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कपसाड स्थित गौशाला में दानदाताओं की सूची भी बेसुमार फिर भी पशुओं को भरपेट चारे का इंत्जार
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बदहाल गोशाला के बेहाल गोवंश
अशोक सोम
सरधना। ग्राम कपसाड़ स्थित गोशाला का निर्माण करीब 118 वर्ष पूर्व संत स्वर्गीय जगराम सिंह ने गोवंश की सेवा के लिए कराया था। वर्तमान में कमेटी द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है। गोशाला में स्वर्गीय सांसद ठा. अमरपाल सिंह, स्वर्गीय विधायक रविंद्र पुंडीर, विमला पुंडीर, भाजपा विधायक संगीत सोम से लेकर आसपास एवं दूरदराज के प्रतिष्ठित लोगों द्वारा दान दिया जा रहा है। इसके बावजूद गोशाला की चारदीवारी क्षतिग्रस्त तथा भवन बदहाल है। यहां पर गोवंश के लिए चारे की समुचित व्यवस्था नहीं है। उनके उपचार के लिए भी अपेक्षित इंतजाम नहीं किया गया है।
कपसाड़ गोशाला को लेकर ग्राम प्रधान पति एवं कमेटी में खींचतान जारी है। इसके चलते यहां पर पशु हरे चारे के बजाय गन्ने की सूखी पत्ती खाने को मजबूर हैं। हालांकि गोशाला के पास पचास से साठ बीघा जमीन है। इससे होने वाली आय से गोशाला की हालत को बेहतर बनाया जा सकता है। गोशाला कमेटी के अध्यक्ष संत सिंह का कहना है कि गोशाला में फिलहाल लगभग डेढ़ सौ गोवंश हैं। अभी 27 गोवंश एसडीएम द्वारा भिजवाए गए हैं। इनके चारे के लिए 24 हजार रुपये का चेक भी दिया। इस रकम का पालिका द्वारा चारा भिजवाया गया है। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान पति के पास गोशाला के करीब एक लाख बीस हजार रुपये हैं। यदि यह रकम गोशाला को मिल जाए तो पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था की जा सकेगी। गोशाला की चारदीवारी एवं जर्जर भवन की मरम्मत भी कराई जा सकती है। पूर्व में भी गोशाला के रुपये को लेकर कमेटी और ग्रामीणों में विवाद हो चुका है। गोशाला के एक लाख 68 हजार रुपये के गबन को लेकर भी मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए यह गोशाला दान के रुपये को लेकर अरसे से विवादों में घिरी है। इसके चलते गोशाला में गोवंश की स्थिति दयनीय हो चली है। वहीं, ग्राम प्रधान पति मुकेश उर्फ हप्पू का कहना है कि सरकार यदि इस गोशाला को अपने अधीन ले ले यहां मौजूद गोवंश को कम कम समय से चारा तो मिल सकेगा।
वर्जन
कमेटी के अध्यक्ष संत सिंह द्वारा गोशाला के एक लाख बीस हजार रुपये मेरे पास होना बताए हैं। यह आरोप बेबुनियाद है। सकौती स्थित एक बैंक की शाखा में छह वर्ष पूर्व बड़ा घोटाला सामने आया था। जिसमें आर्थिक दंड के रूप में एक लाख बीस हजार रुपये बैंक कर्मियों द्वारा दिए गए थे। इसको लेकर ग्रामीणों की सहमति बनी थी कि यह रकम सार्वजनिक कार्य में लगाई जाएगी। कुछ ग्रामीण बाबा बैरागनाथ की समाधि तथा कुछ अन्य लोगों ने गोशाला में दान देेने का प्रस्ताव रखा। इस संबंध में अभी तक सहमति नहीं बन सकी है। गांव में पंचायत करके इस रकम के बारे में निर्णय किया जाएगा। उक्त रकम सुरक्षित है।-मुकेश उर्फ हप्पू, ग्राम प्रधान पति कपसाड़
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मुख्य बातें
गोशाला में पशुओं को हरा चारे के बजाय खिला रहे गन्ने की सूखी पत्ती
दान की रकम के गबन को लेकर अदालत में मामला विचाराधीन
ग्राम प्रधान पति के कब्जे में हैं 1.20 लाख रुपये
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अशोक सोम
सरधना। ग्राम कपसाड़ स्थित गोशाला का निर्माण करीब 118 वर्ष पूर्व संत स्वर्गीय जगराम सिंह ने गोवंश की सेवा के लिए कराया था। वर्तमान में कमेटी द्वारा इसका संचालन किया जा रहा है। गोशाला में स्वर्गीय सांसद ठा. अमरपाल सिंह, स्वर्गीय विधायक रविंद्र पुंडीर, विमला पुंडीर, भाजपा विधायक संगीत सोम से लेकर आसपास एवं दूरदराज के प्रतिष्ठित लोगों द्वारा दान दिया जा रहा है। इसके बावजूद गोशाला की चारदीवारी क्षतिग्रस्त तथा भवन बदहाल है। यहां पर गोवंश के लिए चारे की समुचित व्यवस्था नहीं है। उनके उपचार के लिए भी अपेक्षित इंतजाम नहीं किया गया है।
कपसाड़ गोशाला को लेकर ग्राम प्रधान पति एवं कमेटी में खींचतान जारी है। इसके चलते यहां पर पशु हरे चारे के बजाय गन्ने की सूखी पत्ती खाने को मजबूर हैं। हालांकि गोशाला के पास पचास से साठ बीघा जमीन है। इससे होने वाली आय से गोशाला की हालत को बेहतर बनाया जा सकता है। गोशाला कमेटी के अध्यक्ष संत सिंह का कहना है कि गोशाला में फिलहाल लगभग डेढ़ सौ गोवंश हैं। अभी 27 गोवंश एसडीएम द्वारा भिजवाए गए हैं। इनके चारे के लिए 24 हजार रुपये का चेक भी दिया। इस रकम का पालिका द्वारा चारा भिजवाया गया है। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान पति के पास गोशाला के करीब एक लाख बीस हजार रुपये हैं। यदि यह रकम गोशाला को मिल जाए तो पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था की जा सकेगी। गोशाला की चारदीवारी एवं जर्जर भवन की मरम्मत भी कराई जा सकती है। पूर्व में भी गोशाला के रुपये को लेकर कमेटी और ग्रामीणों में विवाद हो चुका है। गोशाला के एक लाख 68 हजार रुपये के गबन को लेकर भी मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए यह गोशाला दान के रुपये को लेकर अरसे से विवादों में घिरी है। इसके चलते गोशाला में गोवंश की स्थिति दयनीय हो चली है। वहीं, ग्राम प्रधान पति मुकेश उर्फ हप्पू का कहना है कि सरकार यदि इस गोशाला को अपने अधीन ले ले यहां मौजूद गोवंश को कम कम समय से चारा तो मिल सकेगा।
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वर्जन
कमेटी के अध्यक्ष संत सिंह द्वारा गोशाला के एक लाख बीस हजार रुपये मेरे पास होना बताए हैं। यह आरोप बेबुनियाद है। सकौती स्थित एक बैंक की शाखा में छह वर्ष पूर्व बड़ा घोटाला सामने आया था। जिसमें आर्थिक दंड के रूप में एक लाख बीस हजार रुपये बैंक कर्मियों द्वारा दिए गए थे। इसको लेकर ग्रामीणों की सहमति बनी थी कि यह रकम सार्वजनिक कार्य में लगाई जाएगी। कुछ ग्रामीण बाबा बैरागनाथ की समाधि तथा कुछ अन्य लोगों ने गोशाला में दान देेने का प्रस्ताव रखा। इस संबंध में अभी तक सहमति नहीं बन सकी है। गांव में पंचायत करके इस रकम के बारे में निर्णय किया जाएगा। उक्त रकम सुरक्षित है।-मुकेश उर्फ हप्पू, ग्राम प्रधान पति कपसाड़
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मुख्य बातें
गोशाला में पशुओं को हरा चारे के बजाय खिला रहे गन्ने की सूखी पत्ती
दान की रकम के गबन को लेकर अदालत में मामला विचाराधीन
ग्राम प्रधान पति के कब्जे में हैं 1.20 लाख रुपये