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शानदार कनेक्टिवटी
Updated Mon, 21 May 2018 02:20 AM IST
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शानदार होगी तीन राज्यों से मेरठ की कनेक्टिविटी
मेरठ। एनसीआर के महत्वपूर्ण शहर मेरठ की तीन राज्यों से कनेक्टिविटी और शानदार होगी। इसके लिए जहां नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने प्लान तैयार किया है, तो वहीं स्थानीय स्तर पर आयुक्त ने इस पर मुहर लगाई है। तीन राज्यों से कनेक्टिविटी और शानदार होने से जहां-जहां लोगाें का आवागमन मेरठ से सुलभ होगा तो वहीं व्यापार के भी अवसर बढ़ेंगे।
मेरठ से हरियाणा की कनेक्टिविटी
सबसे बुरा हाल मेरठ से हरियाणा तक की कनेक्टिविटी का था। यहां का सड़क मार्ग बेहद खराब है। यहां से हरियाणा जाने के लिए वाया बागपत या वाया शामली जाया जा सकता है। बागपत से मेरठ की रोड में इस कदर गड्ढे बागपत तक पचास किमी का सफर करने में ही पसीने छूट जाते हैं। इससे आगे और बीस किमी का सफर है।
मेरठ-करनाल हाइवे से मिली राहत
मेरठ से करनाल तक हाइवे बनने से राहत मिली है। अब हरियाणा तक का सफर आसान हो गया है। लेकिन योजना यह है कि बागपत की तरफ से भी कनेक्टिविटी बेहद मजबूत हो। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बागपत में हिंडन पर नया पुल बनकर तैयार है, तो जानी में भी गंगनहर पर डबल पुल का निर्माण इसी का हिस्सा है।
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ईस्टर्न पेरीफेरल हाइवे बदलेगा स्थिति
हरियाणा और यूपी को जोड़ने वाला 135 किमी लंबा ईस्टर्न पेरीफेरल हाइवे ट्रैफिक सिस्टम की पूरी दिशा ही बदल देगा। इस हाइवे पर दो लाख गाड़ियां प्रतिदिन गुजरेंगी। दिल्ली रोड पर दुहाई के पास कनेक्ट हो रहे इस हाइवे का मेरठ के लोगों को बड़ा लाभ होगा। इस हाइवे पर कुंडली से पलवल तक की दूरी केवल सत्तर मिनट में तय की जा सकेगी।
मेरठ से उत्तराखंड की कनेक्टिविटी
मेरठ से उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को मुख्य रूप से दो तरह से मजबूत किया जा रहा है। एनएच-58 तो सीधा उत्तराखंड को जोड़ ही रहा है, साथ ही एनएच-119 यानी दिल्ली-पौड़ी हाइवे पर भी काम शुरू किया जा रहा है। बिजनौर के बाद यह हरिद्वार मार्ग के जरिए उत्तराखंड को जोड़ेगा। साथ ही कोटद्वार की तरफ सीधा हाइवे उत्तराखंड को कनेक्ट करेगा ही। एनएचएआई इसे मेरठ से रामराज तक फोर लेन बनाने की घोषणा कर चुका है। जमीन अधिग्रहण पर भी काम शुरू हो रहा है।
मेरठ से दिल्ली
मेरठ से दिल्ली के बीच यातायात व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोरशोर से काम हो रहा है। सबसे अहम प्रोजेक्ट है दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे जिस पर गाजियाबाद में काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ मार्ग का भी चौड़ीकरण होगा। इस पर रैपिड ट्रेन पर काम शुरू होने से पहले ही चौड़ीकरण का प्लान है। इस मार्ग पर प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख लोग सफर करते हैं। यही कारण है कि सबसे ज्यादा जोर सरकारों का इसी पर है।
एनसीआरटीसी प्रोजेक्ट में शामिल
कनेक्टिविटी के इस प्लान को एनसीआरटीसी के प्रोजेक्ट में शुमार किया गया है। इस पर अध्ययन हो रहा है कि रैपिड ट्रेन आदि के अलावा कैसे सड़क मार्ग से मेरठ को और मजबूत किया जाए।
संभावनाएं मजबूत होगी
मेरठ की विभिन्न राज्यों से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। इसके लिए योजना पर लगातार काम हो रहा है। कनेक्टिविटी बेहतर होगी तो यहां विकास की संभावनाएं और मजबूत होंगी। -डॉ. प्रभात कुमार आयुक्त मेरठ
खास बातें:
मेरठ से हरियाणा, मेरठ से दिल्ली और मेरठ से उत्तराखंड तक जाने में लगेगा कम समय
एनसीआरटीसी की प्लानिंग में सड़कों पर होगा काम
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मेरठ। एनसीआर के महत्वपूर्ण शहर मेरठ की तीन राज्यों से कनेक्टिविटी और शानदार होगी। इसके लिए जहां नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने प्लान तैयार किया है, तो वहीं स्थानीय स्तर पर आयुक्त ने इस पर मुहर लगाई है। तीन राज्यों से कनेक्टिविटी और शानदार होने से जहां-जहां लोगाें का आवागमन मेरठ से सुलभ होगा तो वहीं व्यापार के भी अवसर बढ़ेंगे।
मेरठ से हरियाणा की कनेक्टिविटी
सबसे बुरा हाल मेरठ से हरियाणा तक की कनेक्टिविटी का था। यहां का सड़क मार्ग बेहद खराब है। यहां से हरियाणा जाने के लिए वाया बागपत या वाया शामली जाया जा सकता है। बागपत से मेरठ की रोड में इस कदर गड्ढे बागपत तक पचास किमी का सफर करने में ही पसीने छूट जाते हैं। इससे आगे और बीस किमी का सफर है।
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मेरठ-करनाल हाइवे से मिली राहत
मेरठ से करनाल तक हाइवे बनने से राहत मिली है। अब हरियाणा तक का सफर आसान हो गया है। लेकिन योजना यह है कि बागपत की तरफ से भी कनेक्टिविटी बेहद मजबूत हो। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। बागपत में हिंडन पर नया पुल बनकर तैयार है, तो जानी में भी गंगनहर पर डबल पुल का निर्माण इसी का हिस्सा है।
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ईस्टर्न पेरीफेरल हाइवे बदलेगा स्थिति
हरियाणा और यूपी को जोड़ने वाला 135 किमी लंबा ईस्टर्न पेरीफेरल हाइवे ट्रैफिक सिस्टम की पूरी दिशा ही बदल देगा। इस हाइवे पर दो लाख गाड़ियां प्रतिदिन गुजरेंगी। दिल्ली रोड पर दुहाई के पास कनेक्ट हो रहे इस हाइवे का मेरठ के लोगों को बड़ा लाभ होगा। इस हाइवे पर कुंडली से पलवल तक की दूरी केवल सत्तर मिनट में तय की जा सकेगी।
मेरठ से उत्तराखंड की कनेक्टिविटी
मेरठ से उत्तराखंड की कनेक्टिविटी को मुख्य रूप से दो तरह से मजबूत किया जा रहा है। एनएच-58 तो सीधा उत्तराखंड को जोड़ ही रहा है, साथ ही एनएच-119 यानी दिल्ली-पौड़ी हाइवे पर भी काम शुरू किया जा रहा है। बिजनौर के बाद यह हरिद्वार मार्ग के जरिए उत्तराखंड को जोड़ेगा। साथ ही कोटद्वार की तरफ सीधा हाइवे उत्तराखंड को कनेक्ट करेगा ही। एनएचएआई इसे मेरठ से रामराज तक फोर लेन बनाने की घोषणा कर चुका है। जमीन अधिग्रहण पर भी काम शुरू हो रहा है।
मेरठ से दिल्ली
मेरठ से दिल्ली के बीच यातायात व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोरशोर से काम हो रहा है। सबसे अहम प्रोजेक्ट है दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे जिस पर गाजियाबाद में काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ मार्ग का भी चौड़ीकरण होगा। इस पर रैपिड ट्रेन पर काम शुरू होने से पहले ही चौड़ीकरण का प्लान है। इस मार्ग पर प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख लोग सफर करते हैं। यही कारण है कि सबसे ज्यादा जोर सरकारों का इसी पर है।
एनसीआरटीसी प्रोजेक्ट में शामिल
कनेक्टिविटी के इस प्लान को एनसीआरटीसी के प्रोजेक्ट में शुमार किया गया है। इस पर अध्ययन हो रहा है कि रैपिड ट्रेन आदि के अलावा कैसे सड़क मार्ग से मेरठ को और मजबूत किया जाए।
संभावनाएं मजबूत होगी
मेरठ की विभिन्न राज्यों से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। इसके लिए योजना पर लगातार काम हो रहा है। कनेक्टिविटी बेहतर होगी तो यहां विकास की संभावनाएं और मजबूत होंगी। -डॉ. प्रभात कुमार आयुक्त मेरठ
खास बातें:
मेरठ से हरियाणा, मेरठ से दिल्ली और मेरठ से उत्तराखंड तक जाने में लगेगा कम समय
एनसीआरटीसी की प्लानिंग में सड़कों पर होगा काम