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सांसद के नेतृत्व में कैंट बोर्ड के खिलाफ उतरे व्यापारी

Wed, 13 Dec 2017 09:13 PM IST
Updated Wed, 13 Dec 2017 09:13 PM IST
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सांसद के नेतृत्व में कैंट बोर्ड के खिलाफ उतरे व्यापारी
मेरठ।
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व्यापारियों ने छावनी क्षेत्र के बाजारों में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कैंट बोर्ड द्वारा सील किए जाने और दुकानें खाली करने के नोटिस दिए जाने पर कैंट बोर्ड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बुधवार को आबूलेन स्थित एक होटल में बैठक की। यहां सांसद ने व्यापारिक प्रतिष्ठान खाली नहीं होने देने और भविष्य में ऐसे नोटिस नहीं आने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री से मिलकर कैंट बोर्ड के इस कानून को बदलवाने की मांग करेंगे।
छावनी क्षेत्र में नया मकान एवं दुकान बनाने, मरम्मत करने पर कैंट बोर्ड सेक्शन 12, 58 के नोटिस जारी किया जा रहा है। कैंट बोर्ड ने कई दुकानों पर सील लगा दी है। वहीं, कई व्यापारियों को दुकानें खाली करने की चेतावनी भी दी है। इससे आबूलेन, सदर समेत अन्य बाजारों के व्यापारियों में हड़कंप है।
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संयुक्त व्यापार संघ के नेतृत्व में आबूलेन, सदर बाजार व्यापार संघ के व्यापारी नेता आबूलेन स्थित एक होटल में एकत्र हुए। उनके बुलावे पर सांसद राजेन्द्र अग्रवाल भी पहुंचे। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने सांसद को कैंट बोर्ड से व्यापारियों होने वाली समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कैंट बोर्ड अधिकारी अंग्रेजी कानून का सहारा लेकर व्यापारियों से प्रतिष्ठानों के अभिलेख मांग रहे हैं। व्यापारियों को दुकानें खाली करने का आदेश दिया जा रहा है। वहीं, टैक्स बढ़ाकर भेजा है।
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दुकानें खाली नहीं होने देंगे
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि छावनी क्षेत्र में दुकानें खाली नहीं होने दी जाएंगी। दुकानों की सील खुलवाई जाएगी। नियम विपरीत हाउस टैक्स नहीं आएगा। सभी नोटिस निरस्त कराए जाएंगे। सांसद ने यह भी आश्वासन दिया कि कैंट बोर्ड के अंग्रेजी कानून में बदलाव को लेकर शीघ्र प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री से मिलेंगे। छावनी क्षेत्र में सिविलियन को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने सीईओ से फोन पर बातचीत करके नोटिस जारी करने पर तत्काल रोक लगाने और नए नोटिस जारी करने से पहले विज्ञापन जारी करने की बात कही।
बाजार, आवासीय क्षेत्र हो नगर निगम में शामिल
व्यापारी नेताओं ने सांसद से मांग की कि छावनी परिषद् के कानून में बदलाव किया जाए। छावनी में जहां बाजार और सिविल आवासीय क्षेत्र है उसे नगर निगम सीमा में शामिल कराया जाए।
पार्किंग की भूमि पर दुकानें बनाए जाने का विरोध
व्यापारी नेता नवीन गुप्ता ने कहा कि 2015 में छावनी परिषद् ने आबूलेन बीच सड़क से वाहन पार्किँग हटाकर अमृत होटल के पीछे मंगल पांडे बाजार की भूमि पर बनाने की बात कही थी। छावनी परिषद उस भूमि पर दुकानों का निर्माण कर रहा है। व्यापारी नेता ने कहा कि इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
बैठक में ये व्यापारी रहे मौजूद
स. दलजीत सिंह, अमन गुप्ता, विपुल सिंहल, सतीश चंद जैन, स. नरेन्द्र सिंह, आकाश, संजय माहेश्वरी, रमेश चंद, एमके आनंद, राजकुमार भारद्वाज, मुकेश अग्रवाल, रमेश धींगड़ा, अंकित आदि मुख्य रहे।

कैंट बोर्ड अपना रिकार्ड दुरुस्त करने के लिए उक्त संपत्ति में रहने वाले व्यक्ति को नोटिस देकर रिकार्ड मांग रहा है। वहीं, सांसद के सुझाव पर एक माह तक नोटिस जारी नहीं करने का निर्णय किया है। साथ ही विज्ञापन जारी करके सभी से संपत्तियों के अभिलेख मांगे हैं। जिससे सभी लोग उक्त सपंत्ति का नियमितीकरण करा लें। जिन प्रतिष्ठानों पर सील लगी है। उनको कानून के तहत ही खोला जा सकेगा।- राजीव श्रीवास्तव, सीईओ- कैंट बोर्ड


2006 के कानून से आम नागरिक को कोई राहत नहीं मिली है। पॉलिसी में तकनीकि खामियां हैं। जिस कारण नियमितीकरण, नामांकन और नक्शे स्वीकृत नहीं हो पा रहे हैं। छावनी परिषद् एक्ट में संशोधन होने के बाद ही जनता को राहत मिल सकेगी। हम बोर्ड में कई बार प्रस्ताव ला चुके हैं। प्रस्ताव पास करके रक्षा मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं। इस समस्या का समाधान संसद में ही संभव है।-बीना वाधवा, उपाध्यक्ष कैंट बोर्ड
मुख्य बातें
सांसद बोले, प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री के सामने रखेंगे कैंट बोर्ड का काला कानून
व्यापारियों ने पार्किंग की भूमि पर दुकानें बनाए जाने का मामला भी उठाया
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