फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   छोटी नदियों को संवारेंगे, हिंडन से होगी शुरूआत

छोटी नदियों को संवारेंगे, हिंडन से होगी शुरूआत

Sun, 25 Jun 2017 08:51 PM IST
Updated Sun, 25 Jun 2017 08:51 PM IST
विज्ञापन
छोटी नदियों को संवारेंगे, हिंडन से होगी शुरूआत
मेरठ। छोटी नदियों को संवारकर ही गंगा को साफ किया जा सकता है। सरकार ने इस पर अमल शुरू कर दिया है। काली नदी पश्चिम, काली नदी पूर्व और हिंडन जैसी छोटी नदियों को प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। इस काम में समाज के सभी वर्गों और संस्थाओं की मदद ली जाएगी।
विज्ञापन

यह बात नेशनल मिशन फोर क्लीन गंगा भारत सरकार के सलाहकार और पूर्व डीजीपी आरएन सिंह ने कही। रविवार को चौधरी चरण विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन सभागार में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नदियों की दशा, दिशा और समाधान विषय पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि नदियों को साफ करने में समाज भी हिस्सा बने, इस वजह से आज गोष्ठी की शुरूआत की गई है। संत समाज को पंजाब के सींचेवाल मॉडल की तरह मदद के लिए आगे आना चाहिए। सामाजिक और धार्मिक संगठनों को जल संरक्षण और नदी संरक्षण के उदाहरण प्रस्तुत करने होंगे। वह यह काम करते आए हैं। सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ आने वाले दिनों में बैठक और गोष्ठी की जाएंगी।
विज्ञापन

शिवालिक से होगा शुभारंभ
उन्होंने कहा कि 30 जुलाई को हिंडन नदी के उद्गम स्थल शिवालिक में बैठक की जाएगी। वन गुर्जरों का साथ लिया जाएगा। हिंडन की सफाई का अभियान शिवालिक से शुरू होगा। गोष्ठी के विशिष्ट अतिथि जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय में सलाहकार अनीता सिंह ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी छोटी नदियों को नमामि गंगे प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है। छोटी नदियों में अब अधिक दिनों तक प्रदूषण नहीं रहेगा। सफाई के लिए सरकार स्वयंसेवी संगठनों की मदद लेगी। छोटी नदियां साफ होंगी तो गंगा भी साफ हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

गंगा में बहाएं शव
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हमें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार होना पड़ेगा। गांव में बुजुर्गों की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने जाते हैं। उनके अपने खेत में दबाकर गंगा को गंदा न कर अपना योगदान दे सकते हैं। खेत में जहां अस्थियां दबाई जाएं, वहां पेड़ लगाकर प्रकृति को बढ़ावा दें। इससे बुजुर्गों की याद भी बनी रहेगी।

साधु संत भी भूमिका निभाएं
महा मंडलेश्वर भैयाजी दास महाराज जी ने कहा कि साधु संतों को नदियों के प्रति अपनी भूमिका निभानी चाहिए। नदियां समाज का आइना हैं। इनको पुनर्जीवित करने का काम किया जाएगा। ‘मेरी हिंडन मेरी पहल’ के समन्वयक कृष्णवीर चौधरी ने कहा कि सरकारी नीतियों के कारण नदियां प्रदूषित और पानी समाप्त हो रहा है। हमें अपने विकास के मॉडल पर दोबारा सोचना चाहिए। नीर फाउंडेशन के निदेशक रमन त्यागी ने कहा कि मेरठ और सहारनपुर मंडल की नदियां और जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञों के सुझाव और मदद से नदी सुधार की रणनीति तैयार की जाएगी। गोष्ठी में पीके शर्मा, डॉ. उमर सैफ, राहुल राणा, नवनीत सिंह, विक्रांत, योगेश नागर, रामवीर तंवर, कृष्णकांत हूण आदि मौजूद रहे। संगठनों में डेरा सच्चा सौदा, परमधाम न्यास, शांतिकुंज, पतंजलि स्वाभिमान ट्रस्ट के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संगठनों ने नदी सुधार में सहयोग का आश्वासन दिया। संचालन रिसर्च एंड रिलीफ सोसायटी के अध्यक्ष नवीन प्रधान ने किया।
पश्चिमी उप्र की नदियों की दशा और दिशा पर सीसीएसयू में हुई गोष्ठी
छोटी नदियों को संवारने से शुरुआत का आह्वान, सबको जोड़ेंगे
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed