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चार लाख 42 हजार मरीजों को मिला एंबुलेंस सेवा का लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 May 2017 02:36 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
जिले में एंबुलेंस सेवाओं (108 और 102) से अब तक चार लाख 42 हजार 80 लोगों को मदद दी गई है। बुधवार को इन एंबुलेंस का संचालन करने वाली संस्था जीवीके ईएमआरआई ने यह आंकडे़ जारी किए हैं। योजना के तहत जिले में कुल 63 एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है।
संस्था के मीडिया प्रभारी अजय यादव ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन शुरू होने से 30 अप्रैल 2017 तक मेरठ जिले में इसके लाभार्थियों का आंकड़ा एक लाख 32 हजार 992 है। इनमें सड़क दुर्घटना संबंधी 9273, तेज पेट दर्द के 8872, सांस में तकलीफ के 6009, हृदय रोग के 3522, बुखार के 12776, बेहोशी के 2325 और अन्य आपातकालीन मामलों के लाभार्थी शामिल हैं। जिले में 108 एंबुलेंस सेवा के तहत 25 एंबुलेंस संचालित हैं। इसकी शुरुआत 14 सितंबर 2012 को की गई थी। इसके अलावा 102 एंबुलेंस सेवा के तहत जिले में तीन लाख नौ हजार 88 लोगों को मदद दी गई। इस सेवा के तहत मेरठ में 38 एंबुलेंस हैं। 102 एंबुलेंस सेवा 17 जनवरी 2014 को शुरू हुई थी। जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (ईएमआरआई) इन दोनों एंबुलेंस को संचालित करती है।
प्रदेशभर में पौने तीन करोड़ को मिला लाभ
जीवीके ईएमआरआई संस्था के आंकड़ों के तहत प्रदेश भर में दोनों एंबुलेंस सेवाओं के तहत दो करोड़ 76 लाख 5429 लोगों को लाभ मिला है। 108 एंबुलेंस सेवा के तहत लाभार्थियों का आंकड़ा 80 लाख 64 हजार 128 है। प्रदेश में 1488 एंबुलेंस (108) संचालित हैं। वहीं, 102 एंबुलेंस के तहत प्रदेश भर में लाभार्थियों का आंकड़ा एक करोड़ 95 लाख 41 हजार 301 है। प्रदेश में 2270 एंबुलेंस (102) संचालित हैं।
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108 एंबुलेंस पर कब डायल कर सकते हैं
- दिल का दौरा पड़ने पर
- तेज पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ होने पर
- किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर
- जानवरों के काटने, अचानक बेहोश होने पर
- इमरजेंसी के समय
102 एंबुलेंस पर कब डायल कर सकते हैं
- गर्भवती महिला को घर से नजदीक सरकारी अस्पताल तक लाने और वापस घर तक छोड़ने के लिए।
- गर्भवती महिला और शिशु को बेहतर इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक ले जाना।
- एक साल तक के बच्चे को बीमार होने पर अस्पताल लाने और वापस ले जाने की सुविधा।
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संस्था के मीडिया प्रभारी अजय यादव ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन शुरू होने से 30 अप्रैल 2017 तक मेरठ जिले में इसके लाभार्थियों का आंकड़ा एक लाख 32 हजार 992 है। इनमें सड़क दुर्घटना संबंधी 9273, तेज पेट दर्द के 8872, सांस में तकलीफ के 6009, हृदय रोग के 3522, बुखार के 12776, बेहोशी के 2325 और अन्य आपातकालीन मामलों के लाभार्थी शामिल हैं। जिले में 108 एंबुलेंस सेवा के तहत 25 एंबुलेंस संचालित हैं। इसकी शुरुआत 14 सितंबर 2012 को की गई थी। इसके अलावा 102 एंबुलेंस सेवा के तहत जिले में तीन लाख नौ हजार 88 लोगों को मदद दी गई। इस सेवा के तहत मेरठ में 38 एंबुलेंस हैं। 102 एंबुलेंस सेवा 17 जनवरी 2014 को शुरू हुई थी। जीवीके इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (ईएमआरआई) इन दोनों एंबुलेंस को संचालित करती है।
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प्रदेशभर में पौने तीन करोड़ को मिला लाभ
जीवीके ईएमआरआई संस्था के आंकड़ों के तहत प्रदेश भर में दोनों एंबुलेंस सेवाओं के तहत दो करोड़ 76 लाख 5429 लोगों को लाभ मिला है। 108 एंबुलेंस सेवा के तहत लाभार्थियों का आंकड़ा 80 लाख 64 हजार 128 है। प्रदेश में 1488 एंबुलेंस (108) संचालित हैं। वहीं, 102 एंबुलेंस के तहत प्रदेश भर में लाभार्थियों का आंकड़ा एक करोड़ 95 लाख 41 हजार 301 है। प्रदेश में 2270 एंबुलेंस (102) संचालित हैं।
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108 एंबुलेंस पर कब डायल कर सकते हैं
- दिल का दौरा पड़ने पर
- तेज पेट दर्द, सांस लेने में तकलीफ होने पर
- किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर
- जानवरों के काटने, अचानक बेहोश होने पर
- इमरजेंसी के समय
102 एंबुलेंस पर कब डायल कर सकते हैं
- गर्भवती महिला को घर से नजदीक सरकारी अस्पताल तक लाने और वापस घर तक छोड़ने के लिए।
- गर्भवती महिला और शिशु को बेहतर इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक ले जाना।
- एक साल तक के बच्चे को बीमार होने पर अस्पताल लाने और वापस ले जाने की सुविधा।