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स्वयं सेवकों के सैलाब को देख संघ परिवार भी तनाव में
Updated Sun, 25 Feb 2018 02:28 AM IST
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स्वयंसेवकाें के सैलाब से तनाव में संघ परिवार
-हर जनपद से पंजीकरण से ज्यादा स्वयंसेवक आने का बन रहा दबाव
मेरठ।
राष्ट्रोदय को लेकर स्वयं सेवकों में जो उत्साह है, उससे संघ परिवार भी तनाव में नजर आने लगा है। उम्मीद से कहीं ज्यादा पंजीकरण होने और अब बिना पंजीकरण के भी स्वयंसेवकों के राष्ट्रोदय में आने की सूचना पर संघ नेतृत्व परेशान हो चला है। ऐसे में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जिला प्रमुखों से बिना पंजीकरण स्वयं सेवकों को आने से स्पष्ट मना किया है।
संघ ने राष्ट्रोदय की तैयारी 2.51 लाख स्वयंसेवकों के लक्ष्य के साथ शुरू की थी। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किए तो माहौल बदलता चला गया। 10 दिसंबर को भूमि पूजन होने तक 3.14 लाख पंजीकरण हो गये। इसके बाद पंजीकरण बंद कर दिये गये तो जिला मुख्यालयों पर पंजीकरण का दबाव बनना शुरू हो गया। ऐसे में जब संघ नेतृत्व को पता चला कि बड़ी संख्या में स्वयंसेवक गणवेश के साथ बिना पंजीकरण राष्ट्रोदय में आने की तैयारी में जुटे हैं तो व्यवस्था बिगड़ने के डर से नेतृत्व भी सकते में आ गया। संघ के पूर्व प्रांत संघ चालक सूर्य प्रकाश टांक ने बताया कि संघ के स्वयंसेवक अनुशासित हैं, लेकिन हम अपनी व्यवस्थाओं का आंकलन करके चल रहे हैं। ऐसे में हम नहीं चाहते कि कहीं कोई गड़बड़ी हो। इसलिए स्वयंसेवकों को अब रोका गया है।
कैसे भी प्रवेश कराओ
बिना पास के राष्ट्रोदय स्थल पर प्रवेश नहीं होगा। शुरू में कार्यक्रम को लेकर जो लोग गंभीर नहीं थे, वो अब इसमें आना चाहते हैं। ऐसे में हजारों लोग लगातार किसी न किसी माध्यम से राष्ट्रोदय में प्रवेश के लिए जोर लगा रहे हैं। लेकिन संघ नेतृत्व के आगे किसी की चलती नजर नहीं आ रही है।
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-हर जनपद से पंजीकरण से ज्यादा स्वयंसेवक आने का बन रहा दबाव
मेरठ।
राष्ट्रोदय को लेकर स्वयं सेवकों में जो उत्साह है, उससे संघ परिवार भी तनाव में नजर आने लगा है। उम्मीद से कहीं ज्यादा पंजीकरण होने और अब बिना पंजीकरण के भी स्वयंसेवकों के राष्ट्रोदय में आने की सूचना पर संघ नेतृत्व परेशान हो चला है। ऐसे में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जिला प्रमुखों से बिना पंजीकरण स्वयं सेवकों को आने से स्पष्ट मना किया है।
संघ ने राष्ट्रोदय की तैयारी 2.51 लाख स्वयंसेवकों के लक्ष्य के साथ शुरू की थी। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किए तो माहौल बदलता चला गया। 10 दिसंबर को भूमि पूजन होने तक 3.14 लाख पंजीकरण हो गये। इसके बाद पंजीकरण बंद कर दिये गये तो जिला मुख्यालयों पर पंजीकरण का दबाव बनना शुरू हो गया। ऐसे में जब संघ नेतृत्व को पता चला कि बड़ी संख्या में स्वयंसेवक गणवेश के साथ बिना पंजीकरण राष्ट्रोदय में आने की तैयारी में जुटे हैं तो व्यवस्था बिगड़ने के डर से नेतृत्व भी सकते में आ गया। संघ के पूर्व प्रांत संघ चालक सूर्य प्रकाश टांक ने बताया कि संघ के स्वयंसेवक अनुशासित हैं, लेकिन हम अपनी व्यवस्थाओं का आंकलन करके चल रहे हैं। ऐसे में हम नहीं चाहते कि कहीं कोई गड़बड़ी हो। इसलिए स्वयंसेवकों को अब रोका गया है।
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कैसे भी प्रवेश कराओ
बिना पास के राष्ट्रोदय स्थल पर प्रवेश नहीं होगा। शुरू में कार्यक्रम को लेकर जो लोग गंभीर नहीं थे, वो अब इसमें आना चाहते हैं। ऐसे में हजारों लोग लगातार किसी न किसी माध्यम से राष्ट्रोदय में प्रवेश के लिए जोर लगा रहे हैं। लेकिन संघ नेतृत्व के आगे किसी की चलती नजर नहीं आ रही है।
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