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जिले के 379 तालाब धरा से गायब हुए
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जिले के 379 तालाब धरा से गायब हुए
मुजफ्फरनगर। जिले में कुल 3576 तालाब रिकार्ड में अंकित होने के साथ ही धरातल पर भी मौजूद थे। बीते तीन दशक में आबादी तेजी से बढ़ी तो 379 तालाब और उनका 103.6 हेक्टेयर का रकबा धरा से गायब हो गया। अब ये तालाब कागजों में तो हैं, लेकिन धरातल पर नहीं है। जिले के 638 तालाब ऐसे हैं, जिन पर लोगों ने आंशिक कब्जे कर रखे हैं।
जिला प्रशासन ने जनपद के सभी तालाबों को धरा एप पर अंकित करने का अभियान चलाया था। एडीएम प्रशासन अमित सिंह के नेतृत्व में जिले के सभी 498 राजस्व ग्रामों के लेखपालों को अपने-अपने गांवों का रिकार्ड देने के साथ वास्तविक स्थिति बताने, मौके के फोटो कराने, पैमाइश कराने के लिए कहा गया था। इससे तालाब की वास्तविक स्थिति धरा एप पर आ गई है। लगभग तीन माह तक चले अभियान में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह सामने आया है कि जिले में कुल 3576 तालाब थे और इनका रकबा 1789.2 हेक्टेयर होता था। अभी भी 2559 तालाब और उनका 1569.3 हेक्टेयर का रकबा पूरी तरह कब्जा मुक्त है। जिले के 116.1 हेक्टेयर के 638 तालाब ऐसे हैं, जिन पर आंशिक कब्जा है। इस पूरी जांच प्रक्रिया में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि 379 तालाब ऐसे हैं, जो रिकार्ड में तो हैं, लेकिन उनका अब कहीं कोई अस्तित्व नहीं है। इन तालाबों की 103.6 हेक्टेयर भूमि पर आबादी बस चुकी है। तालाब यहां गुजरे जमाने की बात हो गए हैं। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि तालाबों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा को लेकर धरा एप पर यह एक अनूठा प्रयास किया गया है। क्लिक करते ही तालाब की स्थिति हमारे सामने होगी। जल्द ही तालाबों का समस्त रिकार्ड गूगल पर अपलोड कर दिया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। जिले में कुल 3576 तालाब रिकार्ड में अंकित होने के साथ ही धरातल पर भी मौजूद थे। बीते तीन दशक में आबादी तेजी से बढ़ी तो 379 तालाब और उनका 103.6 हेक्टेयर का रकबा धरा से गायब हो गया। अब ये तालाब कागजों में तो हैं, लेकिन धरातल पर नहीं है। जिले के 638 तालाब ऐसे हैं, जिन पर लोगों ने आंशिक कब्जे कर रखे हैं।
जिला प्रशासन ने जनपद के सभी तालाबों को धरा एप पर अंकित करने का अभियान चलाया था। एडीएम प्रशासन अमित सिंह के नेतृत्व में जिले के सभी 498 राजस्व ग्रामों के लेखपालों को अपने-अपने गांवों का रिकार्ड देने के साथ वास्तविक स्थिति बताने, मौके के फोटो कराने, पैमाइश कराने के लिए कहा गया था। इससे तालाब की वास्तविक स्थिति धरा एप पर आ गई है। लगभग तीन माह तक चले अभियान में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह सामने आया है कि जिले में कुल 3576 तालाब थे और इनका रकबा 1789.2 हेक्टेयर होता था। अभी भी 2559 तालाब और उनका 1569.3 हेक्टेयर का रकबा पूरी तरह कब्जा मुक्त है। जिले के 116.1 हेक्टेयर के 638 तालाब ऐसे हैं, जिन पर आंशिक कब्जा है। इस पूरी जांच प्रक्रिया में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि 379 तालाब ऐसे हैं, जो रिकार्ड में तो हैं, लेकिन उनका अब कहीं कोई अस्तित्व नहीं है। इन तालाबों की 103.6 हेक्टेयर भूमि पर आबादी बस चुकी है। तालाब यहां गुजरे जमाने की बात हो गए हैं। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि तालाबों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा को लेकर धरा एप पर यह एक अनूठा प्रयास किया गया है। क्लिक करते ही तालाब की स्थिति हमारे सामने होगी। जल्द ही तालाबों का समस्त रिकार्ड गूगल पर अपलोड कर दिया जाएगा।
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