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पात्र किसानों को चयनित करने के लिए लेखपाल व सचिव को दिए दिशा-निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। तहसील सभागार में बुधवार को लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिव के साथ एसडीएम और तहसीलदार ने बैठक की। इसमें एक फरवरी को जारी अंतरिम बजट में किसानों को छह हजार रुपये सालाना देने की योजना के बारे में लेखपाल एवं सचिव को जानकारी दी। वहीं, सात फरवरी से गांव-गांव जाकर पात्र किसानों को चयनित करने के निर्देश दिए।
एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव व तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में बैठक का आयोजन हुआ। इसमें तहसीलदार ने सभी लेखपाल एवं सचिव को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है। जिसमें दो हेक्टेयर खेती की जमीन रखने वाले कृषकों को छह हजार रुपये सलाना देने की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि इस योजना अंर्तगत किसान को साल में तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में रुपये भेजे जाएंगे। बैठक में लेखपाल व सचिव ने बताया कि योजना लागू होने के बाद शासनादेश जारी किया गया है। जिसके अंर्तगत सात फरवरी से गांव-गांव जाकर पात्रों की सूची तैयार कर घोषणा पत्र भरवाना है। उन्होंने बताया कि घोषणा पत्र भरवाने के साथ-साथ किसान की बैंक की पास बुक एवं कोई भी पहचान पत्र देना अनिवार्य होगा। इसके लिए सभी लेखपाल एवं सचिव को शासनादेश की कॉपी उपलब्ध करा दी गई है। बैठक में लेखपाल व सचिव ने सर्वे के दौरान आने वाली समस्याओं को भी रखा। जिसका तहसीलदार एवं एसडीएम ने मौके पर ही निस्तारण किया। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि इस सर्वे में लेखपाल, सचिव, ग्राम प्रधान, किसान सहायक आदि सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान सच्चाई छिपता है तो भरे गए घोषणा पत्र के आधार पर उससे दी गई राशि वसूल की जाएगी।
इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पद धारक, भूतपूर्व अथवा वर्तमान मंत्री, राज्यमंत्री एवं भूतपूर्व, वर्तमान लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधान सभा, राज्य विधान परिषद, भूतपूर्व अथवा वर्तमान नगर महापालिका के मेयर, भूतपूर्व अथवा वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष, केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यालय, विभागों के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, केंद्र और राज्य सरकार सहायतित अर्द्ध सरकारी संस्थान तथा सरकार के संबद्ध समस्त कार्यालय एवं स्वायत्तशासी संस्थान, स्थानीय निकायों के नियमित कार्मिक (चतुर्थ श्रेणी/समूह-घ के कार्मिकों को छोड़कर), लाभार्थी कृषक द्वारा विगत कर निर्धारण वर्ष में आयकर का भुगतान किया है। समस्त सेवानिवृत्त पेंशनधारक, जिनकी मासिक पेंशन दस हजार रुपये या उससे अधिक है (चतुर्थ श्रेणी/समूह-घ के सेवानिवृत्त पेंशनर्स को छोड़कर)। पेशेवर डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टर्ड एकाउंटेंट व आर्केटेक्ट आदि जो संबंधित पेशे के लिए संस्था में पंजीकृत हैं और अपना पेशा कर रहे हैं।
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मुख्य बातें
तहसील सभागार में शासनादेश की कॉपी कराई गई सभी को उपलब्ध
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मवाना। तहसील सभागार में बुधवार को लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिव के साथ एसडीएम और तहसीलदार ने बैठक की। इसमें एक फरवरी को जारी अंतरिम बजट में किसानों को छह हजार रुपये सालाना देने की योजना के बारे में लेखपाल एवं सचिव को जानकारी दी। वहीं, सात फरवरी से गांव-गांव जाकर पात्र किसानों को चयनित करने के निर्देश दिए।
एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव व तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता के नेतृत्व में बैठक का आयोजन हुआ। इसमें तहसीलदार ने सभी लेखपाल एवं सचिव को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है। जिसमें दो हेक्टेयर खेती की जमीन रखने वाले कृषकों को छह हजार रुपये सलाना देने की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि इस योजना अंर्तगत किसान को साल में तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में रुपये भेजे जाएंगे। बैठक में लेखपाल व सचिव ने बताया कि योजना लागू होने के बाद शासनादेश जारी किया गया है। जिसके अंर्तगत सात फरवरी से गांव-गांव जाकर पात्रों की सूची तैयार कर घोषणा पत्र भरवाना है। उन्होंने बताया कि घोषणा पत्र भरवाने के साथ-साथ किसान की बैंक की पास बुक एवं कोई भी पहचान पत्र देना अनिवार्य होगा। इसके लिए सभी लेखपाल एवं सचिव को शासनादेश की कॉपी उपलब्ध करा दी गई है। बैठक में लेखपाल व सचिव ने सर्वे के दौरान आने वाली समस्याओं को भी रखा। जिसका तहसीलदार एवं एसडीएम ने मौके पर ही निस्तारण किया। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि इस सर्वे में लेखपाल, सचिव, ग्राम प्रधान, किसान सहायक आदि सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान सच्चाई छिपता है तो भरे गए घोषणा पत्र के आधार पर उससे दी गई राशि वसूल की जाएगी।
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इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पद धारक, भूतपूर्व अथवा वर्तमान मंत्री, राज्यमंत्री एवं भूतपूर्व, वर्तमान लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधान सभा, राज्य विधान परिषद, भूतपूर्व अथवा वर्तमान नगर महापालिका के मेयर, भूतपूर्व अथवा वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष, केंद्र एवं राज्य सरकार के कार्यालय, विभागों के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, केंद्र और राज्य सरकार सहायतित अर्द्ध सरकारी संस्थान तथा सरकार के संबद्ध समस्त कार्यालय एवं स्वायत्तशासी संस्थान, स्थानीय निकायों के नियमित कार्मिक (चतुर्थ श्रेणी/समूह-घ के कार्मिकों को छोड़कर), लाभार्थी कृषक द्वारा विगत कर निर्धारण वर्ष में आयकर का भुगतान किया है। समस्त सेवानिवृत्त पेंशनधारक, जिनकी मासिक पेंशन दस हजार रुपये या उससे अधिक है (चतुर्थ श्रेणी/समूह-घ के सेवानिवृत्त पेंशनर्स को छोड़कर)। पेशेवर डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, चार्टर्ड एकाउंटेंट व आर्केटेक्ट आदि जो संबंधित पेशे के लिए संस्था में पंजीकृत हैं और अपना पेशा कर रहे हैं।
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तहसील सभागार में शासनादेश की कॉपी कराई गई सभी को उपलब्ध