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आईएमए में लगी मानव संरचना प्रदर्शनी
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:27 AM IST
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मेरठ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) भवन में लगी दो दिवसीय मानव संरचना प्रदर्शनी रविवार को खत्म हो गई। रविवार को आम जन के लिए मानव शरीर संरचना प्रदर्शनी और आपात स्थिति में जीवन रक्षा के उपायों पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।
आईएमए मेरठ शाखा अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि करीब एक हजार लोगों ने प्रदर्शनी देखी। मेरठ में पहली बार इस तरह की प्रदर्शनी लगाई गई थी। पहले दिन 19 स्कूलों के नौवीं और दसवीं के 1300 से ज्यादा बच्चों ने मानव संरचना के बारे में जानकारी ली थी। प्रदर्शनी में करीब 40 साल पहले प्रिजर्व किए गए जुड़वा बच्चों को देखने के लिए लोगों में ज्यादा कौतूहल था। इस दौरान डॉ. रेणु भगत, डॉ. उमंग अरोरा, डॉ. मनीष अग्रवाल, डॉ. अजय गोयल, डॉ. ललिता चौधरी, डॉ. रवि भगत, डॉ. चारु गर्ग, डॉ. रीता जैन मौजूद रहे।
आईएमए में हुआ शिशु पुनर्जीवन प्रशिक्षण कार्यक्रम
मेरठ। आईएमए हॉल में रविवार को इंडिया एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा शिशु पुनर्जीवन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मेरठ की 40 से अधिक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हुए। विशेषज्ञों ने बताया कि विश्व में 10 लाख से ज्यादा नवजात शिशुओं की जन्म के 24 घंटे के अंदर मृत्यु हो जाती है। इनमें तीन लाख भारत में मृत्यु दर है। इनमें से एक लाख सिर्फ सांस न ले पाने के कारण हो जाती है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. वीरोत्तम तोमर ने किया। डॉ. विनीत सक्सेना, डॉ. मनीष अग्रवाल, डॉ. मृदुला त्यागी, डॉ. मीना भाटिया, डॉ. सुनीता सूरी आदि रहीं।
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आईएमए मेरठ शाखा अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि करीब एक हजार लोगों ने प्रदर्शनी देखी। मेरठ में पहली बार इस तरह की प्रदर्शनी लगाई गई थी। पहले दिन 19 स्कूलों के नौवीं और दसवीं के 1300 से ज्यादा बच्चों ने मानव संरचना के बारे में जानकारी ली थी। प्रदर्शनी में करीब 40 साल पहले प्रिजर्व किए गए जुड़वा बच्चों को देखने के लिए लोगों में ज्यादा कौतूहल था। इस दौरान डॉ. रेणु भगत, डॉ. उमंग अरोरा, डॉ. मनीष अग्रवाल, डॉ. अजय गोयल, डॉ. ललिता चौधरी, डॉ. रवि भगत, डॉ. चारु गर्ग, डॉ. रीता जैन मौजूद रहे।
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आईएमए में हुआ शिशु पुनर्जीवन प्रशिक्षण कार्यक्रम
मेरठ। आईएमए हॉल में रविवार को इंडिया एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स द्वारा शिशु पुनर्जीवन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मेरठ की 40 से अधिक स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हुए। विशेषज्ञों ने बताया कि विश्व में 10 लाख से ज्यादा नवजात शिशुओं की जन्म के 24 घंटे के अंदर मृत्यु हो जाती है। इनमें तीन लाख भारत में मृत्यु दर है। इनमें से एक लाख सिर्फ सांस न ले पाने के कारण हो जाती है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. वीरोत्तम तोमर ने किया। डॉ. विनीत सक्सेना, डॉ. मनीष अग्रवाल, डॉ. मृदुला त्यागी, डॉ. मीना भाटिया, डॉ. सुनीता सूरी आदि रहीं।
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