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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   2019 Lok Sabha elections might be on target as Meerut is new center of construction illegal weapons

हथियारों के अवैध निर्माण का ये शहर बन रहा नया ठिकाना, कहीं 2019 लोकसभा चुनाव तो नहीं निशाना

Wed, 10 Oct 2018 05:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 10 Oct 2018 05:10 PM IST
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2019 Lok Sabha elections might be on target as Meerut is new center of construction illegal weapons
मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली पुलिस बीच शहर से हथियारो का जखीरा बरामद करके ले गयी और स्थानीय पुलिस को खबर तक नहीं लगी। दिल्ली स्पेशल सेल ने लिसाड़ीगेट में हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़कर मेरठ पुलिस की पोल खोली है। दिल्ली पुलिस की एक दिन की कार्रवाई में 84 पिस्टल बरामद हुई हैं।

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मुंगेर से कारीगरों को बुलाकर पश्चिम उत्तर प्रदेश अवैध हथियार की खेप तैयार हो रही थी। अवैध हथियारों का ये धंधा एक साल से चल रहा था। सवाल उठता है कि वेस्ट यूपी में आखिर किस युद्ध की तैयारी चल रही थी। तमंचे बनाने की फैक्ट्री कई बार मेरठ जिले में पकड़ी गईं हैं लेकिन पिस्टल बनाने की फैक्ट्री पकड़ने का मामला पहली बार सामने आया। 
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कार में जगह बनाकर करते थे तस्करी
सैदुल्लाह के पास से बरामद कार में विशेष जगह बनाकर हथियारों को छुपाया गया था। कार की स्टेपनी की जगह पिस्टल छुपाकर वहां पर शीट के जरिये उसे कवर किया गया था। पुलिस ने कार की स्टेपनी वाली जगह से 52 पिस्टल बरामद की है। बरामद कार कालकाजी इलाके से चोरी पाई गई है।

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पंद्रह वर्ष से कर रहा हथियारों का धंधा
सैदुल्लाह ने बताया कि उसका परिवार मुंगेर में रहता है। कम उम्र में ही उसने हथियार बनाने का काम शुरू कर दिया था। उसके गांव में ज्यादातर लोगों का यही धंधा था। सैदुल्लाह कई सालों से फुरकान को हथियार बेच रहा था। पिस्टल को तैयार करने के लिए फुरकान ने उन्हें सभी मशीनें मुहैया करवा दी थी। फिलहाल फुरकान फरार है।

सैदुल्लाह ने बताया कि नसीम उसका साथी है, वह हथियार तस्करी करने में उसकी मदद करता है। वहीं तीनों कारीगरों को वह करीब एक साल पहले मेरठ लेकर आया था। यहां एक कारीगर एक दिन में दो से तीन पिस्टल बनाता है। एक पिस्टल बनाने के बदले कारीगर को दो हजार रुपये देते हैं, जबकि पिस्टल को आगे 20 से 50 हजार रुपये में बेची जाती है। आगे बदमाश इनको मोटी कीमत पर बेचते हैं। 

2019 तो नहीं टारगेट 
इतनी भारी संख्या में पिस्टल बरामद होने में पुलिस की लापरवाही सामने आई हैं। वहीं लोगों के जेहन में भी सवाल उठने लगे है कि कहीं 2019 लोकसभा चुनाव में उन्माद फैलाने की बड़ी साजिश तो नहीं है। इसको लेकर तरह तरह की चर्चा चल रही है।  

मेरठ में बनाया नया ठिकाना
पिस्टल बिहार के मुंगेर, मध्य प्रदेश के खारगौन, धार व अन्य जगहों से आ रही थीं। चेकिंग में कई बार हथियार पकडे़ जाते थे। मुंगेर के रहने वाले सैदुल्लाह ने दिल्ली-एनसीआर में हथियारों की खपत को पूरा करने के लिए वेस्ट यूपी में हथियारों की फैक्टरी लगाने की योजना बनाई। उसने मेरठ के बदमाश फुरकान से संपर्क किया। फुरकान ने अपने घर के बेसमेंट में हथियार की फैक्टरी लगवाने की बात कही। सैदुल्लाह तीन कारीगरों का इंतजाम करके मेरठ ले आया। पिस्टलों के ज्यादातर पार्ट मुंगेर से मेरठ लाए गए। बाद में मशीनों की मदद से कारीगरों ने उन्हें जोड़कर हथियार बना दिए। ऐसे ही पार्ट लाकर उन्हें मेरठ में एसेंबल किया जा रहा था। 

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