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वेस्ट यूपी में तुरंत मिले हाईकोर्ट बेंच: विपुल
Updated Sun, 19 Aug 2018 02:08 AM IST
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वेस्ट यूपी में तुरंत मिले हाईकोर्ट बेंच: विपुल माहेश्वरी
प्रेस वार्ता कर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग का समर्थन किया
मेरठ। मेरठ माल रोड स्थित व्हीलर क्लब में हुई प्रेस वार्ता में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट विपुल माहेश्वरी ने कहा कि वह पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के प्रबल पक्षधर हैं। वह तो इस बाबत धरने पर भी बैठे। विपुल के मुताबिक वेस्ट यूपी के लोगों को यदि लाहौर जाना हो तो वह नजदीक है पर इलाहाबाद दूर है। सुप्रीम कोर्ट बार-बार खुद कह रही है कि केसों की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। ऐेसे में सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में आठ लाख केस लंबित हैं। वहां तीन बेंच हैं। महाराष्ट्र में 12 लाख केस लंबित हैं वहां तीन बेंच हैं। राजस्थान में छह लाख केंस हैं वहां भी दो बेंच हैं। फिर यूपी में इतने ज्यादा केसों केबावजूद नई हाईकोर्ट बेंच क्यों नहीं दी जा रही है। यह राजनीति से प्रेरित है। अब तो केंद्र और प्रदेश दोनों में एक ही पार्टी की सरकार है तो ऐसे में कोई अड़चन भी नहीं है। यदि प्रदेश सरकार चाहे तो वह ही सीधे बेंच की स्थापना के लिए अप्रोच कर सकती है।
अगले साल होने जा रहे लोकसभाचुनाव पर विपुल ने कहा कि आज लोग परेशान हैं। कारोबार ठप हो गए हैं। मेरठ में आभूषण बनाने वाले कारीगरों का काम छिन गया है। युवा वर्ग बेरोजगारी से परेशान हैं। वर्तमान सरकार केफैसलों का यह हश्र हो रहा है कि पूरे देश में दो करोड़ परिवारों का रोजगार छिना है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे में जनता तो इन्हें सबक सिखाने को तैयार बैठी है। वकीलों पर दिल्ली में हुए हमलों के मामले में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कोई भी सुरक्षित नहीं है। अपराध बढ़ रहा है। गोरखपुर, देवरिया जैसी घटनाओं केबावजूद सरकार का कोई फर्क नहीं पड़ रहा। उन्होंने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है। बलात्कार जैसे मामलों की सुनवाई के लिए अलग से कोर्ट बने। सरकार की नाकामी के कारण जनता बेहद गुस्से मेें है। इस मौकेराजेंद्र कुमार जाटव, आशीष मित्तल, विनय दूबे, मनोज गुप्ता, संदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।
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प्रेस वार्ता कर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग का समर्थन किया
मेरठ। मेरठ माल रोड स्थित व्हीलर क्लब में हुई प्रेस वार्ता में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट विपुल माहेश्वरी ने कहा कि वह पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के प्रबल पक्षधर हैं। वह तो इस बाबत धरने पर भी बैठे। विपुल के मुताबिक वेस्ट यूपी के लोगों को यदि लाहौर जाना हो तो वह नजदीक है पर इलाहाबाद दूर है। सुप्रीम कोर्ट बार-बार खुद कह रही है कि केसों की पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। ऐेसे में सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में आठ लाख केस लंबित हैं। वहां तीन बेंच हैं। महाराष्ट्र में 12 लाख केस लंबित हैं वहां तीन बेंच हैं। राजस्थान में छह लाख केंस हैं वहां भी दो बेंच हैं। फिर यूपी में इतने ज्यादा केसों केबावजूद नई हाईकोर्ट बेंच क्यों नहीं दी जा रही है। यह राजनीति से प्रेरित है। अब तो केंद्र और प्रदेश दोनों में एक ही पार्टी की सरकार है तो ऐसे में कोई अड़चन भी नहीं है। यदि प्रदेश सरकार चाहे तो वह ही सीधे बेंच की स्थापना के लिए अप्रोच कर सकती है।
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अगले साल होने जा रहे लोकसभाचुनाव पर विपुल ने कहा कि आज लोग परेशान हैं। कारोबार ठप हो गए हैं। मेरठ में आभूषण बनाने वाले कारीगरों का काम छिन गया है। युवा वर्ग बेरोजगारी से परेशान हैं। वर्तमान सरकार केफैसलों का यह हश्र हो रहा है कि पूरे देश में दो करोड़ परिवारों का रोजगार छिना है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे में जनता तो इन्हें सबक सिखाने को तैयार बैठी है। वकीलों पर दिल्ली में हुए हमलों के मामले में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कोई भी सुरक्षित नहीं है। अपराध बढ़ रहा है। गोरखपुर, देवरिया जैसी घटनाओं केबावजूद सरकार का कोई फर्क नहीं पड़ रहा। उन्होंने कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं है। बलात्कार जैसे मामलों की सुनवाई के लिए अलग से कोर्ट बने। सरकार की नाकामी के कारण जनता बेहद गुस्से मेें है। इस मौकेराजेंद्र कुमार जाटव, आशीष मित्तल, विनय दूबे, मनोज गुप्ता, संदीप चौधरी आदि मौजूद रहे।
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