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बिजनौर: ग्राम पंचायतों से होगी 34 करोड़ की रिकवरी, मनमर्जी से खरीदीं एलईडी लाइट, निर्माण कार्याें में भी धांधली
Fri, 06 Nov 2020 12:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Nov 2020 12:59 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में ग्राम पंचायतों में विकास के लिए आए धन का ग्राम प्रधानों व सचिवों ने जमकर दुरुपयोग किया। वित्तीय वर्ष 2017-18 में ग्राम प्रधान और सचिव ने सरकारी संस्थाओं से होने वाली खरीद निजी संस्थाओं से की और कई तरह की खरीदारी के वाउचर तक नहीं मिले। करीब 34 करोड़ के रुपये की वित्तीय अनियमितता मिली है। शासन ने इस मामले में ग्राम प्रधानों व सचिवों से धन की रिकवरी के लिए जिला पंचायतराज अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
गांवों के विकास के लिए बजट में इस धन को खर्च करने के लिए काफी मानक भी बनाए गए हैं। ग्राम प्रधान और सचिवों के लिए ये दिशा निर्देश कोई मायने नहीं रखते। 2017-18 में केंद्र के 14वें वित्तीय आयोग व चतुर्थ राज्य वित्त आयोग द्वारा काफी बजट जारी किया गया था।
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गांवों के विकास के लिए बजट में इस धन को खर्च करने के लिए काफी मानक भी बनाए गए हैं। ग्राम प्रधान और सचिवों के लिए ये दिशा निर्देश कोई मायने नहीं रखते। 2017-18 में केंद्र के 14वें वित्तीय आयोग व चतुर्थ राज्य वित्त आयोग द्वारा काफी बजट जारी किया गया था।
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मनमर्जी से खरीदीं एलईडी लाइट
ग्राम पंचायतों को जगमग करने के लिए गांव-गांव एलईडी लाइट लगवाई गईं। शासन ने अनुमोदित कंपनियों से एलईडी लाइट खरीदी जानी थी। प्रधानों व सचिवों ने अपनी मनमर्जी की फर्म से एलईडी लाइट खरीदीं। बाकी निर्माण कार्यों में भी धांधली हुई। जिला लेखा एवं परीक्षा विभाग के ग्राम पंचायतों के ऑडिट में पता चला है कि ग्राम प्रधानों व सचिवों ने साढ़े 34 करोड़ रुपये मनमर्जी से खर्च किए। अब इस अनियमितता की वसूली भी ग्राम प्रधानों व सचिवों से ही की जाएगी।
बेंच लगाने का खर्च 10 लाख
ग्राम पंचायतों में एलईडी लाइट लगवाने के साथ -साथ सीमेंट की बेंच भी लगवाई गईं। ग्राम प्रधानों ने मनमर्जी के रेट पर बेंचों की खरीद दिखाई है। कहीं-कहीं बेंच लगाने का खर्च दस लाख रुपये तक मिला है। कई जगह सीमेंट की बेंच और एलईडी लाइट की खरीद के व्यय प्रमाण पत्र तक नहीं मिले। मनरेगा के कामों और खड़ंजा आदि लगाने में भी सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग किया गया।
इन ग्राम पंचायतों में हुई गड़बड़ी
विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल के गांव इटावा, गंजालपुर, बादशाहपुर, नजीबाबाद के गांव कामगारपुर, रामपुर खास, सबलगढ़, काशीरामपुर, दहीरपुर, सबलपुर बीतरा, चंदोक, लालपुरमान, धामपुर के चकराजमल, मोहम्मद अलीपुर भिक्कन, स्योहारा के खलीलपुर, रामपुर टुल्ली, अमीरपुर, फतेहाबाद फैजुल्लापुर, दौलताबाद, भोगपुर, अमीनाबाद, कासमाबाद, सुमालखेड़ी, सदाफल, माधवपुर उदयचंद में फर्जीवाड़ा मिला है।
नूरपुर ब्लॉक के गांव असदपुर धमरौली, फतेहाबाद, पैजनियां, बमनौला, खासपुरा, अथाई जगरूद्दीनपुर, औलियारपुर, जलीलपुर के गांव बमनौली, थुरैला, ठेढ़, कमालपुर, जमालुद्दीनपुर, औरंगपुर जोगीपुर, अफजलगढ़ के गांव जयसिंह, जोत, रसूलपुर आबाद, जाप्तानगर, शाहपुर कुराली, हरेवली, सुक्खेवाला, छजमलवाला, सिरियावाली, वाजिदपुर, मोहद्दीनपुर, अमाननगर, रायपुरी, असफाबाद चमन, मोहम्मनगर उर्फ जोगीपुरा, चांदपुर उदयपुर, हिदायतपुर, शहजादपुर, नारायणपुर, सुआवाला, उमरपुर नत्थन, वीरभानवाला, शिवपुरी, फजलाबाद परमानंदपुर, सुल्ताननगर, रेहड़, कासमपुर गढ़ी, त्रिलोकपुर, पदारथपुर, भवानीपुर, आलमपुर गांवड़ी, चंपतपुर चकला, खिजरपुर, नारायणवाला, फतेहपुर धारा, अनवरपुर चंडिका, अराजी कांडला, कुआखेड़ा, अजीमुल्लानगर, मधपुरी, शाहपुर जमाल, सुल्तानपुर खास, दहलावाला, केहरीपुर जंगल, नागपुर खड़गसैन, मीरापुर मादीवाला, शाहपुर जमाल, मकसूदाबाद, महसनपुर, माधोवाला, हरवेला, कल्लूवाला, हसनपुर, रफैतपुर हुल्लास, सीरवासुचंद, सलावतनगर, गोवर्धनपुर, इस्लामनगर, तुरतपुर में वित्तीय घोटाले हुए हैं। इन ग्राम पंचायतों में कुल 34 करोड़ 49 लाख आठ हजार 627 रुपये की अनियमित्ताएं मिलीं हैं।
ग्राम पंचायतों को जगमग करने के लिए गांव-गांव एलईडी लाइट लगवाई गईं। शासन ने अनुमोदित कंपनियों से एलईडी लाइट खरीदी जानी थी। प्रधानों व सचिवों ने अपनी मनमर्जी की फर्म से एलईडी लाइट खरीदीं। बाकी निर्माण कार्यों में भी धांधली हुई। जिला लेखा एवं परीक्षा विभाग के ग्राम पंचायतों के ऑडिट में पता चला है कि ग्राम प्रधानों व सचिवों ने साढ़े 34 करोड़ रुपये मनमर्जी से खर्च किए। अब इस अनियमितता की वसूली भी ग्राम प्रधानों व सचिवों से ही की जाएगी।
बेंच लगाने का खर्च 10 लाख
ग्राम पंचायतों में एलईडी लाइट लगवाने के साथ -साथ सीमेंट की बेंच भी लगवाई गईं। ग्राम प्रधानों ने मनमर्जी के रेट पर बेंचों की खरीद दिखाई है। कहीं-कहीं बेंच लगाने का खर्च दस लाख रुपये तक मिला है। कई जगह सीमेंट की बेंच और एलईडी लाइट की खरीद के व्यय प्रमाण पत्र तक नहीं मिले। मनरेगा के कामों और खड़ंजा आदि लगाने में भी सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग किया गया।
इन ग्राम पंचायतों में हुई गड़बड़ी
विकास खंड मोहम्मदपुर देवमल के गांव इटावा, गंजालपुर, बादशाहपुर, नजीबाबाद के गांव कामगारपुर, रामपुर खास, सबलगढ़, काशीरामपुर, दहीरपुर, सबलपुर बीतरा, चंदोक, लालपुरमान, धामपुर के चकराजमल, मोहम्मद अलीपुर भिक्कन, स्योहारा के खलीलपुर, रामपुर टुल्ली, अमीरपुर, फतेहाबाद फैजुल्लापुर, दौलताबाद, भोगपुर, अमीनाबाद, कासमाबाद, सुमालखेड़ी, सदाफल, माधवपुर उदयचंद में फर्जीवाड़ा मिला है।
नूरपुर ब्लॉक के गांव असदपुर धमरौली, फतेहाबाद, पैजनियां, बमनौला, खासपुरा, अथाई जगरूद्दीनपुर, औलियारपुर, जलीलपुर के गांव बमनौली, थुरैला, ठेढ़, कमालपुर, जमालुद्दीनपुर, औरंगपुर जोगीपुर, अफजलगढ़ के गांव जयसिंह, जोत, रसूलपुर आबाद, जाप्तानगर, शाहपुर कुराली, हरेवली, सुक्खेवाला, छजमलवाला, सिरियावाली, वाजिदपुर, मोहद्दीनपुर, अमाननगर, रायपुरी, असफाबाद चमन, मोहम्मनगर उर्फ जोगीपुरा, चांदपुर उदयपुर, हिदायतपुर, शहजादपुर, नारायणपुर, सुआवाला, उमरपुर नत्थन, वीरभानवाला, शिवपुरी, फजलाबाद परमानंदपुर, सुल्ताननगर, रेहड़, कासमपुर गढ़ी, त्रिलोकपुर, पदारथपुर, भवानीपुर, आलमपुर गांवड़ी, चंपतपुर चकला, खिजरपुर, नारायणवाला, फतेहपुर धारा, अनवरपुर चंडिका, अराजी कांडला, कुआखेड़ा, अजीमुल्लानगर, मधपुरी, शाहपुर जमाल, सुल्तानपुर खास, दहलावाला, केहरीपुर जंगल, नागपुर खड़गसैन, मीरापुर मादीवाला, शाहपुर जमाल, मकसूदाबाद, महसनपुर, माधोवाला, हरवेला, कल्लूवाला, हसनपुर, रफैतपुर हुल्लास, सीरवासुचंद, सलावतनगर, गोवर्धनपुर, इस्लामनगर, तुरतपुर में वित्तीय घोटाले हुए हैं। इन ग्राम पंचायतों में कुल 34 करोड़ 49 लाख आठ हजार 627 रुपये की अनियमित्ताएं मिलीं हैं।
नहीं हुई वसूली
विगत वर्षों की ब्लॉक कोतवाली व किरतपुर की वित्तीय अनियमितताओं की अब तक प्रधानों व सचिवों से वसूली नहीं हो पाई है। वसूली के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखा गया था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
गलत तरीके से खर्च हुआ बजट
जिला लेखा परीक्षक अधिकारी शकील मोहम्मद के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 में खर्च हुए बजट की जांच में 34 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं। यह धनराशि गलत तरीके से खर्च की गई है। इसकी कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को पत्र लिखा गया है।
सचिव से मांगे हैं साक्ष्य
जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत के सचिव को रिपोर्ट भेज कर साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है। साक्ष्य उपलब्ध न होने पर वे दोषी माने जाएंगे। उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
विगत वर्षों की ब्लॉक कोतवाली व किरतपुर की वित्तीय अनियमितताओं की अब तक प्रधानों व सचिवों से वसूली नहीं हो पाई है। वसूली के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखा गया था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
गलत तरीके से खर्च हुआ बजट
जिला लेखा परीक्षक अधिकारी शकील मोहम्मद के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 में खर्च हुए बजट की जांच में 34 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं। यह धनराशि गलत तरीके से खर्च की गई है। इसकी कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को पत्र लिखा गया है।
सचिव से मांगे हैं साक्ष्य
जिला पंचायत राज अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत के सचिव को रिपोर्ट भेज कर साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा गया है। साक्ष्य उपलब्ध न होने पर वे दोषी माने जाएंगे। उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।