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सरकार के जलाशय पर लाखों खर्च, जनता को नहीं मिला पानी
Updated Thu, 02 Aug 2018 02:48 AM IST
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जलाशय पर लाखों खर्च, जनता को नहीं मिला पानी
मेरठ। नौचंदी मैदान में लाखों रुपये की लागत से बनवाया गया गंगाजल जलाशय सफेद हाथी बन गया है। पहले तो गंगाजल पाइप लाइन से जलाशय को न जोड़कर क्षेत्र की जनता के साथ धोखा किया गया। वहीं अब जनता को इस जलाशय से ट्यूबवेल का पानी भी नहीं दिया जा रहा है। जलनिगम और नगर निगम दोनों विभागों ने मिलकर सरकारी योजना को पलीता लगाया है।
जेएनएनयूआरएम योजना के तहत जल निगम ने नौचंदी मैदान में जलाशय का निर्माण किया था। जिसको भोला झाल से आने वाली गंगाजल पाइप लाइन से जोड़कर क्षेत्र की जनता को गंगाजल उपलब्ध कराना था। विभागीय अधिकारियों ने जलाशय तो बनाया, लेकिन गंगाजल पाइप लाइन से अभी तक नहीं जोड़ा। जिसके कारण जलाशय बनने के बाद से आज तक सूखा ही पड़ा है। जलाशय से नौचंदी क्षेत्र की कालोनियों में पानी की सप्लाई के लिए मोटर पंप भी लगाए गए हैं। जिनका अभी तक कोई प्रयोग ही नहीं हुआ है। कारण है कि जलाशय में कभी गंगाजल तो क्या ट्यूबवेल का पानी तक नहीं छोड़ा गया। जबकि यह जलाशय पांच साल पहले बनवाया गया था।
550 किलो लीटर क्षमता का है जलाशय
नौचंदी मैदान में बनाया गया जलाशय 550 किलो लीटर पानी की क्षमता का है। इससे कैलाश पुरी ही नहीं नौचंदी क्षेत्र के कई वार्डों को पानी की आपूर्ति की जा सकती है। इस जलाशय को गंगाजल पाइप लाइन से जोड़ने से भूगर्भ जल दोहन भी नहीं होगा।
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ट्यूबवेल से बनाई थी जलाशय को भरने की योजना
जल निगम अधिकारियों ने जलाशय को भरने के लिए एक ट्यूबवेल लगवाई। जिसकी क्षमता एक मिनट में 2500 ली. पानी निकालने की बताई गई है। इस जलाशय को भरने के लिए ट्यूबवेल को उचित माना गया है। ट्यूबवेल भी चलती है, लेकिन जलाशय तक पानी नहीं पहुंचता है।
ट्यूबवेल से सीधे होती है पानी की आपूर्ति
ट्यूबवेल से सीधे नौचंदी क्षेत्र की कालोनियों में पानी की आपूर्ति होती है। वह अलग है कि जनता को न तो बिजली जाने के बाद पानी मिलता है और न ही सभी घरों को पानी मिल पाता है। बीच में ही पानी खत्म हो जाता है। कैलाशपुरी, कल्याण नगर, रामबाग कालोनी, प्रीतविहार, मंजूर नगर, करीम नगर, ढबाई नगर, इस्लामाबाद, उमर नगर, रामनगर आदि कालोनियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
जलाशय और ट्यूबवेल निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार
जलाशय और ट्यूबवेल निर्माण में खुला भ्रष्टाचार किया गया है। उसी को छिपाने के लिए जलाशय में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। सीएम, कमिश्नर, डीएम और नगरायुक्त से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जनता प्यासी है। जलाशय से जलापूर्ति होने के बाद घर-घर पहुंच जाएगा।
अब्दुल गफ्फार, पार्षद।
हम जलकल अधिकारियों को जलाशय चालू करने के निर्देश दे चुके हैं। क्यों चालू नहीं किया है, इस पर जवाब लिया जाएगा। बड़ी लापरवाही है। कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
खास बातें:
- पानी बिन सूना पड़ा है नौचंदी मैदान का जलाशय
- सैकड़ों परिवारों को मिलना था इस जलाशय से पानी
- जल निगम ने बनवाया था जेएनएनयूआरएम योजना में जलाशय
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मेरठ। नौचंदी मैदान में लाखों रुपये की लागत से बनवाया गया गंगाजल जलाशय सफेद हाथी बन गया है। पहले तो गंगाजल पाइप लाइन से जलाशय को न जोड़कर क्षेत्र की जनता के साथ धोखा किया गया। वहीं अब जनता को इस जलाशय से ट्यूबवेल का पानी भी नहीं दिया जा रहा है। जलनिगम और नगर निगम दोनों विभागों ने मिलकर सरकारी योजना को पलीता लगाया है।
जेएनएनयूआरएम योजना के तहत जल निगम ने नौचंदी मैदान में जलाशय का निर्माण किया था। जिसको भोला झाल से आने वाली गंगाजल पाइप लाइन से जोड़कर क्षेत्र की जनता को गंगाजल उपलब्ध कराना था। विभागीय अधिकारियों ने जलाशय तो बनाया, लेकिन गंगाजल पाइप लाइन से अभी तक नहीं जोड़ा। जिसके कारण जलाशय बनने के बाद से आज तक सूखा ही पड़ा है। जलाशय से नौचंदी क्षेत्र की कालोनियों में पानी की सप्लाई के लिए मोटर पंप भी लगाए गए हैं। जिनका अभी तक कोई प्रयोग ही नहीं हुआ है। कारण है कि जलाशय में कभी गंगाजल तो क्या ट्यूबवेल का पानी तक नहीं छोड़ा गया। जबकि यह जलाशय पांच साल पहले बनवाया गया था।
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550 किलो लीटर क्षमता का है जलाशय
नौचंदी मैदान में बनाया गया जलाशय 550 किलो लीटर पानी की क्षमता का है। इससे कैलाश पुरी ही नहीं नौचंदी क्षेत्र के कई वार्डों को पानी की आपूर्ति की जा सकती है। इस जलाशय को गंगाजल पाइप लाइन से जोड़ने से भूगर्भ जल दोहन भी नहीं होगा।
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ट्यूबवेल से बनाई थी जलाशय को भरने की योजना
जल निगम अधिकारियों ने जलाशय को भरने के लिए एक ट्यूबवेल लगवाई। जिसकी क्षमता एक मिनट में 2500 ली. पानी निकालने की बताई गई है। इस जलाशय को भरने के लिए ट्यूबवेल को उचित माना गया है। ट्यूबवेल भी चलती है, लेकिन जलाशय तक पानी नहीं पहुंचता है।
ट्यूबवेल से सीधे होती है पानी की आपूर्ति
ट्यूबवेल से सीधे नौचंदी क्षेत्र की कालोनियों में पानी की आपूर्ति होती है। वह अलग है कि जनता को न तो बिजली जाने के बाद पानी मिलता है और न ही सभी घरों को पानी मिल पाता है। बीच में ही पानी खत्म हो जाता है। कैलाशपुरी, कल्याण नगर, रामबाग कालोनी, प्रीतविहार, मंजूर नगर, करीम नगर, ढबाई नगर, इस्लामाबाद, उमर नगर, रामनगर आदि कालोनियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
जलाशय और ट्यूबवेल निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार
जलाशय और ट्यूबवेल निर्माण में खुला भ्रष्टाचार किया गया है। उसी को छिपाने के लिए जलाशय में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। सीएम, कमिश्नर, डीएम और नगरायुक्त से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जनता प्यासी है। जलाशय से जलापूर्ति होने के बाद घर-घर पहुंच जाएगा।
अब्दुल गफ्फार, पार्षद।
हम जलकल अधिकारियों को जलाशय चालू करने के निर्देश दे चुके हैं। क्यों चालू नहीं किया है, इस पर जवाब लिया जाएगा। बड़ी लापरवाही है। कार्रवाई की जाएगी।
मनोज कुमार चौहान, नगरायुक्त।
खास बातें:
- पानी बिन सूना पड़ा है नौचंदी मैदान का जलाशय
- सैकड़ों परिवारों को मिलना था इस जलाशय से पानी
- जल निगम ने बनवाया था जेएनएनयूआरएम योजना में जलाशय