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शराब पार्टी में ईंट से कुचला, गला दबाया, जला दिया शव
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शराब पार्टी में ईंट से कुचला, गला दबाया, जला दिया शव
पुलिस का दावा, गिरफ्तार हत्यारोपी ईशू ने कहा कि मोनू से थी दोस्ती,
शराब पीकर हुआ था मोनू से विवाद, मौत होने पर डरकर जलाया था शव
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/कंकरखेड़ा। मोनू गुर्जर हत्याकांड में मुख्य हत्या आरोपी माने जा रहे ईशू को पुलिस ने रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी के हवाले से कई दावे किए।
पुलिस का दावा है कि ईशू ने पूछताछ में बताया कि उनकी होली वाले दिन पार्टी थी। पार्टी में मोनू गुर्जर के अलावा दायमपुर निवासी बजरंग और डाबका निवासी अंशुल और दो अन्य युवक भी मौजूद थे। जिसके बाद सभी ने एक साथ बैठकर शराब पी। ईशू का कहना है कि मोनू गुर्जर ने शराब के नशे में उससे गाली गलौज की थी। उसने मना किया तो मोनू ने ईंट उठा ली थी। इस पर उसने मोनू को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया था। जिसके बाद उसने ईंट लेकर मोनू गुर्जर के चेहरे पर कई वार किए थे। मोनू चिल्लाता रहा था। लेकिन वह उसे ईंट से कुचलता रहा था। बाद में सांस चलने पर भी उसने जमीन पर पड़े मोनू का गला दबा दिया था। पुलिस के अनुसार ईशू ने बताया कि काफी देर बाद जब होश आया तो पता चला कि मोनू की मौत हो गई। जिसके बाद प्लानिंग की गई। जिसके बाद अंधेरा होने पर शव को दायमपुर के पास साईंधाम में खेत में फेंक दिया और आग लगाकर जला दिया। पुलिस ने देर रात बजरंग और अंशुल को भी हिरासत में ले लिया। आरोपी ईशू ने बताया कि दायमपुर में पार्टी हुई थी, देर रात पुलिस आरोपियों को लेकर घटनास्थल भी पहुंची।
माहौल बनाने में सफल नहीं रही पुलिस
मोनू गुर्जर की हत्या के बाद जहां पुलिस-प्रशासन के होश उड़े हैं। वहीं, पुलिस अफसरों का दावा है कि पुरानी रंजिश में इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया गया। दोनों में दोस्ती थी। शराब पीकर विवाद हुआ तो आरोपी ईशू ने अपने साथियों के साथ मिलकर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। बसपा नेता गोपी पारिया की हत्या के बदले आशीष गुर्जर की हत्या के बाद पुलिस अधिकारियों ने भले ही गांव में दोनों बिरादरी के लोगों को साथ बैठाकर मीटिंग कराई और भाईचारे का माहौल बनाने का प्रयास किया हो। लेकिन सफल नहीं हुए। गांव में कुछ दिन के लिए शांति रही। लेकिन अंदर ही अंदर आरोपियों के मन में बदले की भावना भड़कती रही। होली पर रंग वाले दिन गांव में दलित व गुर्जरों युवकों में मामूली विवाद को लेकर कहासुनी भी हुई। जिसमें पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कई लोगों को हिरासत में भी लिया था। रोहटा रोड पर लगने वाली पैंठ में मामूली विवाद में अनुसूचित युवकों ने कहा था कि अभी और भी बदला लेना है। पुलिस के अनुसार ईशू मोनू गुर्जर के घर पहुंचा था और उसे बाइक पर बैठाकर ले गया था। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा आनंद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि आरोपी ईशू ने बताया कि आपसी विवाद में उसने मोनू की हत्या की थी। बाद में वह डर गया था और जंगल में शव फेंककर आग लगा दी थी।
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रात में ही कराया पोस्टमार्टम
मोनू गुर्जर के परिवार के अमित गुर्जर ने बताया कि ईशू करीब दो साल पूर्व सपा नेता मनोज गुर्जर के कार्यालय पर काम करता था। दोनों का साथ रहना भी था। गोपी व आशीष हत्याकांड के बाद भी मोनू के परिजनों को ईशू पर विश्वास था। ईशू कई बार मोनू के घर आता-जाता था और उसके साथ ही घूमता था। किसी को पता नहीं था कि मोनू की हत्या हो सकती है। रात में ही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
पूर्व पार्षद से पूछताछ
मोनू गुर्जर मोबाइल साथ लेकर नहीं गया था। पुलिस मान रही कि पूर्व पार्षद के घर पर ही विवाद हुआ। जिसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया। रात में पूर्व पार्षद को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। माना जा रहा है कि शव को केरोसिन डालकर जलाने की कोशिश की गई।
सभी बिंदुओं पर जांच
दोनों ही युवकों में दोस्ती थी। आपसी कहासुनी होने पर दोस्त ने ही गला दबाकर हत्या को अंजाम दिया है। इस मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुरानी रंजिश या विवाद जैसी कोई बात अभी तक जांच में सामने नहीं आई है। कई बिंदुओं पर जांच हो रही है। - नितिन तिवारी, एसएसपी
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पुलिस का दावा, गिरफ्तार हत्यारोपी ईशू ने कहा कि मोनू से थी दोस्ती,
शराब पीकर हुआ था मोनू से विवाद, मौत होने पर डरकर जलाया था शव
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ/कंकरखेड़ा। मोनू गुर्जर हत्याकांड में मुख्य हत्या आरोपी माने जा रहे ईशू को पुलिस ने रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी के हवाले से कई दावे किए।
पुलिस का दावा है कि ईशू ने पूछताछ में बताया कि उनकी होली वाले दिन पार्टी थी। पार्टी में मोनू गुर्जर के अलावा दायमपुर निवासी बजरंग और डाबका निवासी अंशुल और दो अन्य युवक भी मौजूद थे। जिसके बाद सभी ने एक साथ बैठकर शराब पी। ईशू का कहना है कि मोनू गुर्जर ने शराब के नशे में उससे गाली गलौज की थी। उसने मना किया तो मोनू ने ईंट उठा ली थी। इस पर उसने मोनू को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया था। जिसके बाद उसने ईंट लेकर मोनू गुर्जर के चेहरे पर कई वार किए थे। मोनू चिल्लाता रहा था। लेकिन वह उसे ईंट से कुचलता रहा था। बाद में सांस चलने पर भी उसने जमीन पर पड़े मोनू का गला दबा दिया था। पुलिस के अनुसार ईशू ने बताया कि काफी देर बाद जब होश आया तो पता चला कि मोनू की मौत हो गई। जिसके बाद प्लानिंग की गई। जिसके बाद अंधेरा होने पर शव को दायमपुर के पास साईंधाम में खेत में फेंक दिया और आग लगाकर जला दिया। पुलिस ने देर रात बजरंग और अंशुल को भी हिरासत में ले लिया। आरोपी ईशू ने बताया कि दायमपुर में पार्टी हुई थी, देर रात पुलिस आरोपियों को लेकर घटनास्थल भी पहुंची।
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माहौल बनाने में सफल नहीं रही पुलिस
मोनू गुर्जर की हत्या के बाद जहां पुलिस-प्रशासन के होश उड़े हैं। वहीं, पुलिस अफसरों का दावा है कि पुरानी रंजिश में इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया गया। दोनों में दोस्ती थी। शराब पीकर विवाद हुआ तो आरोपी ईशू ने अपने साथियों के साथ मिलकर गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया था। बसपा नेता गोपी पारिया की हत्या के बदले आशीष गुर्जर की हत्या के बाद पुलिस अधिकारियों ने भले ही गांव में दोनों बिरादरी के लोगों को साथ बैठाकर मीटिंग कराई और भाईचारे का माहौल बनाने का प्रयास किया हो। लेकिन सफल नहीं हुए। गांव में कुछ दिन के लिए शांति रही। लेकिन अंदर ही अंदर आरोपियों के मन में बदले की भावना भड़कती रही। होली पर रंग वाले दिन गांव में दलित व गुर्जरों युवकों में मामूली विवाद को लेकर कहासुनी भी हुई। जिसमें पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कई लोगों को हिरासत में भी लिया था। रोहटा रोड पर लगने वाली पैंठ में मामूली विवाद में अनुसूचित युवकों ने कहा था कि अभी और भी बदला लेना है। पुलिस के अनुसार ईशू मोनू गुर्जर के घर पहुंचा था और उसे बाइक पर बैठाकर ले गया था। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा आनंद प्रकाश मिश्रा ने बताया कि आरोपी ईशू ने बताया कि आपसी विवाद में उसने मोनू की हत्या की थी। बाद में वह डर गया था और जंगल में शव फेंककर आग लगा दी थी।
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रात में ही कराया पोस्टमार्टम
मोनू गुर्जर के परिवार के अमित गुर्जर ने बताया कि ईशू करीब दो साल पूर्व सपा नेता मनोज गुर्जर के कार्यालय पर काम करता था। दोनों का साथ रहना भी था। गोपी व आशीष हत्याकांड के बाद भी मोनू के परिजनों को ईशू पर विश्वास था। ईशू कई बार मोनू के घर आता-जाता था और उसके साथ ही घूमता था। किसी को पता नहीं था कि मोनू की हत्या हो सकती है। रात में ही पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
पूर्व पार्षद से पूछताछ
मोनू गुर्जर मोबाइल साथ लेकर नहीं गया था। पुलिस मान रही कि पूर्व पार्षद के घर पर ही विवाद हुआ। जिसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया। रात में पूर्व पार्षद को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। माना जा रहा है कि शव को केरोसिन डालकर जलाने की कोशिश की गई।
सभी बिंदुओं पर जांच
दोनों ही युवकों में दोस्ती थी। आपसी कहासुनी होने पर दोस्त ने ही गला दबाकर हत्या को अंजाम दिया है। इस मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुरानी रंजिश या विवाद जैसी कोई बात अभी तक जांच में सामने नहीं आई है। कई बिंदुओं पर जांच हो रही है। - नितिन तिवारी, एसएसपी