उनकी क्या गलती है? जब एमडीए ने जमीन खाली कराई थी तो खुद ही दुकानों में सामान रखवाया था। उन्होंने कहा कि जिस पर जो बकाया है वह दे दिया जाएगा। लेकिन इस तरह कार्रवाई ठीक नहीं है। सचिव ने कहा कि वीसी के आने पर मीटिंग होगी। साथ ही पत्रावली तलब कर ली गई है। जिस पर जितना बकाया है, उसे जमा करना होगा।
बैठक में निपटाएंगे मामला
बीस दुकानों की चाभियां मंगा ली गई हैं। साथ ही सभी पत्रावलियां और बोर्ड में हुए आदेश का परीक्षण हो रहा है। बैठक में सारा मामला निपटाया जाएगा। -राजकुमार, सचिव एमडीए
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यह है प्रकरण
हाइवे स्थित पल्हैड़ा चौराहे पर एमडीए ने 400 मीटर भूमि पर 30 दुकानें बनाई थी। यह जगह उन लोगों को दी गई थी जिनसे एमडीए ने एक खसरा नंबर की जमीन खाली कराई। हैरत की बात यह है कि इनमे से 24 दुकानों का पैसा तक जमा नहीं है और यहां दुकानें गुलजार हो गईं। दरअसल प्राधिकरण के मेट, अवर अभियंता से लेकर ऊपर तक के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे रहे, जबकि इन सभी पर लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बकाया एमडीए का निकल रहा है।
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नियमों का नहीं किया पालन
इन दुकानों के आवंटन में शर्त यह थी कि आवंटियों को पत्र प्राप्ति के एक माह के भीतर कुल धनराशि की 25 प्रतिशत रकम जमा करानी होगी। साथ ही 3 वर्ष की 6 छमाही किश्तों में बकाया रकम भी जमा करानी थी। तीन साल से ज्यादा हो गए। लेकिन अधिकतर ने नियमों का पालन ही नहीं किया।
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एमडीए आया एक्शन में
अमर उजाला में पूरा प्रकरण प्रकाशित होने के बाद एमडीए एक्शन में आ गया। एमडीए सचिव राजकुमार ने इन दुकानों की चाभियां जब्त कर लीं। बीस चाभियां एमडीए में मंगा ली गई थीं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच शुरू हो गई है।
दुकानदार बोले हमारा क्या दोष
इस प्रकरण को लेकर सभी दुकानदार आवंटी बृहस्पतिवार को सचिव राजकुमार से मिले। कहा कि उनकी क्या गलती है? जब एमडीए ने जमीन खाली कराई थी तो खुद ही दुकानों में सामान रखवाया था। उन्होंने कहा कि जिस पर जो बकाया है वह दे दिया जाएगा। लेकिन इस तरह कार्रवाई ठीक नहीं है। सचिव ने कहा कि वीसी के आने पर मीटिंग होगी। साथ ही पत्रावली तलब कर ली गई है। जिस पर जितना बकाया है, उसे जमा करना होगा।
बैठक में निपटाएंगे मामला
बीस दुकानों की चाभियां मंगा ली गई हैं। साथ ही सभी पत्रावलियां और बोर्ड में हुए आदेश का परीक्षण हो रहा है। बैठक में सारा मामला निपटाया जाएगा। -राजकुमार, सचिव एमडीए