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भाजपा के घोषणा पत्र पर वार
Updated Tue, 19 Sep 2017 02:35 AM IST
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मेरठ। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भाजपा के घोषणा पत्र पर खूब वार किया। केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले जो वादे अपने घोषणा पत्र में किए, उनमें कोई भी वादा पूरा नहीं किया। गरीब और किसान को सरकार ठग रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में दावे तो बड़े बड़े किए थे। लेकिन उन दावों को अब पूरा क्यों नहीं किया जा रहा। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो वह किसानों का सारा कर्ज माफ करेंगे। यूपी में भाजपा की सरकर बनी तो अपने ही घोषणा पत्र के आधार पर सरकार ने किसानों का एक-एक लाख रुपये माफ करने की बात कही। लेकिन किसानों का कर्ज माफ हो रहा है सिर्फ चालीस पैसे, एक रुपया और दो रुपया। यह कर्ज माफी किसानों के साथ धोखा नहीं है तो फिर क्या है? जब घोषणा पत्र में सारा कर्ज माफ करने का वादा किया था तो फिर वादे को निभाना चाहिए। गरीब, मजदूर और किसान का ऐसी सरकार भला नहीं कर सकती।
कानून व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि प्रदेश में सांप्रदायिक घटनाएं बढ़ी हैं। आए दिन प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती की घटना हो रही हैं। खुलेआम बदमाश घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस गरीब और चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर जेल भेज रही है। कानून व्यवस्था को लेकर लोग सहमे हुए हैं। सरकार भेदभाव कर रही है। यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती परीक्षा पर कहा कि हमारी सरकार में ईमानदारी से भर्ती परीक्षा कराई, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ा। मेहनत करने वाला युवा वर्ग पुलिस में भर्ती हुआ, जिससे गरीबों को रोजगार मिला।
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बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कर्ज माफी की घोषणा कर किसानों को दिया धोखा
केंद्र और प्रदेश सरकार ने पूरे नहीं किए घोषणा पत्र में किए गये वादे
प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भी उठाये सवाल
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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव से पहले अपने घोषणा पत्र में दावे तो बड़े बड़े किए थे। लेकिन उन दावों को अब पूरा क्यों नहीं किया जा रहा। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो वह किसानों का सारा कर्ज माफ करेंगे। यूपी में भाजपा की सरकर बनी तो अपने ही घोषणा पत्र के आधार पर सरकार ने किसानों का एक-एक लाख रुपये माफ करने की बात कही। लेकिन किसानों का कर्ज माफ हो रहा है सिर्फ चालीस पैसे, एक रुपया और दो रुपया। यह कर्ज माफी किसानों के साथ धोखा नहीं है तो फिर क्या है? जब घोषणा पत्र में सारा कर्ज माफ करने का वादा किया था तो फिर वादे को निभाना चाहिए। गरीब, मजदूर और किसान का ऐसी सरकार भला नहीं कर सकती।
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कानून व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि प्रदेश में सांप्रदायिक घटनाएं बढ़ी हैं। आए दिन प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती की घटना हो रही हैं। खुलेआम बदमाश घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस गरीब और चुनिंदा लोगों को निशाना बनाकर जेल भेज रही है। कानून व्यवस्था को लेकर लोग सहमे हुए हैं। सरकार भेदभाव कर रही है। यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती परीक्षा पर कहा कि हमारी सरकार में ईमानदारी से भर्ती परीक्षा कराई, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ा। मेहनत करने वाला युवा वर्ग पुलिस में भर्ती हुआ, जिससे गरीबों को रोजगार मिला।
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बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कर्ज माफी की घोषणा कर किसानों को दिया धोखा
केंद्र और प्रदेश सरकार ने पूरे नहीं किए घोषणा पत्र में किए गये वादे
प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भी उठाये सवाल