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कताई मिल पर कर्मचारियों का 356 करोड़ बकाया, कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन
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कताई मिल पर कर्मचारियों का 356 करोड़ बकाया, कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन
परतापुर। परतापुर कताई मिल में विकसित किए जाने वाले नए औद्योगिक क्षेत्र में पेच फंस सकता है। सूत निगम द्वारा मिल का हस्तांतरण यूपीसीडा को होगा। यूपीसीडा मिल खरीदकर वहां नया औद्योगिक क्षेत्र बसाएगी लेकिन अब मिल के पुराने कर्मचारियों ने अपने बकाया भुगतान की मांग की है। रविवार को मिल के पूर्व कर्मचारियों ने मिल के सामने प्रदर्शन कर कहा कि जब तक हमें अपनी बकाया राशि नहीं मिलेगी, हम मिल नहीं बिकने देंगे।
कताई मिल की एक्स एंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने यूपीएसआईडीसी से कताई निगम पर बकाया 356 करोड़ रुपये की मांग उठानी शुरु कर दी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष नैपाल सिंह ने कहा कि 1977 में मिल में लगभग 3 हजार कर्मचारी थे। 2000 में मिल बंद करते हुए कुछ को वीआरएस दे दिया गया था। इस समय 400 कर्मचारी रह गए हैं। बाद में इसके लिए संघर्ष शुरू हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया। आदेश के बावजूद बकाया नहीं मिलने पर एसोसिएशन ने मामला हाईकोर्ट इलाहाबाद में डाल दिया। इस मौके पर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष निजामुददीन और संगठन मंत्री शकील अहमद और डॉ. नजमुद्दीन सैफी मौजूद रहे।
बकाया का भुगतान होगा
सहायक सचिव बीके मिश्रा का कहना है कि मिल कर्मियों का बकाया है। उसका भुगतान उन्हें होगा। यूपीसीडा मिल खरीदते वक्त उस बकाये का भुगतान भी कर्मचारियों को करेगी लेकिन यह धनराशि 356 करोड़ रुपये नहीं है।
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परतापुर। परतापुर कताई मिल में विकसित किए जाने वाले नए औद्योगिक क्षेत्र में पेच फंस सकता है। सूत निगम द्वारा मिल का हस्तांतरण यूपीसीडा को होगा। यूपीसीडा मिल खरीदकर वहां नया औद्योगिक क्षेत्र बसाएगी लेकिन अब मिल के पुराने कर्मचारियों ने अपने बकाया भुगतान की मांग की है। रविवार को मिल के पूर्व कर्मचारियों ने मिल के सामने प्रदर्शन कर कहा कि जब तक हमें अपनी बकाया राशि नहीं मिलेगी, हम मिल नहीं बिकने देंगे।
कताई मिल की एक्स एंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने यूपीएसआईडीसी से कताई निगम पर बकाया 356 करोड़ रुपये की मांग उठानी शुरु कर दी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष नैपाल सिंह ने कहा कि 1977 में मिल में लगभग 3 हजार कर्मचारी थे। 2000 में मिल बंद करते हुए कुछ को वीआरएस दे दिया गया था। इस समय 400 कर्मचारी रह गए हैं। बाद में इसके लिए संघर्ष शुरू हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया। आदेश के बावजूद बकाया नहीं मिलने पर एसोसिएशन ने मामला हाईकोर्ट इलाहाबाद में डाल दिया। इस मौके पर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष निजामुददीन और संगठन मंत्री शकील अहमद और डॉ. नजमुद्दीन सैफी मौजूद रहे।
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बकाया का भुगतान होगा
सहायक सचिव बीके मिश्रा का कहना है कि मिल कर्मियों का बकाया है। उसका भुगतान उन्हें होगा। यूपीसीडा मिल खरीदते वक्त उस बकाये का भुगतान भी कर्मचारियों को करेगी लेकिन यह धनराशि 356 करोड़ रुपये नहीं है।
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