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कितनी जमीन है बंधक, इस पर दस्तावेज खंगालना शुरू
Updated Thu, 15 Mar 2018 02:36 AM IST
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कितनी जमीन है बंधक, दस्तावेज खंगालने शुरू
मेरठ। होटल हारमनी इन के एक हिस्से में लगभग तीन साल से तनिष्क शोरूम खुला है। चर्चा यह है कि हिमांशु पुरी ने यह संपत्ति भले ही बेच दी थी। लेकिन रिलायंस फाइनेंस कंपनी के पास पूरी संपत्ति के दस्तावेज बंधक हैं।
नियमानुसार बैंक या फाइनेंस कंपनी ऋण देने पर संबंधित प्रापर्टी के दस्तावेज बंधक बनाकर अपने पास रखती है। यदि ऋण लेने वालों को इसमें से कोई हिस्सा बेचना होता है तो वह ऋणदाता कंपनी या बैंक से इसकी इजाजत लेकर ही बेच सकता है। उसके पैसे का एक हिस्सा कर्ज के रूप में जमा भी होता है। हिमांशु पुरी ने तीन साल पहले इस हिस्से को बेच दिया, जिसमें वर्तमान में तनिष्क शोरूम हैं।
हालांकि चर्चा यह है कि इस हिस्से का केवल एग्रीमेंट है। लेकिन खरीददार का दावा है कि उसके पास बाकायदा इसकी रजिस्ट्री है। यदि बिना फाइनेंस कंपनी की मंजूरी के इसे बेचा गया होगा तो यह भी नियम विरुद्घ ही है और यदि उसके कागजात कंपनी के पास बंधक हैं तो इसे बेच कैसे दिया गया। इस संपत्ति के मूल खरीददार को तनिष्क शोरूम किराया देता है। तनिष्क शोरूम के मालिक अभिषेक जैन हालांकि इससे इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है संपत्ति बैंक या किसी फाइनेंस कंपनी के पास बंधक नहीं है। इतना हिस्सा बंधक मुक्त है और नियमानुसार इसकी रजिस्ट्री कराई गई है।
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खास बातें:
तनिष्क शोरूम हैं जहां, वह जमीन भी कहीं बंधक तो नहीं
शोरूम स्वामी का कहना, प्रॉपर्टी है बंधक फ्री, किराया हिमांशु को नहीं, प्रापर्टी के खरीददार को जा रहा
कर्ज देने वाले कर रहे हैं चर्चा कि बंधक है यह प्रॉपर्टी भी, ऐसे नहीं बेची जा सकती थी
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मेरठ। होटल हारमनी इन के एक हिस्से में लगभग तीन साल से तनिष्क शोरूम खुला है। चर्चा यह है कि हिमांशु पुरी ने यह संपत्ति भले ही बेच दी थी। लेकिन रिलायंस फाइनेंस कंपनी के पास पूरी संपत्ति के दस्तावेज बंधक हैं।
नियमानुसार बैंक या फाइनेंस कंपनी ऋण देने पर संबंधित प्रापर्टी के दस्तावेज बंधक बनाकर अपने पास रखती है। यदि ऋण लेने वालों को इसमें से कोई हिस्सा बेचना होता है तो वह ऋणदाता कंपनी या बैंक से इसकी इजाजत लेकर ही बेच सकता है। उसके पैसे का एक हिस्सा कर्ज के रूप में जमा भी होता है। हिमांशु पुरी ने तीन साल पहले इस हिस्से को बेच दिया, जिसमें वर्तमान में तनिष्क शोरूम हैं।
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हालांकि चर्चा यह है कि इस हिस्से का केवल एग्रीमेंट है। लेकिन खरीददार का दावा है कि उसके पास बाकायदा इसकी रजिस्ट्री है। यदि बिना फाइनेंस कंपनी की मंजूरी के इसे बेचा गया होगा तो यह भी नियम विरुद्घ ही है और यदि उसके कागजात कंपनी के पास बंधक हैं तो इसे बेच कैसे दिया गया। इस संपत्ति के मूल खरीददार को तनिष्क शोरूम किराया देता है। तनिष्क शोरूम के मालिक अभिषेक जैन हालांकि इससे इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है संपत्ति बैंक या किसी फाइनेंस कंपनी के पास बंधक नहीं है। इतना हिस्सा बंधक मुक्त है और नियमानुसार इसकी रजिस्ट्री कराई गई है।
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खास बातें:
तनिष्क शोरूम हैं जहां, वह जमीन भी कहीं बंधक तो नहीं
शोरूम स्वामी का कहना, प्रॉपर्टी है बंधक फ्री, किराया हिमांशु को नहीं, प्रापर्टी के खरीददार को जा रहा
कर्ज देने वाले कर रहे हैं चर्चा कि बंधक है यह प्रॉपर्टी भी, ऐसे नहीं बेची जा सकती थी