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फर्जीवाड़ा: सीएमओ के जाली हस्ताक्षर से बनाए नर्सों के 29 नियुक्ति पत्र, एसएसपी को भेजी शिकायत

Tue, 02 May 2023 08:56 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 02 May 2023 08:56 AM IST
सार

मेरठ में जाली हस्ताक्षकर कर स्टाफ नर्सों के फर्जी नियुक्ति पत्र बना दिए गए। मामले में नौकरी का झांसा देकर लोगों को फंसाने की साजिश सामने आई है। वहीं पूरे  मामले की एसएसपी को शिकायत  भेजी गई है।
 

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29 appointment letters of nurses made with forged signature of CMO, complaint sent to SSP
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्य चिकित्सा अधिकारी मेरठ के जाली हस्ताक्षर कर फर्जीवाड़ा किया गया है और स्टाफ नर्सों के फर्जी 29 नियुक्ति पत्र बना दिए गए। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। सीएमओ इस संबंध में एसएसपी से लिखित शिकायत की गई है। अभी यह पता नहीं  चल सका है कि यह सूची किसने जारी की है। जिन लोगों के नाम सूची में हैं, उनसे पैसा तो नहीं लिया गया है। पुलिस पड़ताल के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा। 

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इसका पता तब चला, जब सोमवार को सीएमओ को किसी ने व्हाट्स एप ग्रुप पर दो पत्र भेजे, जिन पर उनके जाली हस्ताक्षर कर स्टाफ नर्स सिस्टर ग्रेड-2 महिला व पुरुष 2022-23 के नियुक्ति पत्र जारी करने के संबंध में लिखा हुआ है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय लिखा पत्र है, जिस पर 29 लोगों की सूची है। इनमें सभी के नाम, पिता का नाम, उनकी जाति और नियुक्ति वाले सात लोगों के हस्ताक्षर भी हैं। जाति में आठ ओबीसी, 13 सामान्य वर्ग और आठ के सामने एससी लिखा है। इनमें 26 महिलाएं और तीन पुरुष हैं। यह पत्र एक अप्रैल 2023 का है। 
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दूसरे पत्र में लिखा है कि सभी का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया गया है। इसके तहत जो रिक्तियां थीं, वह पूरी कर ली गई हैं। कुल 90 अभ्यर्थी हैं। यह पत्र चयन समिति की संस्तुति के आधार पर डायरेक्टर जनरल लखनऊ के आधार पर जारी किया जाता है। यह भी लिखा है कि चतुर्थ श्रेणी के उम्मीदवार को भी नियुक्ति पत्र भेज दिया गया है।

इससे लग रहा है कि कहीं नर्सों के साथ-साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी तो ऐसी ही सूची जारी नहीं की गई। भाषा और टाइपिंग का फांट लगभग वैसा ही है, जैसा सीएमओ कार्यालय में इस्तेमाल होता है, हालांकि इसमें कई शाब्दिक गलतियां भी हैं, जैसे- संस्तुति और डायरेक्टर आदि।
 

पुलिस पड़ताल में होगा खुलासा, कौन है जालसाज 

आयुष्मान योजना में भी लाभ लेने के लिए हो चुका फर्जीवाड़ा 
आयुष्मान योजना में भी लाभ लेने के लिए फर्जीवाड़ा हो चुका है। साल 2019 में एक आयुष्मान मित्र ने खेलकर कर 18 फर्जी कार्ड बनवाए थे। बाद में एफआईआर हुई थी। 2020 में भी एक निजी अस्पताल में मरीज से ही इलाज का पैसा ले लिया गया था। 

यह जालसाजी है, चंगुल में न फंसे 
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि ऐसी कोई भर्ती नहीं हुई है। पत्र देखने से ही यह कूट रचित साजिश प्रतीत हो रही है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। पुलिस जांच में पता चलेगा कि किसने यह सब किया है। उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि किसी के    चंगुल में न फंसे। अगर कोई स्टाफ नर्स की नौकरी के नाम पर झांसा दे रहा है तो इसकी सूचना तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दें। 

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