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नियम दरकिनार, 30 किलोमीटर दूर बना दिए परीक्षा केंद्र
Updated Wed, 22 Nov 2017 02:14 AM IST
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30 किलोमीटर दूर बना दिए परीक्षा केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में यूपी बोर्ड ने अपने ही नियमों को दरकिनार कर दिया है। मानकों के विपरीत किसी विद्यालय का परीक्षा केंद्र 30 किलोमीटर तक दूर बना दिया है, तो कहीं ऐसा केंद्र बना दिया है, जिसमें परीक्षार्थी ज्यादा हैं और उसकी क्षमता उनसे कम है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में हुई इन गड़बड़ियों के मद्देनजर 76 आपत्तियां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्राप्त हुई हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (यूपी बोर्ड) ने नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए इस वर्ष ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाने की व्यवस्था लागू की है, लेकिन कई स्कूलों और इंटर कॉलेजों के परीक्षा केंद्र काफी दूर बना दिए गए हैं। जो आपत्तियां लगाई गई हैं, उनमें डालूहेडा केस्कूल का परीक्षा केंद्र करीब 20-25 किलोमीटर दूर भराला में है, इसी तरह फतेहपुर नारायण के स्कूल का सेंटर शुगर मिल में है। शाहपुर जदीद के जनता इंटर कॉलेज का केंद्र राम सहाय इंटर कॉलेज में लगाया गया है, जो करीब 25-30 से किलोमीटर दूर है। वहीं, होली चाइल्ड हायर सेकेंडरी स्कूल खानपुर के परीक्षार्थियों का केंद्र 20-25 किलोमीटर दूर परीक्षितगढ़ में बनाया गया है, जबकि सीएबी इंटर कॉलेज का सेंटर करीब 10-15 किलोमीटर दूर मोहिउद्दीनपुर में है। इनके अलावा राजेश पायलट इंटर कॉलेज, कृषक इंटर कॉलेज मवाना, सर्वोदय इंटर कॉलेज, आइडियल फलावदा, बाल विद्या मंदिर दौराला, संत विवेकानंद स्कूल शास्त्रीनगर, जीसीएस रोहटा, गांधी इंटर कॉलेज छुर्र, उत्तम विद्या मंदिर और स्टार अल्फला स्कूल आदि स्कूलों से भी दूर परीक्षा केंद्र बनाए जाने की आपत्तियां आई हैं।
इतना ही नहीं, राहवती के इंटर कॉलेज में परीक्षार्थियों की क्षमता 350 है, वहां 550 परीक्षार्थियों का सेंटर लगा दिया गया है। इसी तरह डौरली में 500 परीक्षार्थियों की क्षमता है, जिसे 650 परीक्षार्थियों का केंद्र बना दिया गया है। परीक्षा केंद्रों की सूची देख कॉलेज संचालक प्रत्यावेदन और आपत्तियां दे रहे हैं। कुछ अपने विद्यालय को केंद्र बनाए जाने की मांग कर रहे हैं तो कुछ जो केंद्र बने हैं उनकी कमियां बता रहे हैं।
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बता दें कि मेरठ में इस बार यूपी बोर्ड की ओर से 108 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, पिछले साल 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसके अलावा इस तरह केभी आरोप हैं कि कुछ स्कूलों ने धारण क्षमता जान बूझकर अधिक दिखाई है, ताकि उनकेविद्यालय को केंद्र बनाया जा सके। परीक्षा के दौरान उनकी वास्तविकता सामने आएगी।
ये हैं नियम
लड़कियों का परीक्षा केंद्र उनके विद्यालय से अधिकतम पांच किलोमीटर की दूरी पर बनाया जा सकता है।
लड़कों का परीक्षा केंद्र उनके विद्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर बनाया जा सकता है।
जिन स्कूलों में मानक के विपरीत परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उन सभी स्कूल संचालकोंकी ओर से आपत्तियां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई हैं। जिलाधिकारी की समिति वाली कमेटी 25 नवंबर को इस संबंध में बैठक करेगी, जिसमें सभी समस्याओं को रखा जाएगा और इनका निस्तारण कराया जाएगा। - सरदार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
खास बात
यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों में नियमों का उड़ाया गया मजाक, विद्यालयों से आईं 76 आपत्तियां
कम क्षमता वाले केंद्र पर अधिक विद्यार्थियों का बना दिया सेंटर
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में यूपी बोर्ड ने अपने ही नियमों को दरकिनार कर दिया है। मानकों के विपरीत किसी विद्यालय का परीक्षा केंद्र 30 किलोमीटर तक दूर बना दिया है, तो कहीं ऐसा केंद्र बना दिया है, जिसमें परीक्षार्थी ज्यादा हैं और उसकी क्षमता उनसे कम है। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में हुई इन गड़बड़ियों के मद्देनजर 76 आपत्तियां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्राप्त हुई हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (यूपी बोर्ड) ने नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए इस वर्ष ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाने की व्यवस्था लागू की है, लेकिन कई स्कूलों और इंटर कॉलेजों के परीक्षा केंद्र काफी दूर बना दिए गए हैं। जो आपत्तियां लगाई गई हैं, उनमें डालूहेडा केस्कूल का परीक्षा केंद्र करीब 20-25 किलोमीटर दूर भराला में है, इसी तरह फतेहपुर नारायण के स्कूल का सेंटर शुगर मिल में है। शाहपुर जदीद के जनता इंटर कॉलेज का केंद्र राम सहाय इंटर कॉलेज में लगाया गया है, जो करीब 25-30 से किलोमीटर दूर है। वहीं, होली चाइल्ड हायर सेकेंडरी स्कूल खानपुर के परीक्षार्थियों का केंद्र 20-25 किलोमीटर दूर परीक्षितगढ़ में बनाया गया है, जबकि सीएबी इंटर कॉलेज का सेंटर करीब 10-15 किलोमीटर दूर मोहिउद्दीनपुर में है। इनके अलावा राजेश पायलट इंटर कॉलेज, कृषक इंटर कॉलेज मवाना, सर्वोदय इंटर कॉलेज, आइडियल फलावदा, बाल विद्या मंदिर दौराला, संत विवेकानंद स्कूल शास्त्रीनगर, जीसीएस रोहटा, गांधी इंटर कॉलेज छुर्र, उत्तम विद्या मंदिर और स्टार अल्फला स्कूल आदि स्कूलों से भी दूर परीक्षा केंद्र बनाए जाने की आपत्तियां आई हैं।
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इतना ही नहीं, राहवती के इंटर कॉलेज में परीक्षार्थियों की क्षमता 350 है, वहां 550 परीक्षार्थियों का सेंटर लगा दिया गया है। इसी तरह डौरली में 500 परीक्षार्थियों की क्षमता है, जिसे 650 परीक्षार्थियों का केंद्र बना दिया गया है। परीक्षा केंद्रों की सूची देख कॉलेज संचालक प्रत्यावेदन और आपत्तियां दे रहे हैं। कुछ अपने विद्यालय को केंद्र बनाए जाने की मांग कर रहे हैं तो कुछ जो केंद्र बने हैं उनकी कमियां बता रहे हैं।
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बता दें कि मेरठ में इस बार यूपी बोर्ड की ओर से 108 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, पिछले साल 135 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इसके अलावा इस तरह केभी आरोप हैं कि कुछ स्कूलों ने धारण क्षमता जान बूझकर अधिक दिखाई है, ताकि उनकेविद्यालय को केंद्र बनाया जा सके। परीक्षा के दौरान उनकी वास्तविकता सामने आएगी।
ये हैं नियम
लड़कियों का परीक्षा केंद्र उनके विद्यालय से अधिकतम पांच किलोमीटर की दूरी पर बनाया जा सकता है।
लड़कों का परीक्षा केंद्र उनके विद्यालय से आठ किलोमीटर की दूरी पर बनाया जा सकता है।
जिन स्कूलों में मानक के विपरीत परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, उन सभी स्कूल संचालकोंकी ओर से आपत्तियां जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई हैं। जिलाधिकारी की समिति वाली कमेटी 25 नवंबर को इस संबंध में बैठक करेगी, जिसमें सभी समस्याओं को रखा जाएगा और इनका निस्तारण कराया जाएगा। - सरदार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
खास बात
यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों में नियमों का उड़ाया गया मजाक, विद्यालयों से आईं 76 आपत्तियां
कम क्षमता वाले केंद्र पर अधिक विद्यार्थियों का बना दिया सेंटर