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पति की मौत के बाद पक्के मकान में रहने का टूट रहा सपना

Fri, 25 Jan 2019 02:26 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jan 2019 02:26 AM IST
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पति की मौत के बाद पक्के मकान में रहने का टूट रहा सपना
अमर उजाला ब्यूरो
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फलावदा। पक्के मकान में रहने का सपना संजोए एक परिवार दूसरी किस्त की बाट जोह रहा है। अब परिवार के मुखिया की मौत हो जाने के बाद किस्त की रकम उसकी विधवा के खाते में स्थानांतरित कराने में परेशानी आ रही है। अब वह बैंक के चक्कर लगा रही है। सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी परिवार के मुखिया की विधवा के खाते में रकम नहीं आ सकी है। जिस कारण महिला अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर है।

नगर पंचायत फलावदा में प्रधानमंत्री आवास योजना अंर्तगत कई लोगों ने मकान निर्माण के लिए आवेदन किया था। पहली किस्त प्राप्त होने के बाद पात्रों ने नींव भरने का कार्य पूरा कर दिया था परंतु नक्शों में कुछ गड़बड़ी हो जाने पर पात्रों को दूसरी किस्त प्राप्त करने में तीन माह से अधिक समय लग गया। कस्बे के मोहल्ला कानीपट्टी निवासी नसीर अहमद पुत्र अल्लाहदिया ने भी मकान बनवाने के लिए आवेदन किया था। दूसरी किस्त आने से पहले ही नसीर की बीमारी के चलते मौत हो गई। उसकी मौत के बाद की सारी जिम्मेदारी पत्नी सायरा के कंधों पर आ गई। उसने बताया कि किस्त के डेढ़ लाख रुपए उसके पति के खाते में आ चुके हैं। उन्हें प्राप्त करने के लिए उसने डूडा से एनओसी तथा वारिसान शपथ पत्र तथा गारंटर के शपथ पत्र कराकर सभी कागजात बैंक में जमा करा दिए। इसके बावजूद उसे किस्त प्राप्त नहीं हो सकी है। किस्त प्राप्त करने के लिए सायरा प्रतिदिन बैंक के चक्कर काट रही है ताकि उसका मकान बन सके। वह सर्द रातों में अपने छोटे-छोटे बच्चों को लेकर आधे-अधूरे मकान पर पालिथीन डालकर गुजारने को मजबूर है। बीते सोमवार एवं मंगलवार को हुई तेज बारिश में सायरा और उसके बच्चों का बुरा हाल रहा। उधर, सिंडिकेट बैंक के प्रबंधक विनोद कुमार वर्मा का कहना है कि कागजात आदि उनको प्राप्त हो गए हैं, लेकिन काम का भार अधिक होने के कारण रकम महिला के खाते में नहीं भेजी जा सकी है। इसे जल्द ही भेज दिया जाएगा।
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मुख्य बातें
घर के मुखिया की मौत हो जाने पर विधवा के खाते में नहीं आई रकम
छोटे-छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
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