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ग्रामीण क्षेत्र के 220 डाकघरों पर ताले लटके
Updated Fri, 18 Aug 2017 02:31 AM IST
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ग्रामीण क्षेत्र के 220 डाकघरों पर ताले लटके
मेरठ। अपनी मांगों को लेकर डाक विभाग के डाक सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिनसे ग्रामीण क्षेत्र के 200 से ज्यादा डाकघरों पर ताले लटक गए हैं। वहीं कर्मियों ने मंडलीय डाकघर पर प्रदर्शन किया।
डाक विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए डाकघरों में डाक सेवकों की तैनाती की है। जनपद में करीब 220 शाखा डाकघर हैं, जिनमें 370 डाक सेवक हैं। ये सभी डाक सेवक अपनी मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। डाक सेवक संघ के मंडलीय सचिव बिजेंद्र कुमार ने बताया कि डाक विभाग द्वारा उनके लिए केवल तीन घंटे कार्य करने का समय निर्धारण किया है। इसी आधार पर उन्हें 6 से 10 हजार रुपये तक मिलते हैं ,लेकिन उनसे आठ घंटे काम लिया जा रहा है। बीपीएम (ब्रांच पोस्ट मास्टर) का काम केवल डाकघर में काम करने का है, लेकिन अधिकारी उन्हें डाक बांटने में भी भेज रहे हैं। ये काम 8 घंटे में होता है जबकि उन्हें तीन घंटे के काम का पारिश्रमिक मिलता है। टारगेट पूरे करने के नाम पर भी उन्हें परेशान किया जाता है। उनकी समस्याआें के लिए जीडीएस कमेटी बनाई गई थी। उसने अपनी रिपोर्ट भी विभाग को दे दी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। इसी वजह से उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। कर्मियों ने कैंट स्थित मंडलीय डाकघर पर धरना प्रदर्शन किया।
खास बात
डाक सेवा ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए डाक सेवक
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मेरठ। अपनी मांगों को लेकर डाक विभाग के डाक सेवक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जिनसे ग्रामीण क्षेत्र के 200 से ज्यादा डाकघरों पर ताले लटक गए हैं। वहीं कर्मियों ने मंडलीय डाकघर पर प्रदर्शन किया।
डाक विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए डाकघरों में डाक सेवकों की तैनाती की है। जनपद में करीब 220 शाखा डाकघर हैं, जिनमें 370 डाक सेवक हैं। ये सभी डाक सेवक अपनी मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। डाक सेवक संघ के मंडलीय सचिव बिजेंद्र कुमार ने बताया कि डाक विभाग द्वारा उनके लिए केवल तीन घंटे कार्य करने का समय निर्धारण किया है। इसी आधार पर उन्हें 6 से 10 हजार रुपये तक मिलते हैं ,लेकिन उनसे आठ घंटे काम लिया जा रहा है। बीपीएम (ब्रांच पोस्ट मास्टर) का काम केवल डाकघर में काम करने का है, लेकिन अधिकारी उन्हें डाक बांटने में भी भेज रहे हैं। ये काम 8 घंटे में होता है जबकि उन्हें तीन घंटे के काम का पारिश्रमिक मिलता है। टारगेट पूरे करने के नाम पर भी उन्हें परेशान किया जाता है। उनकी समस्याआें के लिए जीडीएस कमेटी बनाई गई थी। उसने अपनी रिपोर्ट भी विभाग को दे दी, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। इसी वजह से उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। कर्मियों ने कैंट स्थित मंडलीय डाकघर पर धरना प्रदर्शन किया।
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खास बात
डाक सेवा ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए डाक सेवक