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प्रयोगशाला खोली जाए
Updated Sun, 22 Apr 2018 02:44 AM IST
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मेरठ। राष्ट्रीय यूनानी आयुर्वेद विकास संघ ने स्वदेशी चिकित्सा पद्धति की दशा और दिशा विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें नए अधिनियम बनाना आवश्यक बताया गया। आयुर्वेद एवं यूनानी की तैयार औषधियों तथा उनका कच्चा माल जड़ी बूटी आदि की गुणवत्ता के लिए मानक निर्धारित करने और इनकी परख के लिए मंडल स्तर पर प्रयोगशाला स्थापित करने की मांग की गई है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स बांबे बाजार में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय यूनानी आयुर्वेद विकास संघ ने मांग की है कि आयुर्वेद तथा यूनानी तिब्बी पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश का नया अधिनियम पारित करते राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भी भेजा जाए, ताकि भविष्य में केंद्रीय अधिनियम से टकराव न हो सके। इसमें मुख्य अतिथि आयुर्वेद तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, विधायक सत्यवीर त्यागी, डॉ. रविंद्र गोयल, डॉ. सिराजुद्दीन अहमद, डॉ. उदयवीर सिंह, डी. प्रसाद वैद्य, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. ओएन सैनी, डॉ. सरवर हुसैन, विकास शर्मा, वैद्य सतीश सेठी आदि मौजूद रहे।
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चैंबर ऑफ कॉमर्स बांबे बाजार में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय यूनानी आयुर्वेद विकास संघ ने मांग की है कि आयुर्वेद तथा यूनानी तिब्बी पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश का नया अधिनियम पारित करते राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भी भेजा जाए, ताकि भविष्य में केंद्रीय अधिनियम से टकराव न हो सके। इसमें मुख्य अतिथि आयुर्वेद तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, विधायक सत्यवीर त्यागी, डॉ. रविंद्र गोयल, डॉ. सिराजुद्दीन अहमद, डॉ. उदयवीर सिंह, डी. प्रसाद वैद्य, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. ओएन सैनी, डॉ. सरवर हुसैन, विकास शर्मा, वैद्य सतीश सेठी आदि मौजूद रहे।
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