{"_id":"5cd49e6fbdec22074e01269e","slug":"201557438063-meerut-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हैवान और बच्चियों के कपड़े भी जाएंगे फोरेंसिक लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हैवान और बच्चियों के कपड़े भी जाएंगे फोरेंसिक लैब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैवान और बच्चियों के कपड़े भी जाएंगे फोरेंसिक लैब
- विमलचंद की रिमांड अर्जी में देरी, कोई साजिश तो नहीं
- जागृति विहार में बच्चियों से हैवानियत होने वाला मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जागृति विहार में हैवान विमल चंद और पीड़ित बच्चियों के कपड़ों को फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। पीड़ित तीन बच्चियों ने हैवान की सारी घिनौनी हरकत पुलिस से लेकर कोर्ट तक खोल दी। इसके बावजूद भी पुलिस गंभीर नहीं है। विमलचंद को पुलिस रिमांड पर लेने में पुलिस देरी कर रही है, इसको लेकर भी लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार 162/6 में हैवान विमलचंद अपनी कोठी में ही कई बच्चियों से दरिंदगी करता है। इसकी पोल दस दिन पहले अमर उजाला ने खोली थी। पुलिस की गिरफ्त में आते ही विमलचंद ने अपना जुर्म कबूल लिया था। तीन बच्चियों भी पुलिस के पास पहुंचीं और हैवान की पोल खोली। बच्चियों ने पुलिस से लेकर कोर्ट तक हैवानियत की दास्तां बता दी। इसके बावजूद भी पुलिस की नींद नहीं टूटी।
दस दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने आरोपी विमलचंद को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी तक नहीं डाली है। जिसको लेकर लोगोें में आक्रोश है। जबकि इस केस में आरोपी को रिमांड पर लेकर पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी लेकर मजबूत साक्ष्य जुटाने हैं। जिससे आरोपी को सजा मिलेगी। पुलिस की इस लचीली कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस पर आरोपी की मदद करने के आरोप लगने लगे हैं।
विज्ञापन
कपड़ों को भेजेंगे फोरेंसिक लैब
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना कि तीन बच्चियों ने कोर्ट के बयानों में हैवान विमलचंद की सारी पोल खोली है। जिनको तस्दीक करना है। इसको देखते आरोपी विमलचंद को रिमांड पर लेना जरूरी है। पुलिस और जानकारी जुटा रही है, ताकि रिमांड पर पुलिस ज्यादा से ज्यादा सुबूत विमलचंद से जुटा सके। रिमांड की अर्जी तैयार है। आरोपी विमलचंद और तीनों पीड़ित बच्चियों के कपड़े भी फोरेंसिक लैब में भेजने की तैयारी कर ली है।
रिमांड भी होने वाला है पूरा
हैवानियत की पोल खोलने के बाद पुलिस ने हैवान विमलचंद को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा गया था। इसकी अवधि भी पूरी होने को है। इसे बढ़वाने की खातिर पुलिस को आरोपी के खिलाफ और दस्तावेज देने होंगे। जिसके बाद उसकी रिमांड आगे बढ़ेगी।
पुलिस की लापरवाही की हद
वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित के मुताबिक बच्चियों से दरिंदगी के मामले में पुलिस को कोर्ट के बयान होते ही रिमांड ले लेना चाहिए था। बच्चियों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी काउंसिलिंग करानी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। घिनौने कारनामे करने वाले हैवान की जांच में भी पुलिस ने लापरवाही की हद कर दी। इस मामले में हाईकोर्ट में मेरठ पुलिस के खिलाफ रिट दायर की जाएगी।
विज्ञापन
- विमलचंद की रिमांड अर्जी में देरी, कोई साजिश तो नहीं
- जागृति विहार में बच्चियों से हैवानियत होने वाला मामला
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जागृति विहार में हैवान विमल चंद और पीड़ित बच्चियों के कपड़ों को फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। पीड़ित तीन बच्चियों ने हैवान की सारी घिनौनी हरकत पुलिस से लेकर कोर्ट तक खोल दी। इसके बावजूद भी पुलिस गंभीर नहीं है। विमलचंद को पुलिस रिमांड पर लेने में पुलिस देरी कर रही है, इसको लेकर भी लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
मेडिकल थानाक्षेत्र के जागृति विहार 162/6 में हैवान विमलचंद अपनी कोठी में ही कई बच्चियों से दरिंदगी करता है। इसकी पोल दस दिन पहले अमर उजाला ने खोली थी। पुलिस की गिरफ्त में आते ही विमलचंद ने अपना जुर्म कबूल लिया था। तीन बच्चियों भी पुलिस के पास पहुंचीं और हैवान की पोल खोली। बच्चियों ने पुलिस से लेकर कोर्ट तक हैवानियत की दास्तां बता दी। इसके बावजूद भी पुलिस की नींद नहीं टूटी।
विज्ञापन
दस दिन बीतने के बाद भी पुलिस ने आरोपी विमलचंद को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी तक नहीं डाली है। जिसको लेकर लोगोें में आक्रोश है। जबकि इस केस में आरोपी को रिमांड पर लेकर पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी लेकर मजबूत साक्ष्य जुटाने हैं। जिससे आरोपी को सजा मिलेगी। पुलिस की इस लचीली कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस पर आरोपी की मदद करने के आरोप लगने लगे हैं।
विज्ञापन
कपड़ों को भेजेंगे फोरेंसिक लैब
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना कि तीन बच्चियों ने कोर्ट के बयानों में हैवान विमलचंद की सारी पोल खोली है। जिनको तस्दीक करना है। इसको देखते आरोपी विमलचंद को रिमांड पर लेना जरूरी है। पुलिस और जानकारी जुटा रही है, ताकि रिमांड पर पुलिस ज्यादा से ज्यादा सुबूत विमलचंद से जुटा सके। रिमांड की अर्जी तैयार है। आरोपी विमलचंद और तीनों पीड़ित बच्चियों के कपड़े भी फोरेंसिक लैब में भेजने की तैयारी कर ली है।
रिमांड भी होने वाला है पूरा
हैवानियत की पोल खोलने के बाद पुलिस ने हैवान विमलचंद को कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजा गया था। इसकी अवधि भी पूरी होने को है। इसे बढ़वाने की खातिर पुलिस को आरोपी के खिलाफ और दस्तावेज देने होंगे। जिसके बाद उसकी रिमांड आगे बढ़ेगी।
पुलिस की लापरवाही की हद
वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित के मुताबिक बच्चियों से दरिंदगी के मामले में पुलिस को कोर्ट के बयान होते ही रिमांड ले लेना चाहिए था। बच्चियों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत कर उनकी काउंसिलिंग करानी चाहिए थी, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। घिनौने कारनामे करने वाले हैवान की जांच में भी पुलिस ने लापरवाही की हद कर दी। इस मामले में हाईकोर्ट में मेरठ पुलिस के खिलाफ रिट दायर की जाएगी।