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जानलेवा हुई धुंध, पनवाड़ी गांव में महिला समेत तीन की मौत
Updated Sun, 12 Nov 2017 01:58 AM IST
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मोदीपुरम। आसमान में बढ़ती धुंध अब मौत का कारण बन रही है। दौराला थाना क्षेत्र के पनवाड़ी गांव में 72 घंटे में एक के बाद एक तीन मौतें होने से गांव में हड़कंप मचा है। ग्रामीण इन मौतों का कारण बढ़ती जहरीली धुंध को मान रहे हैं। दावा है कि तीनों लोगों को सांस लेने में दिक्तत हुई और तीनों की अस्पताल में मौत हो गई।
पनवाड़ी गांव निवासी अंजुम के अनुसार उसकी मां को कोहरे में सांस लेने में परेशानी होने पर बृहस्पतिवार सुबह मोदीपुरम के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से एम्स दिल्ली रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान शुक्रवार रात मां की मौत हो गई। गांव निवासी कुलदीप ने बताया कि शुक्रवार को उनके पिता महावीर सिंह (85 वर्ष) खेत पर काम करने गए थे। दिन में भी धुंध का असर बढ़ा हुआ था। इस बीच तबियत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। वहीं, गांव निवासी नरेश कुमार ने बताया कि शनिवार दोपहर उनके पिता ओमकार (45 वर्ष) खाना खाने के बाद आराम कर रहे थे। तभी उनकी तबियत बिगड़ गई। उन्हें मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जहरीली धुंध से अंदेशा
गांव निवासी अमित चौधरी, संजय, सचिन, राजेंद्र, जितेंद्र, सतबीर प्रजापति, यशपाल, पद्म सिंह, भोलू, सतेंद्र आदि का मानना है कि ये तीनों मौतें बढ़ती जहरीले धुंध के कारण हुई हैं। इस समय धुंध का असर इस कदर बढ़ चुका है कि सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन इसके लिए गंभीर कदम उठाए।
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सांस के रोगी रहें सावधान
सीएचसी प्रभारी दौराला, डॉ. गजेंद्र सिंह का कहना है कि इन दिनों खेतों में पराली जलाने के कारण धुंध जैसे हालत हो जाते है। जिसका असर स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है। ऐसे मौसम में सांस के रोगियों को सावधान रहने की जरूरत है। इस धुएं से परेशानी हो सकती है, लेकिन इससे मौत होने का मामला समझ नहीं आ रहा है।
एनजीटी का फरमान बंद होंगी डिस्टलरी
मोदीपुरम। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने एनसीआर मेें डिस्टलरी बंद करने के आदेश दिए हैं। एनजीटी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि ऐसी डिस्टलरी यूनिट और यूनिटों को बंद किया जाए, जो प्रदूषण फैला रही हैं। केवल मानक पूरे करने वालीं यूनिटों को ही अनुमति दी जाए। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आरके त्यागी का कहना है कि एनजीटी के आदेशों के तहत कार्य किया जा रहा है। डिस्टलरी यूनिट के प्रबंधन को पत्र जारी किए गए हैं। ऐसी किसी भी यूनिट को बंद किया जाएगा जो प्रदूषण फैला रही हैं।
उधर, दौराला शुगर फैक्ट्री के महाप्रबंधक संजीव कुमार खाटियान का कहना है कि एनजीटी के आदेश की जानकारी मिली है। दौराला डिस्टलरी सभी मानक पूरे कर रही है। जिनके मानक पूरे हैं, उन्हें संचालन की अनुमति दी गई है।
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पनवाड़ी गांव निवासी अंजुम के अनुसार उसकी मां को कोहरे में सांस लेने में परेशानी होने पर बृहस्पतिवार सुबह मोदीपुरम के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से एम्स दिल्ली रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान शुक्रवार रात मां की मौत हो गई। गांव निवासी कुलदीप ने बताया कि शुक्रवार को उनके पिता महावीर सिंह (85 वर्ष) खेत पर काम करने गए थे। दिन में भी धुंध का असर बढ़ा हुआ था। इस बीच तबियत बिगड़ने पर परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। वहीं, गांव निवासी नरेश कुमार ने बताया कि शनिवार दोपहर उनके पिता ओमकार (45 वर्ष) खाना खाने के बाद आराम कर रहे थे। तभी उनकी तबियत बिगड़ गई। उन्हें मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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जहरीली धुंध से अंदेशा
गांव निवासी अमित चौधरी, संजय, सचिन, राजेंद्र, जितेंद्र, सतबीर प्रजापति, यशपाल, पद्म सिंह, भोलू, सतेंद्र आदि का मानना है कि ये तीनों मौतें बढ़ती जहरीले धुंध के कारण हुई हैं। इस समय धुंध का असर इस कदर बढ़ चुका है कि सांस लेने में भी परेशानी हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और प्रशासन इसके लिए गंभीर कदम उठाए।
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सांस के रोगी रहें सावधान
सीएचसी प्रभारी दौराला, डॉ. गजेंद्र सिंह का कहना है कि इन दिनों खेतों में पराली जलाने के कारण धुंध जैसे हालत हो जाते है। जिसका असर स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है। ऐसे मौसम में सांस के रोगियों को सावधान रहने की जरूरत है। इस धुएं से परेशानी हो सकती है, लेकिन इससे मौत होने का मामला समझ नहीं आ रहा है।
एनजीटी का फरमान बंद होंगी डिस्टलरी
मोदीपुरम। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने एनसीआर मेें डिस्टलरी बंद करने के आदेश दिए हैं। एनजीटी ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि ऐसी डिस्टलरी यूनिट और यूनिटों को बंद किया जाए, जो प्रदूषण फैला रही हैं। केवल मानक पूरे करने वालीं यूनिटों को ही अनुमति दी जाए। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आरके त्यागी का कहना है कि एनजीटी के आदेशों के तहत कार्य किया जा रहा है। डिस्टलरी यूनिट के प्रबंधन को पत्र जारी किए गए हैं। ऐसी किसी भी यूनिट को बंद किया जाएगा जो प्रदूषण फैला रही हैं।
उधर, दौराला शुगर फैक्ट्री के महाप्रबंधक संजीव कुमार खाटियान का कहना है कि एनजीटी के आदेश की जानकारी मिली है। दौराला डिस्टलरी सभी मानक पूरे कर रही है। जिनके मानक पूरे हैं, उन्हें संचालन की अनुमति दी गई है।