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Meerut News: डाकघर के 3,086 खाते हुए निष्क्रिय, दोबारा करानी होगी ई-केवाईसी
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- तीन साल से लेनदेन नहीं करने वाले खाते हुए बंद
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मेरठ। डाकघर में खाता खुलवाकर लंबे समय से उसका इस्तेमाल नहीं किया है तो उसकी स्थिति जरूर जांच लें। मेरठ सिटी डाकघर में कुल 2,40,142 खातों में से 3,086 खाते तीन साल तक लेनदेन नहीं होने के कारण निष्क्रिय हो चुके हैं। ऐसे खाताधारकों को खाता दोबारा चालू कराने के लिए ई-केवाईसी समेत जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
नियम के मुताबिक खाता खुलने के बाद लगातार तीन साल तक उसमें कोई लेनदेन नहीं होने पर खाता अपने आप निष्क्रिय हो जाता है। कई खाताधारक खाता खुलवाने के बाद लंबे समय तक उसका इस्तेमाल नहीं करते। जरूरत पड़ने पर लेनदेन करने पहुंचने पर उन्हें खाते के निष्क्रिय होने की जानकारी मिलती है।
ई-केवाईसी के बाद दोबारा शुरू होगा संचालन
निष्क्रिय खाते को चालू कराने के लिए खाताधारक को संबंधित डाकघर पहुंचकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो फोटो और विभाग की ओर से दिया जाने वाला निर्धारित फॉर्म जमा करना होगा। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाते का संचालन दोबारा शुरू किया जा सकेगा।
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सिटी पोस्टमास्टर कृष्ण चंद्र ने बताया कि खाते की अवधि तीन साल की होती है। तीन साल तक खाते में कोई लेनदेन नहीं होने पर खाता अपने आप निष्क्रिय हो जाता है। मेरठ सिटी डाकघर में 3,086 खाते निष्क्रिय किए गए हैं। खाताधारक जरूरी दस्तावेज के साथ ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराएं। इसके बाद खाते दोबारा चालू कराए जा सकते हैं।
ई-केवाईसी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
ई-केवाईसी कराने के नाम पर साइबर ठगी भी हो सकती है। खाताधारक किसी अनजान व्यक्ति को फोन पर ओटीपी, पासवर्ड या खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी न दें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। ई-केवाईसी या खाता दोबारा चालू कराने के लिए सीधे डाकघर पहुंचकर ही प्रक्रिया पूरी करें।
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
मेरठ। डाकघर में खाता खुलवाकर लंबे समय से उसका इस्तेमाल नहीं किया है तो उसकी स्थिति जरूर जांच लें। मेरठ सिटी डाकघर में कुल 2,40,142 खातों में से 3,086 खाते तीन साल तक लेनदेन नहीं होने के कारण निष्क्रिय हो चुके हैं। ऐसे खाताधारकों को खाता दोबारा चालू कराने के लिए ई-केवाईसी समेत जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
नियम के मुताबिक खाता खुलने के बाद लगातार तीन साल तक उसमें कोई लेनदेन नहीं होने पर खाता अपने आप निष्क्रिय हो जाता है। कई खाताधारक खाता खुलवाने के बाद लंबे समय तक उसका इस्तेमाल नहीं करते। जरूरत पड़ने पर लेनदेन करने पहुंचने पर उन्हें खाते के निष्क्रिय होने की जानकारी मिलती है।
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ई-केवाईसी के बाद दोबारा शुरू होगा संचालन
निष्क्रिय खाते को चालू कराने के लिए खाताधारक को संबंधित डाकघर पहुंचकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो फोटो और विभाग की ओर से दिया जाने वाला निर्धारित फॉर्म जमा करना होगा। जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाते का संचालन दोबारा शुरू किया जा सकेगा।
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सिटी पोस्टमास्टर कृष्ण चंद्र ने बताया कि खाते की अवधि तीन साल की होती है। तीन साल तक खाते में कोई लेनदेन नहीं होने पर खाता अपने आप निष्क्रिय हो जाता है। मेरठ सिटी डाकघर में 3,086 खाते निष्क्रिय किए गए हैं। खाताधारक जरूरी दस्तावेज के साथ ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराएं। इसके बाद खाते दोबारा चालू कराए जा सकते हैं।
ई-केवाईसी के नाम पर ठगी से रहें सावधान
ई-केवाईसी कराने के नाम पर साइबर ठगी भी हो सकती है। खाताधारक किसी अनजान व्यक्ति को फोन पर ओटीपी, पासवर्ड या खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी न दें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। ई-केवाईसी या खाता दोबारा चालू कराने के लिए सीधे डाकघर पहुंचकर ही प्रक्रिया पूरी करें।