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प्रभु भक्ति में डूबी महानगर की जनता
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:04 AM IST
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यज्ञ से ही बचा है ब्रह्मांड: त्रयंबकेश्वर महाराज
मेरठ। अयुतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन भैसाली मैदान में प्रभु की भक्ति का गुणगान हुआ। भजन और प्रवचन के माध्यम से प्रभु को खूब रिझाया गया। वहीं यजमान कई दंपति ने मां दुर्गा का पूजन और यज्ञशाला की परिक्रमा कर यज्ञ भगवान से मनोकामना की। यज्ञाचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित ने गणेश पूजन के साथ यज्ञ संबंधित सभी कर्मकांड पूर्ण कराए।
कथा व्यास डॉ. गुणप्रकाश चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने मधु कैटभ वध की कथा सुनाई। कथा व्यास त्रयंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से ही ब्रह्मांड बचा हुआ है। अन्यथा ब्रह्मांड का अस्तित्व ही खत्म हो जाता। सनातन धर्म के सिद्धांतों को त्यागने के कारण ही विश्व भक्षक संस्कृति का उदय हुआ।
आचार्य सुरेश और आचार्य देवेश ने मां दुर्गा का पूजन संपन्न कराया। आचार्य संजीव और आचार्य अशोक ने व्यास पूजन किया। मुख्य यजमान के रूप में कृष्णा कंसल, सुभाष अग्रवाल, सूरजभान, प्रदीप मित्तल आदि ने व्यास पूजन किया। ज्ञानेंद्र अग्रवाल व प्रवीन कुमार ने कथा व्यास का माल्यार्पण किया। गिरीश बंसल, देवेंद्र माहेश्वरी, भारत भूषण ब्रजमोहन गर्ग, अनिल मित्तल का सहयोग रहा। आचार्य दुर्गेश, आचार्य सुदेश ब्रह्मचारी ने पूजन कराया।
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वैदिक मंत्रों से गूंजी यज्ञशाला
- भैसाली मैदान पर विशाल यज्ञशाला में मंत्र उच्चारण के साथ दी जा रही घी, सामग्री आदि की आहुतियों से की खुशबू और गुणगान से यज्ञशाला गूंज उठी। यज्ञशाला में आहुतियों के साथ ऊं का जाप चल रहा है। जिससे पूरा वायुमंडल गूंज रहा है।
खास बातें:
प्रभु भक्ति में डूबी महानगर की जनता
भैसाली मैदान में कथा सुनने और यज्ञ दर्शन को पहुंची भीड़
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मेरठ। अयुतचंडी महायज्ञ के तीसरे दिन भैसाली मैदान में प्रभु की भक्ति का गुणगान हुआ। भजन और प्रवचन के माध्यम से प्रभु को खूब रिझाया गया। वहीं यजमान कई दंपति ने मां दुर्गा का पूजन और यज्ञशाला की परिक्रमा कर यज्ञ भगवान से मनोकामना की। यज्ञाचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित ने गणेश पूजन के साथ यज्ञ संबंधित सभी कर्मकांड पूर्ण कराए।
कथा व्यास डॉ. गुणप्रकाश चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने मधु कैटभ वध की कथा सुनाई। कथा व्यास त्रयंबकेश्वर चैतन्य महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से ही ब्रह्मांड बचा हुआ है। अन्यथा ब्रह्मांड का अस्तित्व ही खत्म हो जाता। सनातन धर्म के सिद्धांतों को त्यागने के कारण ही विश्व भक्षक संस्कृति का उदय हुआ।
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आचार्य सुरेश और आचार्य देवेश ने मां दुर्गा का पूजन संपन्न कराया। आचार्य संजीव और आचार्य अशोक ने व्यास पूजन किया। मुख्य यजमान के रूप में कृष्णा कंसल, सुभाष अग्रवाल, सूरजभान, प्रदीप मित्तल आदि ने व्यास पूजन किया। ज्ञानेंद्र अग्रवाल व प्रवीन कुमार ने कथा व्यास का माल्यार्पण किया। गिरीश बंसल, देवेंद्र माहेश्वरी, भारत भूषण ब्रजमोहन गर्ग, अनिल मित्तल का सहयोग रहा। आचार्य दुर्गेश, आचार्य सुदेश ब्रह्मचारी ने पूजन कराया।
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वैदिक मंत्रों से गूंजी यज्ञशाला
- भैसाली मैदान पर विशाल यज्ञशाला में मंत्र उच्चारण के साथ दी जा रही घी, सामग्री आदि की आहुतियों से की खुशबू और गुणगान से यज्ञशाला गूंज उठी। यज्ञशाला में आहुतियों के साथ ऊं का जाप चल रहा है। जिससे पूरा वायुमंडल गूंज रहा है।
खास बातें:
प्रभु भक्ति में डूबी महानगर की जनता
भैसाली मैदान में कथा सुनने और यज्ञ दर्शन को पहुंची भीड़