{"_id":"62e9889bb1caa615fc27a303","slug":"40-day-shree-shantinath-vidhan-started-with-flag-hoisting-mawana-news-mrt5995771130","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीवो की रक्षा ही धर्म : भाव भूषण महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीवो की रक्षा ही धर्म : भाव भूषण महाराज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान का ध्वजारोहण के साथ शुभारंभ
हस्तिनापुर। श्री दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के त्रिमूर्ति जिनालय में श्री शांतिनाथ भगवान के सम्मुख शांतिनाथ विधान का शुभारंभ हुआ। मंदिर प्रबंधक मुकेश जैन ने बताया कि 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान के प्रथम दिन मुख्य वेदी में अभिषेक एवं शान्तिधारा की गई। उसके बाद योगेश जैन, दीपेश जैन, रीतेश जैन, प्रवेश जैन ने ध्वजारोहण किया। यहां मुनि समाधि सागर महाराज, निर्वाण भूषण महाराज, भाव भूषण महाराज, अभिनंदन सागर महाराज उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि जहां पर अहिंसा तत्व की सर्वोपरि प्रधानता हो वहीं जैन धर्म है। तीर्थंकर ऋषभ देव ने दयामूलक धर्म का निर्माण या प्रवर्तन किया। जो दया से विशुद्ध हो वही धर्म है। जीवों की रक्षा ही धर्म है। अहिंसा के लक्षण जिसमें पाए जाएं, वही धर्म है। ऐसे धर्म में दो वर्ग माने गये हैं मुनि व श्रावक मुनिराज। सभी आरंभ परिग्रह के त्यागी होते हैं। उनके लिए पूजन का कोई विधान नही है। श्रावक घर गृृहस्थी में रहता है। उसके पाप कर्म होते रहते हैं। उनके प्रक्षालन के लिए पूजन जरूरी है। 40 दिवसीय अनुष्ठान को बाल ब्र. सुनीता दीदी के दिशा निर्देशन एवं आशीष शास्त्री व दीपांशु जैन द्वारा विधान से कराया गया। क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेन्द्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, मानसरोवर, सुनील जैन, प्रवीण जैन, मनोज जैन, अनिल जैन, विनय जैन ने पधारे पात्रों का तिलक एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया।
शिव मंदिर में भंडारे का आयोजन
लावड़। कस्बा स्थित श्री शिव बड़ा मंदिर में मंगलवार को 44वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह पुजारी बाल कृष्ण शास्त्री ने हवन पूजन कराया। पुजारी बालकृष्ण शास्त्री ने बताया कि शिवरात्रि के बाद प्रतिवर्ष मंदिर में भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसमें कस्बे के लोग सहयोग करते हैं। भंडारे का मोहन भैया, महकार सैनी, अनिल फौजी, मोहित कौशिक, अंशुल ने शुभारंभ किया। श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी और हलवे का प्रसाद बांटा गया। यहां प्रमोद सैनी, सुदीप कश्यप, शिव कुमार सैनी, शंकर सैनी, उमेश कश्यप, बंटी सैनी, संदीप सैनी, राजेंद्र सैनी, अक्षय गर्ग, विशाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वहीं, दौराला कस्बे के योगेश्वर महादेव मंदिर में नाग पंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। पंडित सुरेश शास्त्री ने हवन कराया। समाज सेवी पुरुषोत्तम उपाध्याय के ध्वज लहराया। यहां अमरेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, पूजा रानी, विशाल, देवेंद्र, गुलबीर, ओमवीर, राजपाल, जगशरण, राकेश आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
हस्तिनापुर। श्री दिगम्बर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के त्रिमूर्ति जिनालय में श्री शांतिनाथ भगवान के सम्मुख शांतिनाथ विधान का शुभारंभ हुआ। मंदिर प्रबंधक मुकेश जैन ने बताया कि 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान के प्रथम दिन मुख्य वेदी में अभिषेक एवं शान्तिधारा की गई। उसके बाद योगेश जैन, दीपेश जैन, रीतेश जैन, प्रवेश जैन ने ध्वजारोहण किया। यहां मुनि समाधि सागर महाराज, निर्वाण भूषण महाराज, भाव भूषण महाराज, अभिनंदन सागर महाराज उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि जहां पर अहिंसा तत्व की सर्वोपरि प्रधानता हो वहीं जैन धर्म है। तीर्थंकर ऋषभ देव ने दयामूलक धर्म का निर्माण या प्रवर्तन किया। जो दया से विशुद्ध हो वही धर्म है। जीवों की रक्षा ही धर्म है। अहिंसा के लक्षण जिसमें पाए जाएं, वही धर्म है। ऐसे धर्म में दो वर्ग माने गये हैं मुनि व श्रावक मुनिराज। सभी आरंभ परिग्रह के त्यागी होते हैं। उनके लिए पूजन का कोई विधान नही है। श्रावक घर गृृहस्थी में रहता है। उसके पाप कर्म होते रहते हैं। उनके प्रक्षालन के लिए पूजन जरूरी है। 40 दिवसीय अनुष्ठान को बाल ब्र. सुनीता दीदी के दिशा निर्देशन एवं आशीष शास्त्री व दीपांशु जैन द्वारा विधान से कराया गया। क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेन्द्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, मानसरोवर, सुनील जैन, प्रवीण जैन, मनोज जैन, अनिल जैन, विनय जैन ने पधारे पात्रों का तिलक एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया।
विज्ञापन
शिव मंदिर में भंडारे का आयोजन
लावड़। कस्बा स्थित श्री शिव बड़ा मंदिर में मंगलवार को 44वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह पुजारी बाल कृष्ण शास्त्री ने हवन पूजन कराया। पुजारी बालकृष्ण शास्त्री ने बताया कि शिवरात्रि के बाद प्रतिवर्ष मंदिर में भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसमें कस्बे के लोग सहयोग करते हैं। भंडारे का मोहन भैया, महकार सैनी, अनिल फौजी, मोहित कौशिक, अंशुल ने शुभारंभ किया। श्रद्धालुओं को पूड़ी-सब्जी और हलवे का प्रसाद बांटा गया। यहां प्रमोद सैनी, सुदीप कश्यप, शिव कुमार सैनी, शंकर सैनी, उमेश कश्यप, बंटी सैनी, संदीप सैनी, राजेंद्र सैनी, अक्षय गर्ग, विशाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
वहीं, दौराला कस्बे के योगेश्वर महादेव मंदिर में नाग पंचमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। पंडित सुरेश शास्त्री ने हवन कराया। समाज सेवी पुरुषोत्तम उपाध्याय के ध्वज लहराया। यहां अमरेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, पूजा रानी, विशाल, देवेंद्र, गुलबीर, ओमवीर, राजपाल, जगशरण, राकेश आदि मौजूद रहे। संवाद