32वीं नॉर्थ जोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का समापन, यूपी ने जीते 60 पदक, मेरठ के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन
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कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित 32वीं नॉर्थ जोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप का सोमवार को समापन हो गया। तीसरे व अंतिम दिन 400 मीटर हर्डल, 10 हजार मीटर दौड़, हैमर थ्रो, ट्रिपल जंप इवेंट हुए। तीनों दिन हरियाणा दबदबा बनाते हुए कुल 81 पदक हासिल कर अव्वल रहा। वहीं 60 पदकों के साथ यूपी दूसरे नंबर पर रहा।
हरियाणा के खिलाड़ियों ने 28 स्वर्ण, 27 रजत पदक और 26 कांस्य पदक जीते, जबकि यूपी ने 27 स्वर्ण, 20 रजत व 13 कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। यूपी के खिलाड़ी हरियाणा से 20 पदकों के अंतर से पिछड़ गए।
दिल्ली 46 पदकों के साथ तीसरे, पंजाब 19 पदक के साथ चौथे, उत्तराखंड 22 पदकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा। पंजाब के 6 स्वर्ण व उत्तराखंड के 5 स्वर्ण पदक रहे। चंडीगढ़ 7 पदक जीतकर छठे, जम्मू एंड कश्मीर 2 पदक जीतकर सातवें व हिमाचल 2 पदक जीतकर आठवें नंबर पर रहा।
यूपी के 60 पदकों के आंकड़ों में मेरठ जिले के खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाई। मेरठ के एथलीटों ने 12 पदक यूपी की झोली में डाले। इसमें मेरठ के नाम 7 स्वर्ण, 4 रजत व 1 कांस्य पदक रहा।
पहले दिन गोला फेंक में विधि स्वर्ण, अर्णव त्यागी लांग जंप में रजत, 100 मी. दौड़ में आशीष राणा स्वर्ण, दूसरे दिन डिस्कस थ्रो में उज्ज्वल कसाना रजत, मोनिका लांग जंप में कांस्य, रजत कुमार लांग जंप में रजत पदक, विधि डिस्कस में स्वर्ण, आजिब ने डिस्कस में स्वर्ण, सत्यम ने डिस्कस में स्वर्ण हासिल किया।
तीसरे और अंतिम दिन अंडर-18 वर्ग 400 मीटर दौड़ में मेरठ की उड़न परी रूपल स्वर्ण, अंडर-20 वर्ग में नितिन स्वर्ण व अंडर-20 वर्ग 100 मीटर में आशीष ने स्वर्ण पदक हासिल किया। मेरठ की विधि ने गोला फेंक व डिस्कस थ्रो के अलग-अलग इवेंट में दो स्वर्ण पदक दिलाए।
अच्छे संसाधनों पर अभ्यास कर हरियाणा बना अव्वल
हरियाणा के रोहतक निवासी एथलीट विकास ने बताया कि यूपी के मुकाबले हमारे प्रदेश में खेलों के अच्छे संसाधन हैं। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में घास पर दौड़ना पड़ा, जबकि वो सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास करते हैं। हरियाणा के फतेहबाद निवासी एथलीट रोहित ने बताया कि ट्रिपल जंप के लिए खास सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाता है, लेकिन यहां मिट्टी पर ही दौड़कर कूदना पड़ा।
सोनीपत निवासी एथललीट नितिन ने कहा खिलाड़ी मिट्टी पर इवेंट करे या सिंथेटिक ट्रैक पर उसकी प्रतिभा ही साथ देती है। हरियाणा को सर्वाधिक पदक मिलने पर उन्होंने कहा नॉर्थ जोन के लिए मेरठ में संसाधनों की अभी कमी है। सोनीपत के गौरव ने कहा कि संसाधन अच्छे होते तो संख्या 100 पदक के पार पहुंचती। हालांकि यूपी के खिलाड़ी बिना संसाधनों के 60 पदक जीतने में कामयाब रहे। ऐसे में खिलाड़ियों का कहना है उन्हें उचित संसाधन मिले तो पदकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने पहनाए खिलाड़ियों को पदक
कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने विजेता एथलीटों को पदक पहनाकर हौसला बढ़ाया। आयुक्त ने पश्चिमी उप्र के केंद्र मेरठ में खेलों की सूरत बदलने का आश्वासन दिया। इस दौरान क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर, क्रीड़ा भारती अध्यक्ष अश्वनी गुप्ता, सचिव मनीष सिंह, जाट महासभा सचिव गजेंद्र सिंह पायल, मूलचंद, उप्र एथलेटिक संघ सचिव पीके श्रीवास्तव, जिला सचिव अनु कुमार, जिला कबड्डी संघ चेयरमैन व जिला शूटिंग बॉल उपाध्यक्ष रजनीश कौशल, विशाल सक्सेना, अमिता सक्सेना, शशी, एथलीट निधि सिंह, कोच गौरव त्यागी, सविता सिंह, अमित तेवतिया ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।