सीमा विस्तार: हापुड़ जिले में शामिल हो सकते हैं मेरठ खरखौदा ब्लाक के 27 गांव, तेज हुई तैयारी
मेरठ के खरखौदा ब्लाक के 27 गांव हापुड़ जिले में शामिल हो सकते हैं। अब इसके लिए तैयारियां तेज हो गई है। पढ़िए सीमा विस्तार को लेकर व्यापारियों का क्या कहना है।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले की सीमा विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। तत्कालीन डीएम आदित्य सिंह के बाद नवनियुक्त डीएम अनुज सिंह ने भी शासन को सीमा विस्तार का प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर ली है। हापुड़ के सीमा विस्तार में खरखौदा ब्लाक के 27 गांव भी शामिल हो सकते हैं।
28 सितंबर 2011 को गाजियाबाद जिले की हापुड़ तहसील को अलग जिला बनाया गया था। जिले में कुल 350 राजस्व गांव और चार विकासखंड है। क्षेत्रफल छोटा होने के कारण जिले में राजस्व वसूली कम है। हापुड़ जिले के तत्कालीन डीएम आदित्य सिंह ने दो वर्ष पूर्व शासन को सीमा विस्तार का प्रस्ताव भेजा था। सीमा विस्तार के इस प्रस्ताव में मेरठ जिले के बड़े हिस्से को भी जोड़ा जाना तय है। अब नवनियुक्त डीएम अनुज सिंह ने फिर से हापुड़ की सीमा विस्तार के प्रस्ताव की फाइल तलब की है। सीमा विस्तार में खरखौदा ब्लाक के 27 गांव व धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल है। हापुड़ के सीमा विस्तार पर व्यापारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कुछ व्यापारियों ने इसको सही ठहराया तो कुछ ने गलत।
कोई फर्क नहीं पड़ेगा
जिला हापुड़ हो या मेरठ औद्योगिक क्षेत्र में जो भी कुछ विकास कराना है वह तो व्यापारियों को ही करना है। जिला बदलने से व्यापारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। - मनोज अग्रवाल, धीरखेड़ा औद्योगिक नगर के व्यापार संघ अध्यक्ष
कई परेशानियों का मिलेगा हल
धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अधिकतर व्यापारी हापुड़ निवासी हैं। अगर इस क्षेत्र को हापुड़ में शामिल कर दिया जाए तो उनकी कई परेशानी हल हो सकती हैं। - सोनू चुग, सचिव धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र
हापुड़ की तहसील बने खरखौदा
जदयू के प्रदेश सचिव सुनील त्यागी, रालोद के किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रह्लाद त्यागी, वरिष्ठ समाजसेवी गिरिराज त्यागी आदि का कहना है कि खरखौदा विकास खंड के 27 गांवों को हापुड़ जिले में भेजने की संभावना जताई जा रही है। इससे क्षेत्र में विकास तो होगा लेकिन, उन्हें कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ेगा। मेरठ न्यायपालिका में जो मामले लंबित पड़े हुए हैं जिला बदलने के साथ ही वह सभी फाइलें हापुड़ चली जाएंगी। जिनकी कई वर्षों तक लोगों को जानकारी भी नहीं मिल सकेगी। उनका कहना है कि खरखौदा के 27 गांवों को हापुड़ में शामिल करने के साथ ही खरखौदा को हापुड़ जिले की तहसील बनाया जाए।
तहसील बनाने को लेकर पहले भी लोग कर चुके हैं संघर्ष
खरखौदा को तहसील बनाने की मांग को लेकर पहले भी एक संघर्ष समिति बन चुकी है। समिति शासन से खरखौदा को तहसील बनाने की मांग कर चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब खरखौदा के 27 गांवों को हापुड़ जिले में शामिल किया जा रहा है तो खरखौदा को हापुड़ जिले की तहसील बनाया जाए।