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परीक्षकों की कमी, समय से कैसे पूरा होगा मूल्यांकन
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अनुपस्थित चल रहे विज्ञान के 108 परीक्षकों का काटा जाएगा वेतन
अंग्रेजी, समाजशास्त्र, इतिहास, विज्ञान, गृह विज्ञान और हिंदी के शिक्षक मांगे
अनुपस्थित चल रहे हैं 25 से 30 प्रतिशत परीक्षक
मेरठ। यूपी बोर्ड के तहत चल रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मूल्यांकन के समय से पूरा होने पर संकट गहरा रहा है। दरअसल, कई विषय ऐसे हैं, जिनके शिक्षक पर्याप्त नहीं हैं। जिनकी ड्यूटी लगाई गई थी, वह भी 25 से 30 प्रतिशत अनुपस्थित हैं। ऐसे में मूल्यांकन केंद्रों के प्रधानाचार्य अपने जानकारों से अपील कर रहे हैं कि अगर कोई कॉपियां जांचना चाहते हैं तो वह संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक को भी अवगत करा दिया है।
दूसरी तरफ, जिला विद्यालय निरीक्षक ने अनुपस्थित चल रहे 108 परीक्षकों का वेतन (अनुपस्थिति के दिनों का) काटने के निर्देश दिए हैं। यह परीक्षक हाईस्कूल विज्ञान के हैं और इनकी ड्यूटी केके इंटर कॉलेज में लगी हुई थी। डीआईओएस ने बताया कि इनसे अनुपस्थिति का कारण भी पूछा जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भी विचार किया जा रहा है।
दरअसल, शासन के निर्देशों के अनुसार 25 मार्च तक मूल्यांकन पूरा करना है, क्योंकि इसके बाद शिक्षकों का मतदान कराने के लिए प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। अधिकांश केंद्रों पर करीब 50 प्रतिशत मूल्यांकन पूरा भी हो गया है, मगर दिक्कत यह आ रही है कि अभी भी कई विषय ऐसे हैं जिनके परीक्षक पूरे नहीं हैं। अनुपस्थिति के कारण और परेशानी हो रही है। जीआईसी के प्रधानाचार्य फतेह चंद ने बताया कि उनके यहां अंग्रेजी, समाजशास्त्र और इतिहास के परीक्षकों की कमी चल रही है। इससे परेशानी हो रही है। मूल्यांकन को समय पर पूरा करना है तो इनकी भरपाई करानी पड़ेगी। केके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वीर बहादुर सिंह ने बताया कि उनके यहां हाईस्कूल विज्ञान के शिक्षकों की कमी चल रही है। वह इस बाबत डीआईओएस को भी अवगत करा चुके हैं। ऐसा ही कुछ राम सहाय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एसएन त्यागी का कहना है, उन्होंने बताया कि उनके यहां हिंदी और गृह विज्ञान के परीक्षक कम हैं। समय से मूल्यांकन पूरा हो, इसके लिए और परीक्षकों की जरूरत पड़ेगी। काफी परीक्षक अनुपस्थित चल रहे हैं।
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कॉपियों में मिले 200-200 के नोट
मेरठ। बोर्ड की कॉपियों से लगातार पैसे मिल रहे हैं। केके इंटर कॉलेज में ड्राइंग की कई कॉपियों में 200-200 रुपये रखे हुए मिले हैं। इसके अलावा जीआईसी में अंग्रेजी की कॉपी में 20-20 रुपये रखे हुए मिले हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा के तहत इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पिछले रविवार को शुरू हो गया था। मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रहा है। चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें एसडी सदर इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज में 12वीं की कॉपियां जांची जा रही हैं, जबकि केके इंटर कॉलेज और एसडी सदर में हाईस्कूल की कॉपियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।
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अंग्रेजी, समाजशास्त्र, इतिहास, विज्ञान, गृह विज्ञान और हिंदी के शिक्षक मांगे
अनुपस्थित चल रहे हैं 25 से 30 प्रतिशत परीक्षक
मेरठ। यूपी बोर्ड के तहत चल रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मूल्यांकन के समय से पूरा होने पर संकट गहरा रहा है। दरअसल, कई विषय ऐसे हैं, जिनके शिक्षक पर्याप्त नहीं हैं। जिनकी ड्यूटी लगाई गई थी, वह भी 25 से 30 प्रतिशत अनुपस्थित हैं। ऐसे में मूल्यांकन केंद्रों के प्रधानाचार्य अपने जानकारों से अपील कर रहे हैं कि अगर कोई कॉपियां जांचना चाहते हैं तो वह संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक को भी अवगत करा दिया है।
दूसरी तरफ, जिला विद्यालय निरीक्षक ने अनुपस्थित चल रहे 108 परीक्षकों का वेतन (अनुपस्थिति के दिनों का) काटने के निर्देश दिए हैं। यह परीक्षक हाईस्कूल विज्ञान के हैं और इनकी ड्यूटी केके इंटर कॉलेज में लगी हुई थी। डीआईओएस ने बताया कि इनसे अनुपस्थिति का कारण भी पूछा जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए भी विचार किया जा रहा है।
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दरअसल, शासन के निर्देशों के अनुसार 25 मार्च तक मूल्यांकन पूरा करना है, क्योंकि इसके बाद शिक्षकों का मतदान कराने के लिए प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। अधिकांश केंद्रों पर करीब 50 प्रतिशत मूल्यांकन पूरा भी हो गया है, मगर दिक्कत यह आ रही है कि अभी भी कई विषय ऐसे हैं जिनके परीक्षक पूरे नहीं हैं। अनुपस्थिति के कारण और परेशानी हो रही है। जीआईसी के प्रधानाचार्य फतेह चंद ने बताया कि उनके यहां अंग्रेजी, समाजशास्त्र और इतिहास के परीक्षकों की कमी चल रही है। इससे परेशानी हो रही है। मूल्यांकन को समय पर पूरा करना है तो इनकी भरपाई करानी पड़ेगी। केके इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वीर बहादुर सिंह ने बताया कि उनके यहां हाईस्कूल विज्ञान के शिक्षकों की कमी चल रही है। वह इस बाबत डीआईओएस को भी अवगत करा चुके हैं। ऐसा ही कुछ राम सहाय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एसएन त्यागी का कहना है, उन्होंने बताया कि उनके यहां हिंदी और गृह विज्ञान के परीक्षक कम हैं। समय से मूल्यांकन पूरा हो, इसके लिए और परीक्षकों की जरूरत पड़ेगी। काफी परीक्षक अनुपस्थित चल रहे हैं।
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कॉपियों में मिले 200-200 के नोट
मेरठ। बोर्ड की कॉपियों से लगातार पैसे मिल रहे हैं। केके इंटर कॉलेज में ड्राइंग की कई कॉपियों में 200-200 रुपये रखे हुए मिले हैं। इसके अलावा जीआईसी में अंग्रेजी की कॉपी में 20-20 रुपये रखे हुए मिले हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा के तहत इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पिछले रविवार को शुरू हो गया था। मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रहा है। चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें एसडी सदर इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज में 12वीं की कॉपियां जांची जा रही हैं, जबकि केके इंटर कॉलेज और एसडी सदर में हाईस्कूल की कॉपियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।